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Jind News: सुनील जागलान को ग्लोबल समिट में मिला गार्जियंस ऑफ ह्यूमैनिटी अवॉर्ड
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26जेएनडी02: सुनील जागलान को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ग्लोबल समिट-2026 म
जींद। बेटियों के सम्मान और महिलाओं के अधिकारों के लिए बीबीपुर गांव से शुरू हुई मुहिम को अब वैश्विक मंच पर पहचान मिली है। सामाजिक कार्यकर्ता व सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ग्लोबल समिट-2026 में गार्जियंस ऑफ ह्यूमैनिटी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
माउंट आबू में आयोजित चार दिवसीय सम्मेलन में उन्हें यह सम्मान महिला व बाल अधिकारों के क्षेत्र में 16 वर्षों से किए जा रहे कार्यों के लिए प्रदान किया गया। सम्मेलन में 140 से अधिक देशों के पांच हजार से ज्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें शांति, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और मानवीय मूल्यों के लिए काम करने वाले प्रतिनिधि शामिल थे।
सुनील जागलान को राजयोगिनी जयंति दीदी ने सम्मानित किया। संस्थान के अनुसार, जमीनी स्तर पर मानवता, समानता और करुणा को बढ़ावा देने वाले लोगों को यह अवॉर्ड दिया जाता है। जागलान के उन प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की गई, जिनके माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को महिला अधिकारों के प्रति जागरूक करने का काम किया गया।
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सामाजिक बदलाव की मुहिम को दी नई दिशा
सुनील जागलान ने बीबीपुर गांव से ‘बेटी बचाओ’ और ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान शुरू कर सामाजिक बदलाव की मुहिम को नई पहचान दी। इसके बाद उन्होंने बेटियों के नाम की नेमप्लेट, पीरियड चार्ट, गाली बंद घर, लाडो पंचायत और बाल आजादी जैसे अभियानों के माध्यम से लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण की दिशा में प्रयास किए। जागलान के अनुसार, इन पहलों से देशभर में एक लाख से अधिक ग्राम पंचायतें जुड़ चुकी हैं।
बेटियों और महिलाओं के संघर्ष को समर्पित है सम्मान : जागलान
सुनील जागलान ने कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर वह वर्षों से काम कर रहे हैं, उसके लिए सम्मान मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था ने करीब 90 वर्ष पहले ही महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाकर एक मिसाल कायम की थी। उन्होंने इस सम्मान को उन सभी बेटियों और महिलाओं को समर्पित किया, जिनके अधिकारों, सम्मान और समानता के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं।
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माउंट आबू में आयोजित चार दिवसीय सम्मेलन में उन्हें यह सम्मान महिला व बाल अधिकारों के क्षेत्र में 16 वर्षों से किए जा रहे कार्यों के लिए प्रदान किया गया। सम्मेलन में 140 से अधिक देशों के पांच हजार से ज्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें शांति, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और मानवीय मूल्यों के लिए काम करने वाले प्रतिनिधि शामिल थे।
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सुनील जागलान को राजयोगिनी जयंति दीदी ने सम्मानित किया। संस्थान के अनुसार, जमीनी स्तर पर मानवता, समानता और करुणा को बढ़ावा देने वाले लोगों को यह अवॉर्ड दिया जाता है। जागलान के उन प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की गई, जिनके माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को महिला अधिकारों के प्रति जागरूक करने का काम किया गया।
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सामाजिक बदलाव की मुहिम को दी नई दिशा
सुनील जागलान ने बीबीपुर गांव से ‘बेटी बचाओ’ और ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान शुरू कर सामाजिक बदलाव की मुहिम को नई पहचान दी। इसके बाद उन्होंने बेटियों के नाम की नेमप्लेट, पीरियड चार्ट, गाली बंद घर, लाडो पंचायत और बाल आजादी जैसे अभियानों के माध्यम से लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण की दिशा में प्रयास किए। जागलान के अनुसार, इन पहलों से देशभर में एक लाख से अधिक ग्राम पंचायतें जुड़ चुकी हैं।
बेटियों और महिलाओं के संघर्ष को समर्पित है सम्मान : जागलान
सुनील जागलान ने कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर वह वर्षों से काम कर रहे हैं, उसके लिए सम्मान मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था ने करीब 90 वर्ष पहले ही महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाकर एक मिसाल कायम की थी। उन्होंने इस सम्मान को उन सभी बेटियों और महिलाओं को समर्पित किया, जिनके अधिकारों, सम्मान और समानता के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं।