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Jind News: जिले को लावारिस पशुओं व आवारा कुत्तों से बनाया जाएगा मुक्त
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16जेएनडी10: हुडा ग्राउंड में नगर परिषद के कर्मचारी आवारा कुत्तों को पकड़ते हुए। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले में लावारिस पशुओं (स्ट्रे कैटल) और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर व्यवस्थाओं को मजबूत करने व चल रहे कार्यों की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों के साथ वीसी की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद डीएमसी सुरेंद्र सिंह ने बैठक कर दिशा-निर्देश दिए। डीएमसी ने कहा कि दो दिन में शहर में नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे। अब तक नगर परिषद की ओर से चलाए गए अभियान के तहत 23 नवंबर से अब तक 1617 कुत्ते पकड़े गए हैं।
डीएमसी ने कहा कि लावारिस पशुओं की समस्या जन-सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और स्वच्छता से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए इससे जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों, कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और खेल स्टेडियम में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी आवारा पशु परिसर के अंदर प्रवेश न कर सके।
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इसके लिए चारदीवारी या फेंसिंग कराई जाए, टूटे हुए गेट ठीक कराया जाएं व आवश्यकतानुसार गेट कीपर तैनात किए जाएं। सभी संस्थानों में इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं। जिलास्तर पर जॉइंट टास्क फोर्स व जिला निगरानी कमेटी बना दी गई है। इसके तहत पूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समय-समय पर अपने कार्यों की रिपोर्ट दें, जिससे जिले को स्ट्रे कैटल फ्री बनाने की प्रगति की समीक्षा की जा सके।
आवारा कुत्तों की टैगिंग, टीकाकरण पर जोर
शहर में स्ट्रे कैटल और आवारा कुत्तों से संबंधित कार्य नगर परिषद और नगर पालिकाओं को सौंपा गया। गांवों में यह जिम्मेदारी पंचायत विभाग की होगी। साथ ही सभी विभागों को अपने-अपने कार्यालय परिसरों को स्ट्रे कैटल फ्री रखने के निर्देश दिए गए। आवारा कुत्तों की टैगिंग, टीकाकरण व भोजन-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल या बीमार पशुओं को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाए। रेस्क्यू टीम की सक्रियता बढ़ाई जाए व गोशालाओं के साथ बेहतर समन्वय बनाया जाए।
मवेशियों को हटाने के लिए चलेगा अभियान
लावारिस पशुओं और आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतें अक्सर यातायात बाधा, दुर्घटनाओं और आमजन को असुविधा का कारण बनती हैं। इसलिए शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए पुलिस और नगर परिषद संयुक्त अभियान चलाएंगी ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
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जींद। जिले में लावारिस पशुओं (स्ट्रे कैटल) और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर व्यवस्थाओं को मजबूत करने व चल रहे कार्यों की समीक्षा को लेकर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों के साथ वीसी की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद डीएमसी सुरेंद्र सिंह ने बैठक कर दिशा-निर्देश दिए। डीएमसी ने कहा कि दो दिन में शहर में नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे। अब तक नगर परिषद की ओर से चलाए गए अभियान के तहत 23 नवंबर से अब तक 1617 कुत्ते पकड़े गए हैं।
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डीएमसी ने कहा कि लावारिस पशुओं की समस्या जन-सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और स्वच्छता से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए इससे जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्कूलों, कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और खेल स्टेडियम में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी आवारा पशु परिसर के अंदर प्रवेश न कर सके।
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इसके लिए चारदीवारी या फेंसिंग कराई जाए, टूटे हुए गेट ठीक कराया जाएं व आवश्यकतानुसार गेट कीपर तैनात किए जाएं। सभी संस्थानों में इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएं। जिलास्तर पर जॉइंट टास्क फोर्स व जिला निगरानी कमेटी बना दी गई है। इसके तहत पूरी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग समय-समय पर अपने कार्यों की रिपोर्ट दें, जिससे जिले को स्ट्रे कैटल फ्री बनाने की प्रगति की समीक्षा की जा सके।
आवारा कुत्तों की टैगिंग, टीकाकरण पर जोर
शहर में स्ट्रे कैटल और आवारा कुत्तों से संबंधित कार्य नगर परिषद और नगर पालिकाओं को सौंपा गया। गांवों में यह जिम्मेदारी पंचायत विभाग की होगी। साथ ही सभी विभागों को अपने-अपने कार्यालय परिसरों को स्ट्रे कैटल फ्री रखने के निर्देश दिए गए। आवारा कुत्तों की टैगिंग, टीकाकरण व भोजन-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल या बीमार पशुओं को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाए। रेस्क्यू टीम की सक्रियता बढ़ाई जाए व गोशालाओं के साथ बेहतर समन्वय बनाया जाए।
मवेशियों को हटाने के लिए चलेगा अभियान
लावारिस पशुओं और आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतें अक्सर यातायात बाधा, दुर्घटनाओं और आमजन को असुविधा का कारण बनती हैं। इसलिए शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए पुलिस और नगर परिषद संयुक्त अभियान चलाएंगी ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।