{"_id":"6ac95c1a40cf99f2aa0cdc24","slug":"special-bus-service-for-ghaso-khurd-arohi-school-discontinued-education-of-60-girl-students-at-risk-jind-news-c-199-1-sroh1006-161801-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: घासो खुर्द आरोही स्कूल की स्पेशल बस बंद, 60 छात्राओं की पढ़ाई पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: घासो खुर्द आरोही स्कूल की स्पेशल बस बंद, 60 छात्राओं की पढ़ाई पर संकट
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। उचाना क्षेत्र के गांव घासो खुर्द स्थित आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की रोडवेज स्पेशल बस सेवा बंद करने के आदेश से करीब 60 छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
मानवाधिकार आयोग ने मामले को लेकर जिलास्तरीय कमेटी को सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी में एसपी, डीईओ, आरटीए और रोडवेज महाप्रबंधक शामिल हैं।
12 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी इस बस से स्कूल पहुंच रहे हैं। रोडवेज ने बस के सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के मानकों पर खरा नहीं उतरने का हवाला देते हुए सेवा बंद करने और स्कूल प्रबंधन को वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था करने बारे पत्र लिखा है।
विज्ञापन
इसके विरोध में आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बस सेवा जारी रखने की मांग की है। परिवहन आयुक्त, हरियाणा और राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की ओर से चार जून 2024 को सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी-2024 जारी की गई थी। इसके तहत स्कूल वाहनों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।
इसी क्रम में महाप्रबंधक जींद ने 14 अगस्त को स्कूल के प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर बताया कि रोडवेज की स्पेशल बस निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती। विभाग ने जिले में स्कूलों की अधिक संख्या और बसों की कमी का हवाला देते हुए सेवा बंद करने तथा स्कूल को अपने स्तर पर परिवहन का प्रबंध करने के निर्देश दिए।
2013 से चल रही है स्पेशल बस सेवा
एसोसिएशन के अनुसार, वर्ष 2013 से प्रदेश के सभी 36 सरकारी आरोही मॉडल स्कूलों में रोडवेज की विशेष बस सेवा चलाई जा रही है। एसोसिएशन का दावा है कि अन्य 35 स्कूलों में यह सेवा जारी है जबकि घासो खुर्द के स्कूल में इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के सामने स्कूल पहुंचने की समस्या खड़ी हो सकती है।
मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर की थी हस्तक्षेप की मांग
स्कूल प्रबंधन ने 29 सितंबर को मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर बस सेवा जारी रखने का अनुरोध किया था। इसकी प्रतियां परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई थीं। पत्र में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का हवाला देते हुए कहा गया कि ग्रामीण छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा के हित में बस सेवा जारी रखी जानी चाहिए।
वर्जन
शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉक में ग्रामीण छात्राओं के लिए स्कूल तक पहुंचना पहले ही चुनौतीपूर्ण है। स्थानीय परिवहन के सीमित साधनों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण रोडवेज की बस उनके लिए शिक्षा हासिल करने का महत्वपूर्ण साधन है। बस सेवा बंद होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
-मनोज कुमार, अध्यक्ष, आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन
वर्जन
रोडवेज की बस सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के मानकों को पूरा नहीं कर रही है इसलिए स्पेशल बस नहीं चलाई जाएगी। इस मामले में कोर्ट केस और ह्यूमन राइट्स का मामला भी लंबित है। यदि बस चलाने के संबंध में एसोसिएशन या स्कूल की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है और सीएम कार्यालय से आदेश मिलते हैं, तो स्पेशल बस चला दी जाएगी। -राहुल जैन, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो जींद
जींद। उचाना क्षेत्र के गांव घासो खुर्द स्थित आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की रोडवेज स्पेशल बस सेवा बंद करने के आदेश से करीब 60 छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है।
मानवाधिकार आयोग ने मामले को लेकर जिलास्तरीय कमेटी को सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी में एसपी, डीईओ, आरटीए और रोडवेज महाप्रबंधक शामिल हैं।
विज्ञापन
12 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी इस बस से स्कूल पहुंच रहे हैं। रोडवेज ने बस के सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के मानकों पर खरा नहीं उतरने का हवाला देते हुए सेवा बंद करने और स्कूल प्रबंधन को वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था करने बारे पत्र लिखा है।
विज्ञापन
इसके विरोध में आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बस सेवा जारी रखने की मांग की है। परिवहन आयुक्त, हरियाणा और राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की ओर से चार जून 2024 को सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी-2024 जारी की गई थी। इसके तहत स्कूल वाहनों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।
इसी क्रम में महाप्रबंधक जींद ने 14 अगस्त को स्कूल के प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर बताया कि रोडवेज की स्पेशल बस निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती। विभाग ने जिले में स्कूलों की अधिक संख्या और बसों की कमी का हवाला देते हुए सेवा बंद करने तथा स्कूल को अपने स्तर पर परिवहन का प्रबंध करने के निर्देश दिए।
2013 से चल रही है स्पेशल बस सेवा
एसोसिएशन के अनुसार, वर्ष 2013 से प्रदेश के सभी 36 सरकारी आरोही मॉडल स्कूलों में रोडवेज की विशेष बस सेवा चलाई जा रही है। एसोसिएशन का दावा है कि अन्य 35 स्कूलों में यह सेवा जारी है जबकि घासो खुर्द के स्कूल में इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के सामने स्कूल पहुंचने की समस्या खड़ी हो सकती है।
मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर की थी हस्तक्षेप की मांग
स्कूल प्रबंधन ने 29 सितंबर को मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर बस सेवा जारी रखने का अनुरोध किया था। इसकी प्रतियां परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग, मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई थीं। पत्र में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का हवाला देते हुए कहा गया कि ग्रामीण छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा के हित में बस सेवा जारी रखी जानी चाहिए।
वर्जन
शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉक में ग्रामीण छात्राओं के लिए स्कूल तक पहुंचना पहले ही चुनौतीपूर्ण है। स्थानीय परिवहन के सीमित साधनों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण रोडवेज की बस उनके लिए शिक्षा हासिल करने का महत्वपूर्ण साधन है। बस सेवा बंद होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
-मनोज कुमार, अध्यक्ष, आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन
वर्जन
रोडवेज की बस सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के मानकों को पूरा नहीं कर रही है इसलिए स्पेशल बस नहीं चलाई जाएगी। इस मामले में कोर्ट केस और ह्यूमन राइट्स का मामला भी लंबित है। यदि बस चलाने के संबंध में एसोसिएशन या स्कूल की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया है और सीएम कार्यालय से आदेश मिलते हैं, तो स्पेशल बस चला दी जाएगी। -राहुल जैन, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो जींद