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जिले को कोरोना मुक्त होने की राह में बाहर निकलने वाली भीड़ बन रही बाधक
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जिला कोरोना संक्रमण से मुक्त होने की राह पर अग्रसर है, लेकिन लोगों की लापरवाही इस पर भारी पड़ सकती है। लोग न तो मास्क का प्रयोग करते हैं और न ही शारीरिक दूरी के नियम का। जगह-जगह लगने वाली भीड़ फिर से लोगों की जान पर आफत ला सकती है। यदि कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया तो जिला फिर से कोरोना की चपेट में आ सकता है।
देश में फिलहाल कोरोना वायरस का न्या स्वरूप डेल्टा प्लस के रूप उभरकर सामने आ रहा। वायरस के इस स्वरूप को काफी खतरनाक बताया गया है। हरियाणा में भी डेल्टा प्लस ने दस्तक दे दी है। केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकारों को इस बारे में चेतावनी जारी करते हुए भीड़ जमा नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद लोग समझ नहीं रहे हैं। नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए आने वाले मरीज एक ओपीडी के सामने भीड़ के रूप में खड़े रहते हैं। इसके अलावा बाजारों में आने वाले लोग तो मास्क तक नहीं लगाते। बस स्टैंड पर भी टिकट लेने के लिए यात्री भीड़ के रूप में खड़े रहते हैं। प्रशासन द्वारा बार-बार अपील का इन लोगों पर कोई असर नहीं हो रहा है। यदि लोग इसी प्रकार लापरवाही करते रहे तो यह खतरनाक साबित हो सकता है।
98 लोगों की मिली रिपोर्ट
रविवार को स्वास्थ्य विभाग को 98 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट मिली। इनमें से कोई पॉजिटिव नहीं मिला। वहीं चार लोग ठीक हुए हैं। अब तक जिले में 21162 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 20615 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। जबकि 535 की मौत हो चुकी है। जिले में इस समय केवल 12 एक्टिव केस बचे हैं। यदि लोग लापरवाही करते रहे तो यह मामले और बढ़ सकते हैं।
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97.41 प्रतिशत पहुंचा रिकवरी रेट
जिले में दूसरी लहर के दौरान पहली बार रिकवरी रेट 97.41 प्रतिशत पहुंचा है। पहली लहर के दौरान जिले में रिकवरी रेट 99 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन इस बार मौत अधिक होने से यह 97.41 प्रतिशत पर पहुंचा है। जिले में मृत्यु दर 2.52 प्रतिशत है। जबकि संक्रमण की दर 7.85 प्रतिशत है, जोकि बहुत अधिक है।
लोगों से बार-बार कोरोना गाइडलाइन के पालन की अपील की जाती है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जो जान की हानि हुई है, उसके बाद तो लोगों को खुद ही सचेत होना चाहिए। लेकिन लोग लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। यह लापरवाही फिर से हमें काफी नुकसान पहुंचा सकती है। अभी संक्रमण खत्म नहीं हुआ है, इसलिए सावधान में ही बचाव है।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।
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देश में फिलहाल कोरोना वायरस का न्या स्वरूप डेल्टा प्लस के रूप उभरकर सामने आ रहा। वायरस के इस स्वरूप को काफी खतरनाक बताया गया है। हरियाणा में भी डेल्टा प्लस ने दस्तक दे दी है। केंद्र सरकार की तरफ से राज्य सरकारों को इस बारे में चेतावनी जारी करते हुए भीड़ जमा नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद लोग समझ नहीं रहे हैं। नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए आने वाले मरीज एक ओपीडी के सामने भीड़ के रूप में खड़े रहते हैं। इसके अलावा बाजारों में आने वाले लोग तो मास्क तक नहीं लगाते। बस स्टैंड पर भी टिकट लेने के लिए यात्री भीड़ के रूप में खड़े रहते हैं। प्रशासन द्वारा बार-बार अपील का इन लोगों पर कोई असर नहीं हो रहा है। यदि लोग इसी प्रकार लापरवाही करते रहे तो यह खतरनाक साबित हो सकता है।
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98 लोगों की मिली रिपोर्ट
रविवार को स्वास्थ्य विभाग को 98 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट मिली। इनमें से कोई पॉजिटिव नहीं मिला। वहीं चार लोग ठीक हुए हैं। अब तक जिले में 21162 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 20615 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। जबकि 535 की मौत हो चुकी है। जिले में इस समय केवल 12 एक्टिव केस बचे हैं। यदि लोग लापरवाही करते रहे तो यह मामले और बढ़ सकते हैं।
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97.41 प्रतिशत पहुंचा रिकवरी रेट
जिले में दूसरी लहर के दौरान पहली बार रिकवरी रेट 97.41 प्रतिशत पहुंचा है। पहली लहर के दौरान जिले में रिकवरी रेट 99 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन इस बार मौत अधिक होने से यह 97.41 प्रतिशत पर पहुंचा है। जिले में मृत्यु दर 2.52 प्रतिशत है। जबकि संक्रमण की दर 7.85 प्रतिशत है, जोकि बहुत अधिक है।
लोगों से बार-बार कोरोना गाइडलाइन के पालन की अपील की जाती है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जो जान की हानि हुई है, उसके बाद तो लोगों को खुद ही सचेत होना चाहिए। लेकिन लोग लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। यह लापरवाही फिर से हमें काफी नुकसान पहुंचा सकती है। अभी संक्रमण खत्म नहीं हुआ है, इसलिए सावधान में ही बचाव है।
डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।