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Jind News: नगर परिषद नरवाना की सीमा विस्तार का केस तैयार
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16जेएनडी20: तैयार किया गया नक्शा। फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। नगर परिषद द्वारा शहर की सीमा वृद्धि को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर किसी प्रकार की अंतिम मंजूरी या हरी झंडी नहीं मिली है, लेकिन नगर परिषद ने सीमा विस्तार का केस तैयार कर संबंधित विभागों को भेजने की तैयारी कर ली है।
इस केस के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी और उच्च स्तर से स्वीकृति मिलने ओर हाउस की मीटिंग के बाद ही सीमा विस्तार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नगर परिषद द्वारा तैयार किए गए केस के अनुसार डूमरखां कलां गांव का वह क्षेत्र जो जींद–पटियाला फ्लाईओवर के पास स्थित है, नगर परिषद की प्रस्तावित सीमा में शामिल किया जाना है।
इसमें खसरा नंबर 1 से 9 तक का एरिया शामिल हैं। इसके साथ ही रेवेन्यू रिकॉर्ड के अनुसार नरवाना के 137 खसरे भी प्रस्तावित सीमा विस्तार में जोड़े जाने का उल्लेख किया गया है। प्रस्तावित सीमा वृद्धि के तहत इस्माइलपुर रोड पर आजाद नगर से लेकर टोल प्लाजा तक का क्षेत्र नगर परिषद के दायरे में लाने की योजना है।
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वहीं टोल प्लाजा से जींद–पटियाला रोड स्थित रेस्ट हाउस तक का इलाका भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। रेस्ट हाउस से आगे बसंत बिहार, रामनगर, निरंकारी कॉलोनी, सुभाष नगर, धर्म सिंह कॉलोनी, प्रेम नगर होते हुए कुरुक्षेत्र रेलवे लाइन तक का एरिया प्रस्तावित किया गया है।
इसके अलावा ढाकल रोड की दिशा में कैनाल के पास नहर से पहले तक का क्षेत्र भी नगर परिषद की सीमा में शामिल करने का केस तैयार किया गया है। इस तरह कुल 2808 एकड़ क्षेत्र को नगर परिषद की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव दस्तावेजों में दर्शाया गया है। यह केवल प्रारंभिक प्रक्रिया है।
केस फाइल होने के बाद इसे संबंधित विभागों और सरकार के पास भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ही सीमा विस्तार लागू होगा। प्रस्तावित सीमा वृद्धि से भविष्य में इन क्षेत्रों को शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने, योजनाबद्ध विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। फिलहाल शहरवासियों की निगाहें अब इस केस पर होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।
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नगर परिषद द्वारा सीमा विस्तार को लेकर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए केस तैयार किया गया है। प्रस्ताव का उद्देश्य भविष्य की जरूरतों के अनुसार शहर का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना और नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना है। मंजूरी मिलने के बाद सीमा विस्तार से संबंधित क्षेत्रों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।– रविंद्र, जेई, नगर परिषद, नरवाना
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नरवाना। नगर परिषद द्वारा शहर की सीमा वृद्धि को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर किसी प्रकार की अंतिम मंजूरी या हरी झंडी नहीं मिली है, लेकिन नगर परिषद ने सीमा विस्तार का केस तैयार कर संबंधित विभागों को भेजने की तैयारी कर ली है।
इस केस के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी और उच्च स्तर से स्वीकृति मिलने ओर हाउस की मीटिंग के बाद ही सीमा विस्तार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नगर परिषद द्वारा तैयार किए गए केस के अनुसार डूमरखां कलां गांव का वह क्षेत्र जो जींद–पटियाला फ्लाईओवर के पास स्थित है, नगर परिषद की प्रस्तावित सीमा में शामिल किया जाना है।
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इसमें खसरा नंबर 1 से 9 तक का एरिया शामिल हैं। इसके साथ ही रेवेन्यू रिकॉर्ड के अनुसार नरवाना के 137 खसरे भी प्रस्तावित सीमा विस्तार में जोड़े जाने का उल्लेख किया गया है। प्रस्तावित सीमा वृद्धि के तहत इस्माइलपुर रोड पर आजाद नगर से लेकर टोल प्लाजा तक का क्षेत्र नगर परिषद के दायरे में लाने की योजना है।
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वहीं टोल प्लाजा से जींद–पटियाला रोड स्थित रेस्ट हाउस तक का इलाका भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। रेस्ट हाउस से आगे बसंत बिहार, रामनगर, निरंकारी कॉलोनी, सुभाष नगर, धर्म सिंह कॉलोनी, प्रेम नगर होते हुए कुरुक्षेत्र रेलवे लाइन तक का एरिया प्रस्तावित किया गया है।
इसके अलावा ढाकल रोड की दिशा में कैनाल के पास नहर से पहले तक का क्षेत्र भी नगर परिषद की सीमा में शामिल करने का केस तैयार किया गया है। इस तरह कुल 2808 एकड़ क्षेत्र को नगर परिषद की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव दस्तावेजों में दर्शाया गया है। यह केवल प्रारंभिक प्रक्रिया है।
केस फाइल होने के बाद इसे संबंधित विभागों और सरकार के पास भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ही सीमा विस्तार लागू होगा। प्रस्तावित सीमा वृद्धि से भविष्य में इन क्षेत्रों को शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने, योजनाबद्ध विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। फिलहाल शहरवासियों की निगाहें अब इस केस पर होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।
नगर परिषद द्वारा सीमा विस्तार को लेकर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए केस तैयार किया गया है। प्रस्ताव का उद्देश्य भविष्य की जरूरतों के अनुसार शहर का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना और नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना है। मंजूरी मिलने के बाद सीमा विस्तार से संबंधित क्षेत्रों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।– रविंद्र, जेई, नगर परिषद, नरवाना