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Jind News: 20 लाख की लागत से बना लेबर शेड फांक रहा है धूल, सुविधा जीरो
Sun, 28 Sep 2025 11:51 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 28 Sep 2025 11:51 PM IST
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28जेएनडी 12: लेबरशेड में बने शौचालय की हालत। संवाद
जुलाना। कस्बे के हांसी रोड पर 2012 में 20 लाख रुपये की लागत से लेबर शेड का निर्माण किया गया था। लेबर शेड की हालत आज जर्जर हो चुकी है। मजदूरों को लेबर शेड में कोई सुविधा नहीं मिल रही। लेबर शेड अब उपेक्षा का शिकार होकर बदहाली की अवस्था में है।
यहां पर मजदूरों को बैठने, आराम करने और बारिश-धूप से बचाव की सुविधा देने के मकसद से इस शेड का निर्माण कराया गया था लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां सुविधा के नाम पर जीरो व्यवस्था है। शेड में बनाए गए शौचालयों की हालत भी बेहद खराब है। कई बार इसकी शिकायत नपा के अधिकारियों को भी की, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया।
जब सरकार करोड़ों रुपये की योजनाओं पर खर्च कर रही है तो आखिर उनका लाभ सीधे तौर पर आमजन और मजदूर वर्ग तक क्यों नहीं पहुंच पाता। जुलाना का यह लेबर शेड फिलहाल सरकारी योजनाओं की लापरवाही और उपेक्षा का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।
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उपयोग के अभाव में जर्जर होते जा रहे कमरे
शेड में न तो बिजली है, न पंखे और न ही पीने के पानी की कोई व्यवस्था। साफ-सफाई की हालत यह है कि जगह-जगह कचरा और गंदगी फैली रहती है। मजदूरों को मजबूरी में खुले आसमान के नीचे धूप और बरसात झेलनी पड़ती है। शेड में बने कमरे भी उपयोग के अभाव में जर्जर होते जा रहे हैं।
- सुभाष पांचाल, मजदूर नेता।
मजदूरों को नहीं कोई फायदा
लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद इसका कोई फायदा मजदूरों तक नहीं पहुंच रहा। मजदूरों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन ने इसकी देखभाल और रख-रखाव की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। योजना केवल कागजों पर ही सफल दिखाई दे रही है जबकि हकीकत में मजदूर वही पुराने हालात झेलने को मजबूर हैं।
-कामरेड सुलतान जांगड़ा।
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योजनाओं की सही तरीके से निगरानी की जाए
सरकार की नीतियों का फायदा उन्हें तभी मिलेगा जब इन योजनाओं की सही तरीके से निगरानी की जाए और सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। मजदूर वर्ग रोजाना मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालता है और अगर उनके लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिलेगा तो यह योजनाएं सिर्फ दिखावा बनकर रह जाएंगी।
- ईश्वर ठाकुर जुलाना।
मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं
जल्द से जल्द लेबर शेड की मरम्मत कर उसमें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यदि जल्द ही कदम नहीं उठाए गए तो मजदूर और ग्रामीण संयुक्त रूप से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
-- - दीनदयाल।
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लेबर शेड में अगर मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी हो रही है तो मौके पर जाकर मुआयना किया जाएगा। मजदूरों के लिए लेबर शेड में बिजली पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
-- - डॉ संजय जांगड़ा, चेयरमैन नपा जुलाना।
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यहां पर मजदूरों को बैठने, आराम करने और बारिश-धूप से बचाव की सुविधा देने के मकसद से इस शेड का निर्माण कराया गया था लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां सुविधा के नाम पर जीरो व्यवस्था है। शेड में बनाए गए शौचालयों की हालत भी बेहद खराब है। कई बार इसकी शिकायत नपा के अधिकारियों को भी की, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया।
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जब सरकार करोड़ों रुपये की योजनाओं पर खर्च कर रही है तो आखिर उनका लाभ सीधे तौर पर आमजन और मजदूर वर्ग तक क्यों नहीं पहुंच पाता। जुलाना का यह लेबर शेड फिलहाल सरकारी योजनाओं की लापरवाही और उपेक्षा का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।
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उपयोग के अभाव में जर्जर होते जा रहे कमरे
शेड में न तो बिजली है, न पंखे और न ही पीने के पानी की कोई व्यवस्था। साफ-सफाई की हालत यह है कि जगह-जगह कचरा और गंदगी फैली रहती है। मजदूरों को मजबूरी में खुले आसमान के नीचे धूप और बरसात झेलनी पड़ती है। शेड में बने कमरे भी उपयोग के अभाव में जर्जर होते जा रहे हैं।
- सुभाष पांचाल, मजदूर नेता।
मजदूरों को नहीं कोई फायदा
लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद इसका कोई फायदा मजदूरों तक नहीं पहुंच रहा। मजदूरों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रशासन ने इसकी देखभाल और रख-रखाव की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। योजना केवल कागजों पर ही सफल दिखाई दे रही है जबकि हकीकत में मजदूर वही पुराने हालात झेलने को मजबूर हैं।
-कामरेड सुलतान जांगड़ा।
योजनाओं की सही तरीके से निगरानी की जाए
सरकार की नीतियों का फायदा उन्हें तभी मिलेगा जब इन योजनाओं की सही तरीके से निगरानी की जाए और सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। मजदूर वर्ग रोजाना मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालता है और अगर उनके लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिलेगा तो यह योजनाएं सिर्फ दिखावा बनकर रह जाएंगी।
- ईश्वर ठाकुर जुलाना।
मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं
जल्द से जल्द लेबर शेड की मरम्मत कर उसमें सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यदि जल्द ही कदम नहीं उठाए गए तो मजदूर और ग्रामीण संयुक्त रूप से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
लेबर शेड में अगर मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी हो रही है तो मौके पर जाकर मुआयना किया जाएगा। मजदूरों के लिए लेबर शेड में बिजली पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।

28जेएनडी 12: लेबरशेड में बने शौचालय की हालत। संवाद

28जेएनडी 12: लेबरशेड में बने शौचालय की हालत। संवाद

28जेएनडी 12: लेबरशेड में बने शौचालय की हालत। संवाद

28जेएनडी 12: लेबरशेड में बने शौचालय की हालत। संवाद