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Jind News: एचपीवी वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य विभाग करेगा जागरूक
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17जेएनडी25-नागरिक अस्पताल जींद। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब जागरूकता अभियान तेज करने की तैयारी में है। वैक्सीन लगवाने को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध देखने को मिला है। पंचायतों ने कहा कि बिना लिखित जिम्मेदारी के किशोरियों को टीका नहीं लगने देंगे।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठकों में डॉक्टर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और विशेषज्ञ वैक्सीन की सुरक्षा और फायदों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने इस संबंध में प्रधान चिकित्सा अधिकारी, डिप्टी सीएमओ एनएचएम, मेडिकल ऑफिसर, अर्बन नोडल अधिकारी को पत्र जारी किया है।
पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विरोध को दूर करने के लिए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी तरीका है जो भारत में महिलाओं के बीच होने वाले कैंसर का प्रमुख कारण है।
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केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर हाल ही में 14 वर्षीय किशोरियों के लिए मुफ्त एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। जींद में यह अभियान 28 फरवरी को शुरू किया गया था। वैक्सीन का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जो कि बच्चेदानी के मुंह का कैंसर है से सुरक्षित रखना है।
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक सामान्य संक्रमण है जो महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है और यही सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण बनता है। यह टीका एचपीवी संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करता है।
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जींद। जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य विभाग अब जागरूकता अभियान तेज करने की तैयारी में है। वैक्सीन लगवाने को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विरोध देखने को मिला है। पंचायतों ने कहा कि बिना लिखित जिम्मेदारी के किशोरियों को टीका नहीं लगने देंगे।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि ग्राम स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। बैठकों में डॉक्टर, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और विशेषज्ञ वैक्सीन की सुरक्षा और फायदों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने इस संबंध में प्रधान चिकित्सा अधिकारी, डिप्टी सीएमओ एनएचएम, मेडिकल ऑफिसर, अर्बन नोडल अधिकारी को पत्र जारी किया है।
पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विरोध को दूर करने के लिए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी तरीका है जो भारत में महिलाओं के बीच होने वाले कैंसर का प्रमुख कारण है।
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केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर हाल ही में 14 वर्षीय किशोरियों के लिए मुफ्त एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। जींद में यह अभियान 28 फरवरी को शुरू किया गया था। वैक्सीन का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जो कि बच्चेदानी के मुंह का कैंसर है से सुरक्षित रखना है।
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक सामान्य संक्रमण है जो महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है और यही सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण बनता है। यह टीका एचपीवी संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करता है।