फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Surveillance in villages will be stepped up to curb foetal sex determination.

Jind News: भ्रूण लिंग जांच रोकने के लिए गांवों में बढ़ेगी निगरानी

Fri, 02 Oct 2026 02:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2026 02:12 AM IST
विज्ञापन
Surveillance in villages will be stepped up to curb foetal sex determination.
फोटो 7 नरवाना। भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने को लेकर जागरूक कैंप लगाते हुए
नरवाना। भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव स्तर पर निगरानी और जागरूकता बढ़ाने की मुहिम तेज कर दी है। वीरवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सींसर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत बैठक हुई।
विज्ञापन

एसएमओ डॉ. रजनीश ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूक करें। उन्होंने बताया कि यदि किसी गांव में कोई व्यक्ति गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच करवाता है या एमटीपी किट बेचता है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन नंबर 870-888-6583 पर दी जा सकती है।
विज्ञापन

सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। सही सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
बैठक में ढाकल, हथो, सिंहवाल और सींसर उप स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों ने भाग लिया। किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण, एनसीडी, निरोगी हरियाणा, आभा आईडी, सेवा संकल्प अभियान और पीएमएसएमए कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या अपराध है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं कर्मचारियों से कहा है कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाकर पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाना सुनिश्चित करवाना है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed