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पानी निकासी की समस्या से निपटने के लिए उठाएं जरूरी कदम
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Updated Thu, 21 Jul 2016 11:55 PM IST
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डीसी विनय सिंह ने बरसात में पानी निकासी की समस्या से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सीवरेज, नालों और ड्रेनों की सफाई कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। सीवरेज निकासी के कार्य में कोताही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीसी विनय सिंह ने बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय के सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों की अध्यक्षता करते हुए कहा कि बरसाती मौसम में आमजन को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अधिकारी समय रहते सभी नालों, ड्रेनों और सीवरों की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। अधिक जलभराव की स्थिति से निपटनेे के लिए पानी निकासी के लिए स्थापित पंप सेटों पर बिजली के अतिरिक्त डीजल पंप सेटों की व्यवस्था भी करें। डीसी ने बैठक में नगर परिषद के अधिकारियों को लोगों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए शहर व कस्बों में स्थलों का चयन करें, ताकि इन स्थलों पर जल्द शौचालयों का निर्माण करवाया जा सके। 10 अगस्त तक सभी ऐसे स्थलों की सूची तैयार हो जानी चाहिए, जहां शौचालयों का निर्माण करवाया जाना है। शहर में फिलहाल सात सार्वजनिक शौचालय बने हैं। नगर परिषद के अधिकारियों ने डीसी को बताया कि शहर की पुरानी अनाज मंडी और काठ मंडी में दो सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण भी जल्द करवा दिया जाएगा। डीसी ने इसी प्रकार से नरवाना, जुलाना, उचाना, पिल्लूखेड़ा, अलेवा में शौचालयों के वर्तमान हालात के बारे में समीक्षा की।
पचास गांव खुले में शौच से मुक्त
डीसी ने कहा कि जिले को अगले साल 31 मार्च तक खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संबंधित अधिकारी गंभीरता से प्रयास करें। जिन घरों में शौचालय निर्माण अब तक नहीं हुआ है उन घरों में शौचालय निर्माण करवाना सुनिश्चित करें। जिला में अब तक लगभग 50 गांव खुले में शौच की प्रथा से मुक्त हो चुके हैं। खुले में शौच की प्रथा से मुक्त करने के लिए कई ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव और मिलें है। जल्द ही स्वच्छता कमेटी द्वारा इन गांवों का दौरा भी किया जाएगा। बैठक में एडीसी आमना तस्नीम, सफीदों के एसडीएम बलराज जाखड, जींद के एसडीएम योगेश कुमार मेहता, सीटीएम डॉ. किरण मौजूद थे।
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पचास गांव खुले में शौच से मुक्त
डीसी ने कहा कि जिले को अगले साल 31 मार्च तक खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संबंधित अधिकारी गंभीरता से प्रयास करें। जिन घरों में शौचालय निर्माण अब तक नहीं हुआ है उन घरों में शौचालय निर्माण करवाना सुनिश्चित करें। जिला में अब तक लगभग 50 गांव खुले में शौच की प्रथा से मुक्त हो चुके हैं। खुले में शौच की प्रथा से मुक्त करने के लिए कई ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव और मिलें है। जल्द ही स्वच्छता कमेटी द्वारा इन गांवों का दौरा भी किया जाएगा। बैठक में एडीसी आमना तस्नीम, सफीदों के एसडीएम बलराज जाखड, जींद के एसडीएम योगेश कुमार मेहता, सीटीएम डॉ. किरण मौजूद थे।
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