फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   tenants served notice to vacate land for vacant land

जमीन खाली करने के लिए वक्फ बोर्ड ने किरायेदारों को थमाया नोटिस

Mon, 02 Mar 2020 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2020 11:51 PM IST
विज्ञापन
tenants served notice to vacate land for vacant land
वक्फ बोर्ड के अधिकारियों और नए कानून की प्रतियां फूंकते किरायेदार। - फोटो : Jind
वक्फ बोर्ड कानून के विरोध में सोमवार को रानी तालाब पर वक्फ बोर्ड के किरायेदारों ने विरोध प्रदर्शन कर वक्फ बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर पुतला फूंका और संशोधित कानून की प्रतियां जलाईं।
विज्ञापन

किरायेदारों ने कहा कि वक्फ बोर्ड कानून की आड़ में वक्फ की जमीन के किरायेदारों से बिना किसी सुनवाई के मनमर्जी से किराया वसूला जा रहा है। इसे वह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। वक्फ बोर्ड के लैंड होल्डर्स ने मांग की कि इस कानून को निरस्त किया जाए। बाद में मांगों को लेकर ज्ञापन तहसीलदार मनोज अहलावत को सौंपा। प्रदर्शन से पहले वक्फ बोर्ड के लैंड होल्डर्स रानी तालाब स्थित नेहरू पार्क में एकत्रित हुए। रोष सभा का आयोजन किया गया। यहां
विज्ञापन

अतुल चौहान ने कहा कि हरियाणा वक्फ बोर्ड की जमीन पर 70 साल से किराए पर चली आ रही है। किराये वाली जमीनों पर विभाजन से पहले से किराएदारी चल रही है। विभाजन के बाद यह जमीन कस्टडियन के पास ट्रांसफ र कर दी गई थी। बाद में पंजाब सरकार के नोटिफिकेशन के तहत यह जमीन पंजाब वक्फ बोर्ड के नाम ट्रांसफर कर दी गई थी। अब यह जमीन हरियाणा वक्फ बोर्ड के नाम ट्रांसफर है। उन्होंने कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी लीज रूल-2014 के आने से पहले की यह जमीनें उनके पास हैं। बिना किसी रुकावट के समय-समय पर लीज आपसी राजीनामे से बढ़े हुए किराए पर रिन्यू कर दी जाती है। अब हरियाणा वक्फ बोर्ड ने नोटिस जारी किया है कि जिसके तहत उन्होंने अपनी किराये वाली जमीनें खाली करवाने की बात कही है। इस जमीन पर ओपन ऑक्शन होगा और किराया ऑक्शन से निर्धारित होगा। यह नोटिस पूरी तरह से गलत है। जिन नियम का हवाला इसमें दिया गया है वह गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी लीज रूल्ज 2014 सरकार द्वारा वक्फ विभाग को असंवैधानिक तरीके से अमीर बनाने के लिए बनाए गए हैं। जिससे एक विशेष वर्ग को राजनीतिक फायदा दिया जा सके। इसके अलावा सरकार द्वारा यह रूल बनाया गया तो कोई आपत्ति नहीं मांगी गई। इस अवसर पर अतुल चौहालन, संजय, स्वरूप, जितेंद्र, नरेश, गुरदीप कुमार, नवीन कुमार, संतोष, हरिकिशन और सविता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed