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केंद्रीय मंत्री की कोठी का किया घेराव
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:09 AM IST
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प्रदर्शन करती आशा वर्कर्स।
- फोटो : jind
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आशा वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को नारेबाजी करते हुए केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह कोठी का घेराव कर रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के खासमखास एडवोकेट ईश्वर सिंह श्योकंद ने मौके पर पहुंचकर आशा वर्करों को उनकी शिकायत मंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
आशा यूनियन की जिला प्रधान नीलम ने कहा कि सरकार अगर लंबित मांगें नहीं मानती तो 20 जनवरी को प्रदेशभर की आशा वर्कर्स आंदोलन करेंगी। कहा कि जल्द ही आशा वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब कोई आशा वर्कर्स सरकारी अस्पताल में आती है, तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता हैं। इन मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व सांसद रमेश कौशिक को मांगपत्र भेजा। आशा वर्कर ने कहा कि अगर समय रहते मांग नहीं मानी तो प्रदेश की आशा वर्कर्स आंदोलन करने पर मजबूर होंगी। इस अवसर पर बिमला, सावित्री, कविता व शीला मौजूद रहीं।
ये हैं मुख्य मांगें
1. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थाई बनाया जाए एवं बजट में पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए।
2. आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग का स्थायी कर्मचारी घोषित किया जाए व 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए।
3. केंद्र सरकार द्वारा तीन जनवरी 2014 को जारी किए गए पत्र अनुसार आशा वर्कर्स एक हजार रुपये तुरंत दिए जाए।
4. 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करते हुए सभी आशा वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा एवं इलाज सुविधा दी जाए और मातृत्व अवकाश भी दिया जाए।
5. नागरिक अस्पताल में सीएचसी, पीएचसी पर आशाओं के लिए रेस्ट रूम का प्रबंध किया जाए।
6. सभी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की मशीनें उपलब्ध करवाई जाए।
7. एंबुलेंस सेवा समय नहीं मिलती इसे दुरुस्त किया जाए।
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आशा यूनियन की जिला प्रधान नीलम ने कहा कि सरकार अगर लंबित मांगें नहीं मानती तो 20 जनवरी को प्रदेशभर की आशा वर्कर्स आंदोलन करेंगी। कहा कि जल्द ही आशा वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब कोई आशा वर्कर्स सरकारी अस्पताल में आती है, तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया जाता हैं। इन मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व सांसद रमेश कौशिक को मांगपत्र भेजा। आशा वर्कर ने कहा कि अगर समय रहते मांग नहीं मानी तो प्रदेश की आशा वर्कर्स आंदोलन करने पर मजबूर होंगी। इस अवसर पर बिमला, सावित्री, कविता व शीला मौजूद रहीं।
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ये हैं मुख्य मांगें
1. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थाई बनाया जाए एवं बजट में पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए।
2. आशा वर्करों को स्वास्थ्य विभाग का स्थायी कर्मचारी घोषित किया जाए व 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए।
3. केंद्र सरकार द्वारा तीन जनवरी 2014 को जारी किए गए पत्र अनुसार आशा वर्कर्स एक हजार रुपये तुरंत दिए जाए।
4. 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करते हुए सभी आशा वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा एवं इलाज सुविधा दी जाए और मातृत्व अवकाश भी दिया जाए।
5. नागरिक अस्पताल में सीएचसी, पीएचसी पर आशाओं के लिए रेस्ट रूम का प्रबंध किया जाए।
6. सभी सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की मशीनें उपलब्ध करवाई जाए।
7. एंबुलेंस सेवा समय नहीं मिलती इसे दुरुस्त किया जाए।