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Jind News: ड्रग कंट्रोलर ने शहर में 15 दुकानों पर की दवाओं की जांच
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15जेएनडी18: केमिस्ट शॉप में प्रतिबंधित दवाइयों की जांच करते हुए जिला ड्रग कंट्रोलर गीता गोयल।
जींद। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) हरियाणा ने पशु चिकित्सा में प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिला में ड्रग कंट्रोलर गीता गोयल ने शहर में 15 दुकानों पर छापेमारी कर जांच की। हालांकि किसी भी दुकान पर प्रतिबंधित दवा नहीं मिली।
स्टेट ड्रग कंट्रोलर ललित गोयल की तरफ से मिले निर्देशों में कहा गया था कि जिलों में केमिस्ट शॉप की ओर से पशु उपयोग के लिए प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की शिकायत सामने आ रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए अभियान के तहत दुकानों की जांच कर बिक्री, भंडारण की जांच की गई।
प्रतिबंधित पशु चिकित्सा दवाओं की बिक्री पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई थी। इनमें डाइक्लोफेनाक (4 जुलाई 2008 से प्रतिबंधित), केटोप्रोफेन (31 जुलाई 2023 से प्रतिबंधित), एसेक्लोफेनाक (31 जुलाई 2023 से प्रतिबंधित) और निमेसुलाइड (30 दिसंबर 2024 से प्रतिबंधित) शामिल हैं।
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जिला ड्रग कंट्रोलर ने सफीदों रोड, गोहाना रोड, मुख्य बाजार, पटियाला चौक, नरवाना रोड, अमरहेड़ी रोड समेत अन्य कई स्थानों पर केमिस्ट शॉप की जांच की गई। मेडिकल स्टोर संचालकों को यह दवाएं नहीं रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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स्टेट ड्रग कंट्रोलर ललित गोयल की तरफ से मिले निर्देशों में कहा गया था कि जिलों में केमिस्ट शॉप की ओर से पशु उपयोग के लिए प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की शिकायत सामने आ रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए अभियान के तहत दुकानों की जांच कर बिक्री, भंडारण की जांच की गई।
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प्रतिबंधित पशु चिकित्सा दवाओं की बिक्री पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई थी। इनमें डाइक्लोफेनाक (4 जुलाई 2008 से प्रतिबंधित), केटोप्रोफेन (31 जुलाई 2023 से प्रतिबंधित), एसेक्लोफेनाक (31 जुलाई 2023 से प्रतिबंधित) और निमेसुलाइड (30 दिसंबर 2024 से प्रतिबंधित) शामिल हैं।
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जिला ड्रग कंट्रोलर ने सफीदों रोड, गोहाना रोड, मुख्य बाजार, पटियाला चौक, नरवाना रोड, अमरहेड़ी रोड समेत अन्य कई स्थानों पर केमिस्ट शॉप की जांच की गई। मेडिकल स्टोर संचालकों को यह दवाएं नहीं रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।