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Jind News: गांव में रहकर पढ़ाई की, अन्नु ने एचसीएस में हासिल की 95वीं रैंक
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26जेएनडी32: गांव पहुंचने पर अन्नु कटारिया का स्वागत करते हुए परिजन व ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण
जींद। खरकरामजी गांव के माहौल में रहकर पढ़ाई करने वाली अन्नु कटारिया ने हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) परीक्षा में 95वीं रैंक हासिल कर परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। सफलता के बाद पहली बार गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और सम्मान समारोह आयोजित कर बधाई दी।
अन्नु की कामयाबी के पीछे उनकी मेहनत के साथ माता-पिता का सहयोग और त्याग भी अहम रहा। उन्होंने बताया कि मां शकुंतला ने असफलता के दौर में भी उनका हौसला बनाए रखा, जबकि पिता रघुवीर ने अपनी सुख-सुविधाओं से ऊपर बेटी की पढ़ाई और सपनों को प्राथमिकता दी। रघुवीर पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार ने गांव में रहकर ही अन्नु को आगे बढ़ने के अवसर दिए।
सात बार किया परीक्षाओं का सामना
अन्नु ने दसवीं तक गांव के स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद ईक्कस के सरकारी स्कूल से 12वीं में टॉप किया। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से बीएससी मेडिकल और एमएससी जूलॉजी की पढ़ाई पूरी की। वह एक निजी संस्थान में अध्यापिका के रूप में काम करने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करती रहीं। अन्नु ने बताया कि एचसीएस के पहले प्रयास में वह चार अंकों से चयन से चूक गई थीं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सात बार प्रयास करने के बाद दूसरे प्रयास में एचसीएस में 95वीं रैंक हासिल की। उनकी सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।
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अन्नु की कामयाबी के पीछे उनकी मेहनत के साथ माता-पिता का सहयोग और त्याग भी अहम रहा। उन्होंने बताया कि मां शकुंतला ने असफलता के दौर में भी उनका हौसला बनाए रखा, जबकि पिता रघुवीर ने अपनी सुख-सुविधाओं से ऊपर बेटी की पढ़ाई और सपनों को प्राथमिकता दी। रघुवीर पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हैं। परिवार ने गांव में रहकर ही अन्नु को आगे बढ़ने के अवसर दिए।
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सात बार किया परीक्षाओं का सामना
अन्नु ने दसवीं तक गांव के स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद ईक्कस के सरकारी स्कूल से 12वीं में टॉप किया। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से बीएससी मेडिकल और एमएससी जूलॉजी की पढ़ाई पूरी की। वह एक निजी संस्थान में अध्यापिका के रूप में काम करने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करती रहीं। अन्नु ने बताया कि एचसीएस के पहले प्रयास में वह चार अंकों से चयन से चूक गई थीं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सात बार प्रयास करने के बाद दूसरे प्रयास में एचसीएस में 95वीं रैंक हासिल की। उनकी सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया।

26जेएनडी32: गांव पहुंचने पर अन्नु कटारिया का स्वागत करते हुए परिजन व ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण
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