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Jind News: 20 लाख की लागत से बने लेबर शेड की हालत जर्जर
Mon, 03 Nov 2025 12:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 03 Nov 2025 12:46 AM IST
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02जेएनडी18: लेबर शेड की जर्जर हालत। संवाद
जुलाना। वर्ष 2012 में मजदूरों की सुविधा के लिए लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बनाया गया लेबर शेड अब जर्जर हो चुका है। कभी मजदूरों के आराम और बैठने के लिए तैयार की गई यह इमारत अब खतरे का कारण बन गई है।
शेड की छत से कंक्रीट के टुकड़े गिरने लगे हैं जिससे मजदूरों में डर का माहौल है। मजदूरों का कहना है कि बारिश के दौरान यहां पानी टपकता है और दीवारों पर सीलन जमी हुई है। ऐसे में मजदूरों को खुले में बैठकर इंतजार करना पड़ता है।
मजदूर नेता सुभाष पांचाल ने बताया कि लेबर शेड की हालत सुधारने के लिए करीब सात लाख 35 हजार रुपये का मसौदा भेजा जा चुका है लेकिन वह केवल कागजों में ही अटका पड़ा है। अधिकारियों द्वारा कई बार निरीक्षण करने के बावजूद अब तक कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
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मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि लेबर शेड की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बैठने की सुविधा मिल सके। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह जर्जर ढांचा कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकता है। लोगों का आरोप है कि योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
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शेड की छत से कंक्रीट के टुकड़े गिरने लगे हैं जिससे मजदूरों में डर का माहौल है। मजदूरों का कहना है कि बारिश के दौरान यहां पानी टपकता है और दीवारों पर सीलन जमी हुई है। ऐसे में मजदूरों को खुले में बैठकर इंतजार करना पड़ता है।
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मजदूर नेता सुभाष पांचाल ने बताया कि लेबर शेड की हालत सुधारने के लिए करीब सात लाख 35 हजार रुपये का मसौदा भेजा जा चुका है लेकिन वह केवल कागजों में ही अटका पड़ा है। अधिकारियों द्वारा कई बार निरीक्षण करने के बावजूद अब तक कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
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मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि लेबर शेड की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बैठने की सुविधा मिल सके। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह जर्जर ढांचा कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकता है। लोगों का आरोप है कि योजनाओं की घोषणा तो की जाती है, लेकिन रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।