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बिना रोकटोक गुजरे वाहन चालक, किसानों ने टोल के पास ही टेंट लगाकर की रात के ठहराव की व्यवस्था
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खटकड़ टोल पर रात को रुकने के लिए लगाया गया टेंट।
- फोटो : Jind
जींद/ उचाना/ नरवाना। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के आह्वान पर जिले के किसानों ने शुक्रवार को खटकड़ व बद्दोवाल टोल प्लाजा को मुफ्त करवा दिया। बद्दोवाला टोल प्लाजा पर जहां रात एक बजे ही किसान पहुंच गए, वहीं खटकड़ टोल पर सुबह छह बजे एकजुट हो गए। किसानों की अपील पर टोल कर्मचारियों ने अपने कैबिन छोड़ते हुए अवरोध हटा दिए। इसके बाद दिन भर वाहन बिना टोल दिए गुजरते रहे। वहीं किसान अब 26 व 27 दिसंबर को भी टोल फ्री रखेंगे। इसके लिए टोल के पास ही टेंट लगाकर रात को ठहरने की व्यवस्था कर दी गई है।
बता दें कि बद्दोवाल टोल से प्रतिदिन करीब आठ हजार और खटकड़ टोल से करीब चार हजार वाहन निकलते हैं। वहीं दूसरी ओर सीटू कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए किसानों के आंदोलन के समर्थन की मांग भाजपा के विधायक डॉ. मिड्ढा से की। विधायक के नहीं होने पर उनके कार्यालय के स्टाफ को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं टोल पर किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान थाली बजाकर रोष जताया।
किसान संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार सुबह उचाना खुर्द निवासी सुरेंद्र श्योकंद, सुरेश श्योकंद के साथ किसान छह बजे ही खटकड़ टोल पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। किसान नेता आजाद पालवां, खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान, सुरेंद्र उचाना खुर्द, अनिल ने बताया कि प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान किसानों ने अपने टीवी को बंद रखा। नरेंद्र मोदी मन की बात करते हैं तो किसान आत्मा की बात करते हैं।
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इस दौरान किसानों ने कहा कि आज उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला मध्यस्थता की बात कर रहे हैं। जब पीपली में किसानों पर लाठी चली, तब वे कहां गए थे। किसानों ने कहा कि आंदोलन एक महीने से चल रहा है, लेकिन अब उन्हें यह बात समझ आई है। गौरतलब है कि खटकड़ टोल उचाना विधानसभा क्षेत्र में है और दुष्यंत चौटाला उचाना कलां से ही विधायक हैं। लोगों ने कहा कि हलके में जब भी उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह आएंगे तो उनका विरोध किया जाएगा।
किसान सभा व खेत मजदूर यूनियन ने दी अवरोध तोड़ने की चेतावनी, पुलिस ने किया रास्ता खाली
जींद में किसानों व मजदूरों ने भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा को ज्ञापन देने का कार्यक्रम बनाया था। जब किसान प्रदर्शन करते हुए मिड्ढा के निवास पर पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर गली बंद कर दी। इस पर किसानों ने चेतावनी दी कि वे बैरिकेड तोड़ कर मिड्ढा के घर तक जाएंगे तो पुलिस ने अवरोध हटा दिए। भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान रोहतास नगूरां ने कहा कि विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा अपना पक्ष रखें कि वह सरकार के साथ हैं या फिर किसानों के साथ। विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा की गैर हाजिरी में कर्मचारियों ने विधायक के भाई राजन मिड्ढा को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर राजकुमार, राजेंद्र राठी, वीरेंद्र मलिक, प्रताप नंबरदार, करतार, गुरदेव, रामफल दलाल, रणधीर, मोहित, संदीप मौजूद रहे।
आंदोलन में किसान की होगी जीत, सरकार को झुकना होगा : तंवर
कृषि कानूनों के खिलाफ यह लड़ाई वास्तव में विपक्ष की है, जो किसानों को लड़नी पड़ रही है। आंदोलन में किसानों की जीत होगी और सरकार को झुकना पड़ेगा। यह कहना है पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर का। वे शुक्रवार को ब्रह्मानंद आश्रम परिसर में आयोजित एक समारोह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। डॉ. तवंर ने कहा कि सोनीपत व रोहतक के सांसद, जो किसान हितैषी होने का दावा करते हैं और किसानों के सामने घड़ियाली आंसू बहाते हैं, जब यह बिल संसद में पास हो रहे थे, तब संसद को छोड़कर क्यों चले गए। उन्होंने कहा कि आज देश को मजबूत विकल्प की जरूरत है और कांग्रेस की अनुशासनहीनता कदाचित यह विकल्प नहीं दे सकती। इस मौके पर आश्रम संचालक रामस्वरूप ब्रह्मचारी व नरेश जांगड़ा मौजूद रहे।
आढ़तियों ने हड़ताल रख की नारेबाजी
कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन व आढ़तियों पर केस दर्ज करने के विरोध स्वरूप हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के आह्वान पर आढ़तियों ने हड़ताल रखी। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस मौके पर रमेश बराड़, राजेश गोस्वामी, अमन, बलवान कंडेला, अनिल रेढू, मनोज शर्मा, भीमसेन मित्तल, प्रेम मित्तल, जयनारायण, सतपाल सिंधु, वेदपाल मौजूद रहे। श्याम नगर कॉलोनी में नवसागर आयुर्वेदा संस्था की ओर से शुक्रवार को डॉ. रामप्रकाश मुदगिल की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। डॉ. मुदगिल ने कहा कि किसानों का खून देशभक्तों का खून है। किसान फसल तैयार करता है और देश की उन्नति में अपना सहयोग देता है।
पूर्व विधायक देशवाल ने किया किसानों का समर्थन
पूर्व विधायक जसबीर देशवाल ने प्रधानमंत्री से अपील की कि किसानों की मांगों को तुरंत पूरा किया जाए। पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत के दम पर पूरे देश का पेट भरता है और देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर है। इस मौके पर रामचंद्र देशवाल, रणबीर रोहिल्ला, सरदार गुरमीत, सुभाष गांगोली, बनी सिंह, नवीन मुनीम, बलराज धड़ौली, दिनेश जामनी, राजा मांडी, राय सिंह कालवा, ओम प्रकाश देशवाल, नफे सिंह पटवारी, रामपाल जामनी मौजूद रहे।
गतौली गांव से 20 वाहनों में दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हुए किसान
किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए गतौली गांव से 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत अन्य वाहनों में सैकड़ों किसान और ग्रामीण दिल्ली के टीकरी बॉर्डर के लिए रवाना हुए। आंदोलन कर रहे किसानों के सहयोग के लिए साढ़े चार लाख रुपये इकट्ठे किए गए। इस राशि से किसानों के लिए खाने का सामान, गर्म कपड़ों का इंतजाम किया जाएगा। किसान नेता नरेश ढांडा ने कहा कि सरकार पूरी तरह से अपने तानाशाही रवैये पर उतर आई है। सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़ राजधर्म निभाना चाहिए।
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बता दें कि बद्दोवाल टोल से प्रतिदिन करीब आठ हजार और खटकड़ टोल से करीब चार हजार वाहन निकलते हैं। वहीं दूसरी ओर सीटू कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए किसानों के आंदोलन के समर्थन की मांग भाजपा के विधायक डॉ. मिड्ढा से की। विधायक के नहीं होने पर उनके कार्यालय के स्टाफ को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं टोल पर किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान थाली बजाकर रोष जताया।
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किसान संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार सुबह उचाना खुर्द निवासी सुरेंद्र श्योकंद, सुरेश श्योकंद के साथ किसान छह बजे ही खटकड़ टोल पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। किसान नेता आजाद पालवां, खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान, सुरेंद्र उचाना खुर्द, अनिल ने बताया कि प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान किसानों ने अपने टीवी को बंद रखा। नरेंद्र मोदी मन की बात करते हैं तो किसान आत्मा की बात करते हैं।
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इस दौरान किसानों ने कहा कि आज उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला मध्यस्थता की बात कर रहे हैं। जब पीपली में किसानों पर लाठी चली, तब वे कहां गए थे। किसानों ने कहा कि आंदोलन एक महीने से चल रहा है, लेकिन अब उन्हें यह बात समझ आई है। गौरतलब है कि खटकड़ टोल उचाना विधानसभा क्षेत्र में है और दुष्यंत चौटाला उचाना कलां से ही विधायक हैं। लोगों ने कहा कि हलके में जब भी उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह आएंगे तो उनका विरोध किया जाएगा।
किसान सभा व खेत मजदूर यूनियन ने दी अवरोध तोड़ने की चेतावनी, पुलिस ने किया रास्ता खाली
जींद में किसानों व मजदूरों ने भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा को ज्ञापन देने का कार्यक्रम बनाया था। जब किसान प्रदर्शन करते हुए मिड्ढा के निवास पर पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर गली बंद कर दी। इस पर किसानों ने चेतावनी दी कि वे बैरिकेड तोड़ कर मिड्ढा के घर तक जाएंगे तो पुलिस ने अवरोध हटा दिए। भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान रोहतास नगूरां ने कहा कि विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा अपना पक्ष रखें कि वह सरकार के साथ हैं या फिर किसानों के साथ। विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा की गैर हाजिरी में कर्मचारियों ने विधायक के भाई राजन मिड्ढा को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर राजकुमार, राजेंद्र राठी, वीरेंद्र मलिक, प्रताप नंबरदार, करतार, गुरदेव, रामफल दलाल, रणधीर, मोहित, संदीप मौजूद रहे।
आंदोलन में किसान की होगी जीत, सरकार को झुकना होगा : तंवर
कृषि कानूनों के खिलाफ यह लड़ाई वास्तव में विपक्ष की है, जो किसानों को लड़नी पड़ रही है। आंदोलन में किसानों की जीत होगी और सरकार को झुकना पड़ेगा। यह कहना है पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर का। वे शुक्रवार को ब्रह्मानंद आश्रम परिसर में आयोजित एक समारोह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। डॉ. तवंर ने कहा कि सोनीपत व रोहतक के सांसद, जो किसान हितैषी होने का दावा करते हैं और किसानों के सामने घड़ियाली आंसू बहाते हैं, जब यह बिल संसद में पास हो रहे थे, तब संसद को छोड़कर क्यों चले गए। उन्होंने कहा कि आज देश को मजबूत विकल्प की जरूरत है और कांग्रेस की अनुशासनहीनता कदाचित यह विकल्प नहीं दे सकती। इस मौके पर आश्रम संचालक रामस्वरूप ब्रह्मचारी व नरेश जांगड़ा मौजूद रहे।
आढ़तियों ने हड़ताल रख की नारेबाजी
कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन व आढ़तियों पर केस दर्ज करने के विरोध स्वरूप हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के आह्वान पर आढ़तियों ने हड़ताल रखी। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस मौके पर रमेश बराड़, राजेश गोस्वामी, अमन, बलवान कंडेला, अनिल रेढू, मनोज शर्मा, भीमसेन मित्तल, प्रेम मित्तल, जयनारायण, सतपाल सिंधु, वेदपाल मौजूद रहे। श्याम नगर कॉलोनी में नवसागर आयुर्वेदा संस्था की ओर से शुक्रवार को डॉ. रामप्रकाश मुदगिल की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। डॉ. मुदगिल ने कहा कि किसानों का खून देशभक्तों का खून है। किसान फसल तैयार करता है और देश की उन्नति में अपना सहयोग देता है।
पूर्व विधायक देशवाल ने किया किसानों का समर्थन
पूर्व विधायक जसबीर देशवाल ने प्रधानमंत्री से अपील की कि किसानों की मांगों को तुरंत पूरा किया जाए। पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत के दम पर पूरे देश का पेट भरता है और देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर है। इस मौके पर रामचंद्र देशवाल, रणबीर रोहिल्ला, सरदार गुरमीत, सुभाष गांगोली, बनी सिंह, नवीन मुनीम, बलराज धड़ौली, दिनेश जामनी, राजा मांडी, राय सिंह कालवा, ओम प्रकाश देशवाल, नफे सिंह पटवारी, रामपाल जामनी मौजूद रहे।
गतौली गांव से 20 वाहनों में दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हुए किसान
किसान आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए गतौली गांव से 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत अन्य वाहनों में सैकड़ों किसान और ग्रामीण दिल्ली के टीकरी बॉर्डर के लिए रवाना हुए। आंदोलन कर रहे किसानों के सहयोग के लिए साढ़े चार लाख रुपये इकट्ठे किए गए। इस राशि से किसानों के लिए खाने का सामान, गर्म कपड़ों का इंतजाम किया जाएगा। किसान नेता नरेश ढांडा ने कहा कि सरकार पूरी तरह से अपने तानाशाही रवैये पर उतर आई है। सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़ राजधर्म निभाना चाहिए।

बद्दोवाल टोल प्लाजा पर धरने में बैठे किसान। संवाद।- फोटो : Jind

खटकड़ टोल पर थाली बजा कर प्रधानमंत्री के संबोधन का विरोध करते किसान। संवाद।- फोटो : Jind