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Jind News: 200 लीटर से अधिक डीजल देने वाले पंपों पर रहेगी प्रशासन की नजर

Sat, 20 Jun 2026 12:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 12:10 AM IST
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The administration will keep an eye on pumps that dispense more than 200 liters of diesel.
19जेएनडी28: शहर के एक पेट्रोल पंप पर लगी उपभोक्तओं की भीड़। संवाद
जींद। जिले में अवैध रूप से पेट्रोल और डीजल के भंडारण और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने जिले के सात केंद्रों पर विशेष टीमें गठित की हैं जो पेट्रोल पंपों, संदिग्ध वाहनों और औद्योगिक इकाइयों में डीजल के उपयोग की जांच करेंगी।
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अभियान की शुरुआत पंजाब सीमा से लगते क्षेत्रों से की जाएगी, जहां ईंधन की कालाबाजारी की अधिक संभावना जताई जा रही है। जिले में कुल 157 पेट्रोल पंप संचालित हैं। सभी पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि 200 लीटर से अधिक डीजल की बिक्री पर खरीददार का आधार कार्ड और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा।
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इसके अलावा भविष्य में पंपों की नियमित जांच भी की जाएगी। किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित पंप संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ स्थानों पर पेट्रोल और डीजल का अवैध भंडारण किया जा रहा है और कीमतों के अंतर का लाभ उठाकर नियमों की अनदेखी की जा रही है।
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इसी के मद्देनजर जींद, नरवाना, सफीदों, जुलाना, उचाना, अलेवा और पिल्लूखेड़ा में संयुक्त निरीक्षण टीमें बनाई गई हैं। इनमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक, एएफएसओ तथा अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है।
टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों की जांच करने, अवैध भंडारण की पहचान करने और संदिग्ध वाहनों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि औद्योगिक इकाइयों में किस प्रकार का डीजल इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि कहीं भी जमाखोरी, अवैध भंडारण या नियमों के विपरीत बिक्री पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बाक्स
प्रशासन ने सभी टीमों को अभियान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रतिदिन निर्धारित प्रपत्र में तैयार कर विभाग को भेजनी होगी। इस अभियान से अवैध ईंधन कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगेगा और उपभोक्ताओं को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। -राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जींद।
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