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जिले को मिले 15 और चिकित्सक, दो साल ग्रामीण क्षेत्रों में देंगे सेवा
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नागरिक अस्पताल जींद।
- फोटो : Jind
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कोरोना संक्रमण काल में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को काफी मजबूती मिली है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग को 22 नए चिकित्सक मिल चुके हैं। 15 चिकित्सकों ने जहां सोमवार को ज्वाइन किया वहीं सात ने मार्च में ज्वाइन किया था। जिले मे 222 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। अब चिकित्सकों की संख्या 84 हो गई है। पहले से बेशक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा रेडियोलॉजिस्ट की अब भी कमी खल रही है।
नागरिक अस्पताल को बने हुए 45 वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी नहीं पूरी हुई। नागरिक अस्पताल 200 बेड का होने के बाद चिकित्सकों के पद भी बढ़ा दिए गए, मगर नियुक्ति नहीं हुई। नागरिक अस्पताल में इस समय 55 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां पर केवल 21 की कार्य कर रहे हैं। सोमवार को ज्वाइन करने वाले चिकित्सकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व नरवाना के नागरिक अस्पताल में ज्वाइन करवाया गया है। नियमों के अनुसार एक चिकित्सक को कम से कम दो वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्र में सेवाएं देना अनिवार्य है, इसलिए इन चिकित्सकों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व स्वास्थ्य केंद्रों में ही ज्वाइन किया है, ताकि पहले दो वर्ष यह लोग ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देकर इस नियम को पूरा कर सकें।
चार साल से नहीं रेडियोलॉजिस्ट
नागरिक अस्पताल जींद में चार वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। जिसकी वजह से अल्ट्रासाउंड की सुविधा लोगों को नहीं मिल रही। लोगों को अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। वहीं सबसे बड़ी समस्या गर्भवती महिलाओं को है। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने तीन निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ अनुबंध किया हुआ है। इस अनुबंध के आधार पर यह निजी अस्पताल कम रेट में प्रतिदिन केवल चार गर्भवती महिलाओं का ही अल्ट्रासाउंड करते हैं, जिसकी वजह से अल्ट्रासाउंड नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है।
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ईएनटी, त्वचा रोग विशेषज्ञ भी नहीं, फिजिशियन भी डेपुटेशन पर
जिले में त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं है। केवल एक फिजिशियन है। इस समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात फिजिशियन डॉ. नरेश वर्मा को नागरिक अस्पताल में डेपुटेशन पर बुलाया गया है। कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद से ही वह जींद के नागरिक अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं इस समय जिले में ईएनटी भी नहीं है। तीन वर्ष पहले ईएनटी का यहां से तबादला हो गया था। उसके बाद से कोई नहीं आया। विभिन्न नौकरियों के लिए अपना मेडिकल प्रमाण-पत्र बनवाने आने वाले युवाओं को ईएनटी जांच के लिए कैथल तथा आंखों की जांच के लिए नरवाना भेजा जाता है।
सोमवार को 15 नए चिकित्सकों को स्टेशन अलॉट कर दिए गए। चिकित्सकों की कमी कुछ हद तक कम हुई है। उम्मीद है कि जिले में ईएनटी, त्वचा रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट की कमी भी जल्द ही दूर हो जाएगी। कम चिकित्सकों के बावजूद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।
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नागरिक अस्पताल को बने हुए 45 वर्ष का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी नहीं पूरी हुई। नागरिक अस्पताल 200 बेड का होने के बाद चिकित्सकों के पद भी बढ़ा दिए गए, मगर नियुक्ति नहीं हुई। नागरिक अस्पताल में इस समय 55 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां पर केवल 21 की कार्य कर रहे हैं। सोमवार को ज्वाइन करने वाले चिकित्सकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व नरवाना के नागरिक अस्पताल में ज्वाइन करवाया गया है। नियमों के अनुसार एक चिकित्सक को कम से कम दो वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्र में सेवाएं देना अनिवार्य है, इसलिए इन चिकित्सकों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व स्वास्थ्य केंद्रों में ही ज्वाइन किया है, ताकि पहले दो वर्ष यह लोग ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं देकर इस नियम को पूरा कर सकें।
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चार साल से नहीं रेडियोलॉजिस्ट
नागरिक अस्पताल जींद में चार वर्ष से रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है। जिसकी वजह से अल्ट्रासाउंड की सुविधा लोगों को नहीं मिल रही। लोगों को अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। वहीं सबसे बड़ी समस्या गर्भवती महिलाओं को है। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने तीन निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ अनुबंध किया हुआ है। इस अनुबंध के आधार पर यह निजी अस्पताल कम रेट में प्रतिदिन केवल चार गर्भवती महिलाओं का ही अल्ट्रासाउंड करते हैं, जिसकी वजह से अल्ट्रासाउंड नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है।
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ईएनटी, त्वचा रोग विशेषज्ञ भी नहीं, फिजिशियन भी डेपुटेशन पर
जिले में त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं है। केवल एक फिजिशियन है। इस समय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात फिजिशियन डॉ. नरेश वर्मा को नागरिक अस्पताल में डेपुटेशन पर बुलाया गया है। कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद से ही वह जींद के नागरिक अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। वहीं इस समय जिले में ईएनटी भी नहीं है। तीन वर्ष पहले ईएनटी का यहां से तबादला हो गया था। उसके बाद से कोई नहीं आया। विभिन्न नौकरियों के लिए अपना मेडिकल प्रमाण-पत्र बनवाने आने वाले युवाओं को ईएनटी जांच के लिए कैथल तथा आंखों की जांच के लिए नरवाना भेजा जाता है।
सोमवार को 15 नए चिकित्सकों को स्टेशन अलॉट कर दिए गए। चिकित्सकों की कमी कुछ हद तक कम हुई है। उम्मीद है कि जिले में ईएनटी, त्वचा रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, रेडियोलॉजिस्ट की कमी भी जल्द ही दूर हो जाएगी। कम चिकित्सकों के बावजूद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन, जींद।