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चौराहों के बीच में स्थापित की जानी चाहिए प्रतिमाएं : रोशनलाल दुग्गल
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जींद। एससी समाज एकता मंच के पदाधिकारियों कमल चौहान व रोशनलाल दुग्गल ने कहा कि संतों के चौक बनाने के लिए जगह पर्याप्त है, इसलिए चौराहों के बीच में ही चौक का निर्माण कर महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए। अगर विधायक साइड में चौक बनवाते हैं तो उसका विरोध किया जाएगा।
कमल चौहान व रोशनलाल दुग्गल बुधवार को धरना स्थल पर ही पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। रोशनलाल दुग्गल ने कहा कि लगातार 13 सालों से चौक बनवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, तीन साल से तो बजट भी मंजूर है। फिर भी अनुसूचित जाति के लोगों को धरने प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आंबेडकर चौक बनवाने का श्रेय लेना चाहते हैं, जबकि इस चौक के लिए अनुसूचित जाति के लोगों का 32 साल का संघर्ष रंग लाया है। काफी लंबे समय से डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक के भव्य निर्माण के लिए प्रयास जारी थे।
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रानी तालाब पर चल रहे धरने को सामाजिक संगठनों, खापों का पूरा सहयोग एवं समर्थन मिल रहा है। वहीं सत्ता पक्ष के लोग सदन में कह रहे हैं कि धरना दे रहे अनुसूचित जाति के लोगों को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन यह लोग बात किए बिना ही बैठक छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों को सूचना दी गई थी कि अधिकारी बात करेंगे, लेकिन वहां पर ऐसे व्यक्तियों को बुलाया गया था, जिनकी पृष्ठभूमि एक तरह से आपराधिक रही है। ऐसे व्यक्ति जिसको भ्रष्टाचार में सजा हो चुकी है और वह अब जमानत पर हैं। ऐसे लोगों को बैठक में देखकर एससी एकता मंच के लोग नाराज हो गए थे और बैठक में शामिल हुए बगैर ही लौट आए। कमल चौहान ने कहा कि सरकार हमारे महापुरुषों को दरकिनार कर रही है, जिसका खामियाजा सरकार को विधानसभा व लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
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