{"_id":"66218cf7bc2a4657950969b4","slug":"sumit-of-chandpur-will-do-phd-in-agricultural-science-in-australia-jind-news-c-199-1-jnd1001-115895-2024-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: चांदपुर के सुमित कृषि विज्ञान में ऑस्ट्रेलिया में करेंगे पीएचडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: चांदपुर के सुमित कृषि विज्ञान में ऑस्ट्रेलिया में करेंगे पीएचडी
Fri, 19 Apr 2024 02:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 19 Apr 2024 02:43 AM IST
विज्ञापन
18जेएनडी07: चांदपुर गांव निवासी सुमित अपने माता-पिता के साथ। संवाद
अलेवा। चांदपुर गांव के रहने वाले सुमित ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड विश्वविद्यालय में कृषि विज्ञान में पीएचडी करेंगे। इसके लिए उन्होंने भारत सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय से दो करोड़ रुपये से अधिक की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति हासिल की हुई है।
सुमित ने बताया कि वह चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद करीब 2 वर्ष से वहीं से कृषि विज्ञान में पीएचडी कर रहे थे। इस दौरान उसका चयन ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए हो गया। इससे उनको भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति के तहत दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलेगी। जिसमें ट्यूशन फीस, चिकित्सा बीमा, रखरखाव भत्ता, वीजा शुल्क फीस, चार साल के शोध कार्य के लिए वार्षिक आकस्मिकता भत्ता शामिल है। गांव के सरपंच राजेश नरवाल ने बताया कि एक साधारण व मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले सुमित की उपलब्धि उनके गांव तथा परिवार के लिए गर्व की बात है। सुमित के समर्पण और शैक्षणिक कौशल से उन्हें एक विश्वस्तरीय संस्थान में शोध का अवसर मिला है।
सुमित ने बताया कि यह छात्रवृत्ति प्राप्त करना उसके तथा परिवार के लिए एक सपने का सच होने जैसा है। माता-पिता के प्रोत्साहन के फलस्वरूप ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुमित ने बताया कि वह चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद करीब 2 वर्ष से वहीं से कृषि विज्ञान में पीएचडी कर रहे थे। इस दौरान उसका चयन ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड विश्वविद्यालय में पीएचडी के लिए हो गया। इससे उनको भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति के तहत दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलेगी। जिसमें ट्यूशन फीस, चिकित्सा बीमा, रखरखाव भत्ता, वीजा शुल्क फीस, चार साल के शोध कार्य के लिए वार्षिक आकस्मिकता भत्ता शामिल है। गांव के सरपंच राजेश नरवाल ने बताया कि एक साधारण व मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले सुमित की उपलब्धि उनके गांव तथा परिवार के लिए गर्व की बात है। सुमित के समर्पण और शैक्षणिक कौशल से उन्हें एक विश्वस्तरीय संस्थान में शोध का अवसर मिला है।
विज्ञापन
सुमित ने बताया कि यह छात्रवृत्ति प्राप्त करना उसके तथा परिवार के लिए एक सपने का सच होने जैसा है। माता-पिता के प्रोत्साहन के फलस्वरूप ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रही है।

18जेएनडी07: चांदपुर गांव निवासी सुमित अपने माता-पिता के साथ। संवाद
विज्ञापन