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Haryana: हाइड्रोजन इंजन का तकनीकी ट्रायल सफल, जींद में 12 के बाद ट्रैक पर ट्रेन दौड़ने की उम्मीद
Fri, 06 Feb 2026 10:04 AM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 06 Feb 2026 10:04 AM IST
सार
हाइड्रोजन ट्रेन को टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में इंजन को स्टार्ट और शटडाउन कर उसके प्रदर्शन को परखा। ट्रायल के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खामी सामने नहीं आई, जिसे रेलवे के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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हाइड्रोजन ट्रेन
- फोटो : संवाद
विस्तार
हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन का तकनीकी ट्रायल सफल हो गया है। रेलवे के लिए यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। तकनीकी ट्रायल के दौरान इंजन से जुड़े सभी प्रमुख सिस्टम संतोषजनक पाए गए। अब 12 फरवरी के बाद हाइड्रोजन ट्रेन को ट्रैक पर दौड़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। पिछले सप्ताह इंदौर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम ने भंभेवा रेलवे स्टेशन के पास इंजन की तकनीकी टेस्टिंग शुरू की थी। हाइड्रोजन इंजन की कार्यप्रणाली, सेफ्टी सिस्टम, प्रेशर कंट्रोल, गैस सप्लाई और इंजन के इलेक्ट्रिक कंट्रोल सिस्टम की गहन जांच की गई।
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टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में इंजन को स्टार्ट और शटडाउन कर उसके प्रदर्शन को परखा। ट्रायल के दौरान किसी भी तरह की तकनीकी खामी सामने नहीं आई, जिसे रेलवे के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। तकनीकी ट्रायल के बाद अब अगले चरण में ट्रैक ट्रायल की तैयारी की जा रही है। इसके तहत ट्रेन को सीमित गति से चलाकर ब्रेकिंग सिस्टम, स्पीड कंट्रोल और ट्रैक पर स्थिरता की जांच की जाएगी।
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यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो 12 फरवरी के बाद नियमित ट्रायल रन शुरू किया जा सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय उच्च अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल है और इससे प्रदूषण में कमी आएगी। डीजल इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन न केवल कम शोर करता है बल्कि इससे कार्बन उत्सर्जन भी शून्य के बराबर होता है। यही वजह है कि भारतीय रेलवे भविष्य में इस तकनीक को अन्य रूटों पर भी लागू करने की योजना बना रहा है।
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