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Jind News: सफाई के लिए किमी के हिसाब से होगा ठेका
Tue, 20 Aug 2024 02:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 20 Aug 2024 02:25 AM IST
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19जेएनडी33 : शहर में एक स्थान पर लगे कूड़े के ढेर। संवाद
जींद। शहर की स्वच्छता रैंकिंग बढ़ाने के लिए नगर परिषद ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। अब शहर में सफाई का ठेका किलोमीटर के हिसाब से दिया जाएगा। इसके लिए शहर को चार जोन में बांटा गया है। इसके टेंडर मंगलवार को खोले जाएंगे। इसके लिए नगर परिषद ने आवेदन आमंत्रित किए थे।
जो भी ठेकेदार ठेका लेगा, उसको हर 500 मीटर के क्षेत्र में एक सफाई कर्मचारी लगाना होगा। उठान के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का इंतजाम भी करना होगा। दिन और रात के समय भी सफाई करनी होगी। इन चारों में सफाई के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। नगर परिषद पहले ही सफाई कर्मचारियों के टाेटे से जूझ रही है। इसी कारण शहर की स्वच्छता रैंकिंग गड़बड़ा जाती है। शहर में 31 वार्ड हैं। इनमें केवल 194 सफाई कर्मचारी हैं। ऐसे में शहर की सही तरह से सफाई नहीं हो पाती। शहरवासी कई बार सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। एक बार पहले भी नगर परिषद ने सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की थी, लेकिन संख्या बढ़ नहीं पाई। शहर में प्रतिदिन 125 टन कचरा निकलता है। यह कचरा डोर-टू-डोर से उठाया जाता है। इसके लिए अलग से व्यवस्था है। जहां पर नगर परिषद की गाड़ियां व ट्रॉली नहीं पहुंच पाती, वहां पर ज्यादा समस्या होती है। लोग प्राइवेट रेहड़ी वालों को पैसे देकर कूड़ा उठवाते हैं।
स्वच्छता रैंकिंग में शहर को अव्वल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए अब शहर को चार जोन में बांटकर ठेका दिया जाएगा। यह ठेका प्रति किलोमीटर के हिसाब से दिया जाएगा। इससे शहर की सफाई अच्छी तरह से हो सकेगी और स्वच्छता रैंकिंग बढ़ेगी। इस बार काफी सड़कें नई बन चुकी हैं। स्वच्छता रैंकिंग अच्छी जाएगी। -अनिल कुमार, सीएसआई, नगर परिषद।
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जो भी ठेकेदार ठेका लेगा, उसको हर 500 मीटर के क्षेत्र में एक सफाई कर्मचारी लगाना होगा। उठान के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का इंतजाम भी करना होगा। दिन और रात के समय भी सफाई करनी होगी। इन चारों में सफाई के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। नगर परिषद पहले ही सफाई कर्मचारियों के टाेटे से जूझ रही है। इसी कारण शहर की स्वच्छता रैंकिंग गड़बड़ा जाती है। शहर में 31 वार्ड हैं। इनमें केवल 194 सफाई कर्मचारी हैं। ऐसे में शहर की सही तरह से सफाई नहीं हो पाती। शहरवासी कई बार सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग कर चुके हैं। एक बार पहले भी नगर परिषद ने सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की थी, लेकिन संख्या बढ़ नहीं पाई। शहर में प्रतिदिन 125 टन कचरा निकलता है। यह कचरा डोर-टू-डोर से उठाया जाता है। इसके लिए अलग से व्यवस्था है। जहां पर नगर परिषद की गाड़ियां व ट्रॉली नहीं पहुंच पाती, वहां पर ज्यादा समस्या होती है। लोग प्राइवेट रेहड़ी वालों को पैसे देकर कूड़ा उठवाते हैं।
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स्वच्छता रैंकिंग में शहर को अव्वल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए अब शहर को चार जोन में बांटकर ठेका दिया जाएगा। यह ठेका प्रति किलोमीटर के हिसाब से दिया जाएगा। इससे शहर की सफाई अच्छी तरह से हो सकेगी और स्वच्छता रैंकिंग बढ़ेगी। इस बार काफी सड़कें नई बन चुकी हैं। स्वच्छता रैंकिंग अच्छी जाएगी। -अनिल कुमार, सीएसआई, नगर परिषद।

19जेएनडी33 : शहर में एक स्थान पर लगे कूड़े के ढेर। संवाद
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