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Jind News: मच्छरजनित रोगों से बचने के तरीके बताए
Thu, 16 Apr 2026 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 16 Apr 2026 12:10 AM IST
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15जेएनडी06: जाजवान गांव में ग्रामीणों को मच्छरजनित बीमारियों से बचने के उपाय बताते हुए स्वास्थ्
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जींद। उप स्वास्थ्य केंद्र जाजवान में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम और बचाव को लेकर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। एमपीएचडब्ल्यू सुशील शर्मा और रीनू शर्मा ने ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव और रोकथाम के प्रति जागरूक किया।
स्वास्थ्यकर्मी सुशील शर्मा ने कहा कि जैसे-जैसे तापमान में बदलाव आता है मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ने लगता है। मच्छर साफ ठहरे पानी में पनपते हैं। इसलिए बीमारियों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के जन्म स्थल को नष्ट करना है।
उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि वे घरों के आसपास, छतों पर रखे पुराने टायर, टूटे-फूटे बर्तन और खाली ड्रमों में पानी जमा न होने दें।
रीनू शर्मा ने ग्रामीणों को साप्ताहिक ड्राई डे का महत्व समझाया। सप्ताह में कम से कम एक दिन घर के सभी कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और पक्षियों के पीने के बर्तनों को पूरी तरह खाली कर उन्हें रगड़कर साफ करें और सुखाएं। ऐसा करने से मच्छरों के अंडे नष्ट हो जाते हैं और संक्रमण का चक्र टूट जाता है।
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उन्होंने बताया कि यदि किसी को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में जकड़न या शरीर पर चकत्ते दिखाई दें तो इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षणों की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर रक्त जांच करवानी चाहिए। इस अवसर पर कमलेश, राजकुमारी, बिमला,सुभाष, सुरेंद्र, दीपक, रोशनी मौजूद रहीं।
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स्वास्थ्यकर्मी सुशील शर्मा ने कहा कि जैसे-जैसे तापमान में बदलाव आता है मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ने लगता है। मच्छर साफ ठहरे पानी में पनपते हैं। इसलिए बीमारियों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के जन्म स्थल को नष्ट करना है।
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उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि वे घरों के आसपास, छतों पर रखे पुराने टायर, टूटे-फूटे बर्तन और खाली ड्रमों में पानी जमा न होने दें।
रीनू शर्मा ने ग्रामीणों को साप्ताहिक ड्राई डे का महत्व समझाया। सप्ताह में कम से कम एक दिन घर के सभी कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और पक्षियों के पीने के बर्तनों को पूरी तरह खाली कर उन्हें रगड़कर साफ करें और सुखाएं। ऐसा करने से मच्छरों के अंडे नष्ट हो जाते हैं और संक्रमण का चक्र टूट जाता है।
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उन्होंने बताया कि यदि किसी को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में जकड़न या शरीर पर चकत्ते दिखाई दें तो इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षणों की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर रक्त जांच करवानी चाहिए। इस अवसर पर कमलेश, राजकुमारी, बिमला,सुभाष, सुरेंद्र, दीपक, रोशनी मौजूद रहीं।