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सीएए में नागरिक देने की बात, छीनने की नहीं : डीपी वत्स
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जींद में पत्रकारों से बातचीत करते राज्यसभा सांसद जनरल डीपी वत्स।
- फोटो : Jind
राज्य सभा सांसद व सेवानिवृत्त जनरल डीपी सत्स ने कहा कि सीएए के नाम पर विपक्षी दल लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सीएए में सिर्फ नागरिक देने की बात है, किसी की नागरिकता छीनने की नहीं। हां इसमें प्राथमिकता उन लोगों को दी गई है, जो पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यक होने के कारण पीड़ित रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग पहले नागरिकता संशोधन कानून की मांग कर रहे थे, आज वे विरोध कर रहे हैं।
वीरवार को एक निजी स्कूल में भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सेमिनार में भाग लेने पहुंचे जनरल वत्स ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्यसभा में खुद इसकी मांग की थी। इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इससे पहली सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून की मांग की थी। आज इसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी की मदद करने के लिए जरूर है, लेकिन किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, उनको सीएए के बारे में जानकारी ही नहीं है।
हम भर रहे हैं कांग्रेस के गड्ढे
इस दौरान जनरल वत्स ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय कई ऐसे फैसले हुए, जिसके चलते आज ऐसी स्थिति बनी है। खुद सरदार पटेल ने भी पूरा कश्मीर वापस लेने तक यूएनओ में नहीं जाने के लिए प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को कहा था, लेकिन वे यूनएनओ में चले गए। इसके अलावा तिब्बत की समस्या भी कांग्रेस की देन है।
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भारत पर भी पड़ेगा अमेरिका-ईरान विवाद का असर
जनरल वत्स ने कहा कि आजकल किसी भी युद्ध का असर पूरी दुनिया के देशों पर पड़ता है। यदि परमाणु हथियार का प्रयोग होता है तो इससे हमला झेलने वाले देश के आसपास के देशों पर भी पड़ता है। इसका असर व्यवसाय पर भी पड़ता है। ऐसे में भारत पर भी इसका असर पड़ेगा।
हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव की होगी मांग
राज्यसभा सांसद जनरल डीपी वत्स ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव के लिए लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है। इसमें राज्य सरकार भी बदलाव कर सकती हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार से मांग की जाएगी कि इसमें बदलाव हो। गौरतलब है कि खाप पंचायतें समगोत्र व साथ लगते गांवों में शादी का विरोध कर रही हैं। इस मामले में खुद जनरल वत्स भी शामिल रहे हैं।
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वीरवार को एक निजी स्कूल में भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सेमिनार में भाग लेने पहुंचे जनरल वत्स ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्यसभा में खुद इसकी मांग की थी। इसके अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इससे पहली सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून की मांग की थी। आज इसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी की मदद करने के लिए जरूर है, लेकिन किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, उनको सीएए के बारे में जानकारी ही नहीं है।
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हम भर रहे हैं कांग्रेस के गड्ढे
इस दौरान जनरल वत्स ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के समय कई ऐसे फैसले हुए, जिसके चलते आज ऐसी स्थिति बनी है। खुद सरदार पटेल ने भी पूरा कश्मीर वापस लेने तक यूएनओ में नहीं जाने के लिए प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को कहा था, लेकिन वे यूनएनओ में चले गए। इसके अलावा तिब्बत की समस्या भी कांग्रेस की देन है।
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जनरल वत्स ने कहा कि आजकल किसी भी युद्ध का असर पूरी दुनिया के देशों पर पड़ता है। यदि परमाणु हथियार का प्रयोग होता है तो इससे हमला झेलने वाले देश के आसपास के देशों पर भी पड़ता है। इसका असर व्यवसाय पर भी पड़ता है। ऐसे में भारत पर भी इसका असर पड़ेगा।
हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव की होगी मांग
राज्यसभा सांसद जनरल डीपी वत्स ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव के लिए लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है। इसमें राज्य सरकार भी बदलाव कर सकती हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार से मांग की जाएगी कि इसमें बदलाव हो। गौरतलब है कि खाप पंचायतें समगोत्र व साथ लगते गांवों में शादी का विरोध कर रही हैं। इस मामले में खुद जनरल वत्स भी शामिल रहे हैं।