फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   The history of Baba Jeevan Singh's sacrifice was shared with the congregation.

Jind News: बाबा जीवन सिंह जैता की कुर्बानी को समर्पित कीर्तन दरबार सजाया

Sun, 28 Dec 2025 11:57 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 28 Dec 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
The history of Baba Jeevan Singh's sacrifice was shared with the congregation.
28जेएनडी07: भाई जसबीर सिंह रमदसिया का रागी जत्था गुरबाणी गायन करते हुए। स्रोत: आयोजक - फोटो : रविवार की शाम होते ही घना कोहरा छा गया। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जींद। सुंदर नगर में बाबा जीवन सिंह वेलफेयर समिति ने रविवार को शहीद बाबा जीवन सिंह (जैता) की कुर्बानी को समर्पित कीर्तन दरबार सजाया। इसमें गुरुघर के हजूरी रागी व कथा प्रचारकों ने भाई जैता जी की कुर्बानी पर प्रकाश डाला।
गुरुघर के प्रवक्ता बलविंदर सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के आरंभ में सुखमनी सेवा सोसायटी की ओर से श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया गया। इसके बाद सिंह सभा गुरुद्वारा रेलवे जंक्शन के हैडग्रंथी भाई जसवंत सिंह ढिल्लो, बाबा जीवन सिंह की कुर्बानी के इतिहास को संगतों से रूबरू करवाया और बताया कि भाई जैता जी श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के साथ शहीद होने गए सिखों में से एक थे।
विज्ञापन

श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहीदी के उपरांत श्री गुरु गोबिंद साहिब जी ने जालिम सरकार के साथ टक्कर लेने के लिए पांच किले बनवाए थे। खालसा फौज का मुखय जरनैल अमर शहीद भाई जैता जी को बनाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाई जैता जी ने खालसा फौज का नेतृत्व करते हुए भंगाणी, आनंदपुर साहिब, सरसा एवं चमकौर साहिब के युद्धों में हिस्सा लिया। वह चमकौर साहिब की जंग में अपने बहादुरी के जौहर दिखाते हुए 1704 में शहीद हो गए थे।
कीर्तन दरबार में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डाॅ. कृष्ण मिड्ढा, नगर परिषद अध्यक्ष डा. अनुराधा सैनी, वाइस चेयरमैन अर्चना शर्मा ने शिरकत की। इस मौके पर उन्हें गुरुघर के सर्वोच्च सम्मान सिरपाओं से सम्मानित किया गया।
गुरुघर प्रवक्ता बलविंद्र सिंह ने बताया कि भाई जैता जी (बाद में भाई जीवन सिंह) गुरु तेग बहादुर जी के एक महान और निडर सिख थे। जो दिल्ली से गुरु जी का कटा हुआ शीश (सिर) आनंदपुर साहिब लाकर, उसे सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार के लिए लाने के लिए जाने जाते हैं। जिसके बाद गुरु गोबिंद सिंह जी ने उन्हें (रंगरेटा, गुरु का बेटा) कह कर सम्मानित किया था। जो उनकी बहादुरी और निष्ठा का प्रतीक है।

उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह की सेना में एक योद्धा के रूप में सेवा की और चमकौर के युद्ध में बलिदान हो गए। खालसा पंथ की स्थापना के बाद, उन्होंने अमृतपान किया और उनका नाम बदलकर भाई जीवन सिंह हो गया। इस अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि हरपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह, बाबा जीवन सिंह वेलफेयर समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे।

28जेएनडी07: भाई जसबीर सिंह रमदसिया का रागी जत्था गुरबाणी गायन करते हुए। स्रोत: आयोजक

28जेएनडी07: भाई जसबीर सिंह रमदसिया का रागी जत्था गुरबाणी गायन करते हुए। स्रोत: आयोजक- फोटो : रविवार की शाम होते ही घना कोहरा छा गया। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed