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चैत्र नवरात्र को लेकर सजे मंदिर, 6: 02 बजे से घट स्थापना का मुहूर्त

Mon, 08 Apr 2024 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Mon, 08 Apr 2024 11:26 PM IST
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Temples decorated for Chaitra Navratri, time of establishment from 6:02 pm
08जेएनडी20: नवरात्र पर्व को लेकर शहर में खरीददारी करती महिला श्रद्धालु। संवाद
जींद। चैत्र नवरात्र मंगलवार से शुरू होने जा रहा है। नवरात्र पर्व को लेकर बाजार मां भगवती को अर्पित किए जाने वाली सामग्री से सज गया है। प्रत्येक दुकान पर लाल चुनरी, नारियल, शृंगार, प्रसाद को देखा जा सकता है। इसके अलावा शहर के सभी मंदिरों के बाहर प्रसाद तथा फूलों की दुकानें भी सज गई हैं। श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना की सामग्री की खरीदारी करते देखा गया। नवरात्र के मद्देनजर जयंती देवी मंदिर, सोमनाथ मंदिर, प्राचीन भूतेश्वर मंदिर, रघुनाथ मंदिर, माता वैष्णवी धाम में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है। मूर्तियों का शृंगार किया गया है। श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए सेवादारों की ड्यूटी लगाई गई है।
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17 अप्रैल को समाप्त होगा नवरात्र
चैत्र नवरात्र के साथ हिंदूनव वर्ष की शुरुआत हो रही है। 17 अप्रैल को नवरात्र समाप्त होगा। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। शास्त्रों में नौ दिनों के नवरात्र को बेहद शुभ माना गया है।
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ऐसे करें कलश स्थापना

नौ अप्रैल को घट स्थापना की जाएगी। जिसका समय सुबह 06 बजकर दो मिनट से लेकर 10 बजकर 16 मिनट तक होगा। इसके साथ ही 11 बजकर 57 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक भी घटस्थापना का मुहूर्त होगा। श्रद्धालु इन दोनों शुभ मुहूर्त में घट स्थापना कर सकते हैं। श्रद्धालुओं को कलश की स्थापना मंदिर के उत्तर-पूर्व दिशा में करनी चाहिए और मां की चौकी लगाकर कलश को स्थापित करना चाहिए। सबसे पहले उस जगह को गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर लें। फिर लकड़ी की चौकी पर लाल रंग से स्वास्तिक बनाकर कलश को स्थापित करें। कलश में आम की पत्ती रखें और इसे जल या गंगाजल से भर दें। साथ में एक सुपारी, कुछ सिक्के, दूर्वा, हल्दी की एक गांठ कलश में डालें। कलश के मुख पर एक नारियल लाल वस्त्र से लपेट कर रखें। चावल यानी अक्षत से अष्टदल बनाकर मां दुर्गा की प्रतिमा रखें। इन्हें लाल या गुलाबी चुनरी ओढ़ा दें। कलश स्थापना के साथ अखंड दीपक की स्थापना भी की जाती है। कलश स्थापना के बाद मां शैलपुत्री की पूजा करें।
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नवरात्र पर्व को लेकर सभी तैयारियां पूरी : नवीन शास्त्री

जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि नवरात्र पर्व को लेकर सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर के अंदर रेलिंग तथा बाहर बेरिकेड्स लगाए गए हैं। असमाजिक तत्वों से निपटने के लिए पुलिस सुरक्षा का प्रबंध किया गया है। इस बार चैत्र नवरात्र के पहले दिन प्रतिपदा तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इस दिन अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण सुबह 7 बजकर 32 से होगा। यह दोनों योग संध्याकाल 5 बजकर 6 मिनट तक है। दोनों ही योग श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलदायी होंगे।
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