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Jind News: स्कूली बस में टैक्स-परमिट नहीं मिला, 27 हजार का किया चालान
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फोटो 17जेएनडी19-जुलाना क्षेत्र में स्कूली बस का निरीक्षण करती आरटीए कार्यालय की टीम। स्रोत कर्म
जींद। जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की टीम ने गुरुवार को जुलाना क्षेत्र में स्कूली बसों की जांच का अभियान चलाया। छह स्कूलों में 13 बसों की जांच की गई। एक बस में टैक्स, परमिट, पीयूसी और फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिला। इस पर टीम ने 27 हजार रुपये का चालान कर बस को इंपाउंड कर दिया।
परिवहन विभाग की ओर से विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर गुरुवार स्कूली बसों की जांच की जा रही है। स्कूली बसों की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय से इंस्पेक्टर और एमवीआई, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का एक प्रतिनिधि शामिल रहता है।
टीम बसों में रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, फर्स्ट एड बॉक्स समेत अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करती है। चालक और परिचालक के लाइसेंस, बस का परमिट, चालक का हैवी लाइसेंस, इंश्योरेंस और पीयूसी भी जांची जाती है।
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अभियान के दौरान दस सितंबर को स्कूली बसों की जांच नहीं हो सकी थी। वहीं तीन सितंबर को जुलाना क्षेत्र के पांच स्कूलों में चार बसों की जांच की गई थी। इस दौरान एक बस में इंश्योरेंस और फर्स्ट एड बॉक्स की कमी मिलने पर तीन हजार रुपये का चालान किया गया था। इससे पहले 27 अगस्त को जुलाना ब्लॉक के चार स्कूलों की 14 बसों की जांच की गई थी। उस दौरान सभी बसों में निर्धारित मानक पूरे मिले थे, इसलिए कोई चालान नहीं किया गया था।
वर्जन
यह अभियान लगातार जारी रहेगा। स्कूली बसों की जांच हर गुरुवार की जाती है। इस सप्ताह एक बस को इंपाउंड कर 27 हजार रुपये का चालान किया है। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद
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परिवहन विभाग की ओर से विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर गुरुवार स्कूली बसों की जांच की जा रही है। स्कूली बसों की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय से इंस्पेक्टर और एमवीआई, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का एक प्रतिनिधि शामिल रहता है।
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टीम बसों में रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, फर्स्ट एड बॉक्स समेत अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करती है। चालक और परिचालक के लाइसेंस, बस का परमिट, चालक का हैवी लाइसेंस, इंश्योरेंस और पीयूसी भी जांची जाती है।
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अभियान के दौरान दस सितंबर को स्कूली बसों की जांच नहीं हो सकी थी। वहीं तीन सितंबर को जुलाना क्षेत्र के पांच स्कूलों में चार बसों की जांच की गई थी। इस दौरान एक बस में इंश्योरेंस और फर्स्ट एड बॉक्स की कमी मिलने पर तीन हजार रुपये का चालान किया गया था। इससे पहले 27 अगस्त को जुलाना ब्लॉक के चार स्कूलों की 14 बसों की जांच की गई थी। उस दौरान सभी बसों में निर्धारित मानक पूरे मिले थे, इसलिए कोई चालान नहीं किया गया था।
वर्जन
यह अभियान लगातार जारी रहेगा। स्कूली बसों की जांच हर गुरुवार की जाती है। इस सप्ताह एक बस को इंपाउंड कर 27 हजार रुपये का चालान किया है। -बलजीत सिंह, निरीक्षक, आरटीए कार्यालय जींद