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Jind News: डेढ़ माह में 150 कुत्तों की मौत से पशु प्रेमियों में आक्रोश

Mon, 16 Feb 2026 12:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 16 Feb 2026 12:22 AM IST
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The death of 150 dogs in a month and a half has sparked outrage among animal lovers.
15जेएनडी07: शेल्टर होम में पिंजरे में बंद कुते। स्रोत : संगठन
जींद। शहर में आवारा कुत्तों के बधियाकरण को लेकर नगर परिषद विवाद में घिर गई है। रविवार को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और पशु प्रेमी डेढ़ माह के भीतर करीब 150 कुत्तों की मौत से आक्रोशित हो गए। इन्होंने कथित अनियमितताओं, दुर्व्यवहार, घोटाले के आरोपों को लेकर एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन किया। डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। इसका वीडियो पर वायरल हो रहा है।
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शहर में कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण करने की प्रक्रिया दो साल से चल रही है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस काम में तेजी तो लाई गई लेकिन कुत्तों की जिंदगी से बड़े स्तर पर खिलवाड़ किया गया। जीव प्रेमियों ने बताया कि एजेंसी की लापरवाही के कारण 100 से ज्यादा कुत्ते मरे हैं। इनको एजेंसी ने छिपाया है। कई जानवरों को भोजन भी नाममात्र दिया जा रहा। शेल्टर होम में तकरीबन 200 कुत्ते हैं। इसके कारण यह भूख से मर रहे हैं।
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गो सेवा दल के राष्ट्रीय संयोजक अतुल चौहान ने बताया कि उनकी संस्था काफी समय से दुर्घटनाग्रस्त गायों, कुत्तों और अन्य पशुओं का उपचार करती रही है। हाल के दिनों में उन्हें सूचना मिली कि शहर में कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर बड़े स्तर पर अनियमितता हुई है। आरोप है कि संबंधित संस्था ने नगर परिषद के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
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कई कुत्तों को पकड़ने का रिकॉर्ड मौजूद है लेकिन वास्तव में उतनी संख्या में बधियाकरण नहीं हुआ। बधियाकरण के बाद छोड़े गए कुत्तों की संख्या, स्थान और देखभाल से जुड़ा कोई स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। दावा किया कि बधियाकरण के बाद कई कुत्ते मृत पाए गए और उन्हें दफनाने के बजाय कुओं में फेंका गया। इस अवसर पर अनिल गौतम, सुरेंद्र, मुन्ना नायक, सोमबीर, अर्जुन, मनोज, प्रवेश, अमन और रोहित मौजूद रहे।
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इस संस्था द्वारा पहले भी बंदर पड़कने के ठेके में अनियमितताओं का आरोप लगा था। इसके बावजूद उसी संस्था को दोबारा कुत्तों की नसबंदी का कार्य सौंपा गया। अब तक पकड़े गए और नसबंदी किए गए सभी कुत्तों का पूरा रिकॉर्ड, फोटोग्राफी व वीडियो सहित सार्वजनिक करवाने की मांग की। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि ऑपरेशन के बाद उन्हें कितने दिन रखा गया, क्या भोजन दिया गया और किन स्थानों पर छोड़ा गया।
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पशुओं की उचित देखभाल नहीं की गई
नगर परिषद ने करीब दो वर्ष पहले नैन फाउंडेशन को बधियाकरण का ठेका दिया था। प्रत्येक कुत्ते पर लगभग 1170 रुपये खर्च निर्धारित था। आरोप है कि भुगतान होने के बावजूद पशुओं की उचित देखभाल नहीं की गई और बधियाकरण के नाम पर राशि उठाई जाती रही। शहर में कुत्तों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला पहले भी विवाद का कारण बन चुका है। इस पूरे प्रकरण पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी संज्ञान लेते हुए नगर परिषद के अधिकारियों से फोन पर बातचीत की थी। इसके बाद डीएमसी ने शनिवार को नैन फाउंडेशन का ठेका रद्द करने के निर्देश दिए हैं।

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जीव-जंतुओं के साथ किसी भी प्रकार का अमानवीय व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूरे प्रकरण की जल्द जांच कराई जाएगी और यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या संस्था की मनमानी पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. कृष्ण मिड्ढा, डिप्टी स्पीकर हरियाणा सरकार

15जेएनडी07: शेल्टर होम में पिंजरे में बंद कुते। स्रोत : संगठन

15जेएनडी07: शेल्टर होम में पिंजरे में बंद कुते। स्रोत : संगठन

15जेएनडी07: शेल्टर होम में पिंजरे में बंद कुते। स्रोत : संगठन

15जेएनडी07: शेल्टर होम में पिंजरे में बंद कुते। स्रोत : संगठन

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