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सरकार का किसान विरोधी चेहरा आ रहा है सामने : बीरेंद्र सिंह
Fri, 08 Aug 2025 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:52 PM IST
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08जेएनडी37-कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए होते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह। संवाद
उचाना। करसिंधु, गुरुकुल खेड़ा, घोघडिय़ां, काकड़ोद औरं मखंड गांव के किसान पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह से मिले। किसानों ने कहा कि वन एलए बरसोला माइनर एवं अन्य माइनरों में बरसाती मोगे लगाए जाए।
बरसाती मोगे की सालाना मंजूरी सरकार की ओर से दी जाती थी लेकिन इस बार सरकार कोई संज्ञान नहीं ले रही। किसी भी माइनर में बरसाती मोगे नहीं लगाए जा रहे हैं। इससे किसानों की फसल को भारी क्षति हो रही है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की सुध ले। बरसाती मोगे की हर साल मंजूरी सरकार देती थी लेकिन इस बार नहीं दे रही है। आज सभी डैम बारिश के पानी से भरे हुए हैं।
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राजौंद, अलेवा, असंध, नारनौद, जींद, नरवाना, कलायात, उकलाना, बरवाला, खेड़ी चौपटा सहित बांगर का कुछ क्षेत्र शामिल है। यहां पर बारिश का अभाव है, जबकि पूरे प्रदेश में बहुत अधिक बारिश है। इस कारण किसानों की फसल सूखने के कगार पर है। किसानों को फसल सूखने से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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बरसाती मोगे की सालाना मंजूरी सरकार की ओर से दी जाती थी लेकिन इस बार सरकार कोई संज्ञान नहीं ले रही। किसी भी माइनर में बरसाती मोगे नहीं लगाए जा रहे हैं। इससे किसानों की फसल को भारी क्षति हो रही है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की सुध ले। बरसाती मोगे की हर साल मंजूरी सरकार देती थी लेकिन इस बार नहीं दे रही है। आज सभी डैम बारिश के पानी से भरे हुए हैं।
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राजौंद, अलेवा, असंध, नारनौद, जींद, नरवाना, कलायात, उकलाना, बरवाला, खेड़ी चौपटा सहित बांगर का कुछ क्षेत्र शामिल है। यहां पर बारिश का अभाव है, जबकि पूरे प्रदेश में बहुत अधिक बारिश है। इस कारण किसानों की फसल सूखने के कगार पर है। किसानों को फसल सूखने से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।