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छेड़छाड़ का विरोध करने पर प्राध्यापक को धुना
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद
Updated Tue, 18 Nov 2014 12:27 AM IST
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राजकीय पीजी कॉलेज में छेड़छाड़ करने का विरोध करना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। तैश में आए युवकों ने शिक्षक की ही डंडो से पिटाई कर डाली। घायल अवस्था में प्राध्यापक को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह सारी घटना पुलिस की बेहद लापरवाही पूर्ण रवैये के कारण हुई।
छात्रा की लिखित शिकायत के बाद कालेज प्रशासन ने आरोपी युवक को पुलिस को हवाले कर दिया था लेकिन आरोपी युवक पुलिस से हाथ छुड़ा कर फरार हो गया और अपने साथियों के साथ आकर वारदात को अंजाम दिया। इससे पुलिस की कार्यशैली के साथ-साथ महिलाओं के प्रति पुलिस कितनी सजग है इसका भी अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार राजकीय पीजी कॉलेज में संस्कृत के प्राध्यापक अशोक कुमार छुट्टी के बाद घर जा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर आए तीन नकाबपोश युवकों ने फिल्मी अंदाज में डंडो से प्राध्यापक पर हमला कर दिया। हमले में प्राध्यापक गंभीर रूप से घायल हो गए और आरोपी मौके से फरार हो गए। हमले की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीएम प्रेमचंद कालेज परिसर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद घायलावस्था में प्राध्यापक को नगर के सामान्य अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
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कालेज के प्रिंसिपल संदीप कंधवाल ने बताया कि सोमवार सुबह कालेज की एक छात्रा ने लिखित शिकायत कालेज प्रशासन को दी है। शिकायत में छात्रा ने कहा है कि एक लड़का उसे पिछले 15 दिन से तंग कर रहा है। इस मामले में लड़की के परिजन भी कालेज प्रशासन से मिले थे और मामले की शिकायत की थी। लड़की की सूचना पर संस्कृत के प्राध्यापक अशोक कुमार व अन्य स्टाफ सदस्यों ने उसे पकड़कर प्राचार्य के समक्ष पेश भी किया था।
इस दौरान पता चला कि आरोपी युवक कॉलेज का छात्र नहीं है। मामले की सूचना उसी समय पुलिस को दी गई और उस लड़के को पुलिस के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद वह लड़का पुलिस से अपने हाथ छुड़ाकर फरार हो गया। इसके बाद उसी लड़के ने कथिततौर पर अपने साथियों के साथ प्राध्यापक पर हमला किया है।
कालेज के प्रिंसिपल संदीप कंधवाल ने कहा कि पुलिस इसी प्रकार से मुजरिमों को छोड़ती रही तो कालेज में परीक्षा कराना मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि इस घटना में पूरी तरह से पुलिस दोषी है। पुलिस ने भागने के बाद भी आरोपी युवक की तलाश नहीं की। प्राचार्य ने बताया कि कई बार पुलिस को लिखित व मौखिक रूप से सुरक्षा की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई भी अधिकारी कालेज की सुरक्षा के लिए पुलिस मुहैया कराने के लिए तैयार नहीं है। जिसके कारण अब तो यहां प्राध्यापकों का बच्चों को पढ़ाना भी मुश्किल हो गया है। लड़कियां भी महफूज नहीं है। इस मामले में पुलिस का रवैया पूरी तरह से बेपरवाह है।
इस मामले में चौकी इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि जब वे आरोपी को पकड़ कर ले जा रहे थे उसी दौरान उनका कालेज में पैर फिसल गया था, जिस कारण आरोपी हाथ छुड़ाकर भाग गया। जब तक कालेज प्रशासन द्वारा भी उन्हें कोई लिखित में शिकायत नहीं दी गई थी।
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छात्रा की लिखित शिकायत के बाद कालेज प्रशासन ने आरोपी युवक को पुलिस को हवाले कर दिया था लेकिन आरोपी युवक पुलिस से हाथ छुड़ा कर फरार हो गया और अपने साथियों के साथ आकर वारदात को अंजाम दिया। इससे पुलिस की कार्यशैली के साथ-साथ महिलाओं के प्रति पुलिस कितनी सजग है इसका भी अंदाजा लगाया जा सकता है।
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पुलिस के अनुसार राजकीय पीजी कॉलेज में संस्कृत के प्राध्यापक अशोक कुमार छुट्टी के बाद घर जा रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर आए तीन नकाबपोश युवकों ने फिल्मी अंदाज में डंडो से प्राध्यापक पर हमला कर दिया। हमले में प्राध्यापक गंभीर रूप से घायल हो गए और आरोपी मौके से फरार हो गए। हमले की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीएम प्रेमचंद कालेज परिसर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद घायलावस्था में प्राध्यापक को नगर के सामान्य अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया।
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कालेज के प्रिंसिपल संदीप कंधवाल ने बताया कि सोमवार सुबह कालेज की एक छात्रा ने लिखित शिकायत कालेज प्रशासन को दी है। शिकायत में छात्रा ने कहा है कि एक लड़का उसे पिछले 15 दिन से तंग कर रहा है। इस मामले में लड़की के परिजन भी कालेज प्रशासन से मिले थे और मामले की शिकायत की थी। लड़की की सूचना पर संस्कृत के प्राध्यापक अशोक कुमार व अन्य स्टाफ सदस्यों ने उसे पकड़कर प्राचार्य के समक्ष पेश भी किया था।
इस दौरान पता चला कि आरोपी युवक कॉलेज का छात्र नहीं है। मामले की सूचना उसी समय पुलिस को दी गई और उस लड़के को पुलिस के हवाले कर दिया गया था। इसके बाद वह लड़का पुलिस से अपने हाथ छुड़ाकर फरार हो गया। इसके बाद उसी लड़के ने कथिततौर पर अपने साथियों के साथ प्राध्यापक पर हमला किया है।
कालेज के प्रिंसिपल संदीप कंधवाल ने कहा कि पुलिस इसी प्रकार से मुजरिमों को छोड़ती रही तो कालेज में परीक्षा कराना मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि इस घटना में पूरी तरह से पुलिस दोषी है। पुलिस ने भागने के बाद भी आरोपी युवक की तलाश नहीं की। प्राचार्य ने बताया कि कई बार पुलिस को लिखित व मौखिक रूप से सुरक्षा की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई भी अधिकारी कालेज की सुरक्षा के लिए पुलिस मुहैया कराने के लिए तैयार नहीं है। जिसके कारण अब तो यहां प्राध्यापकों का बच्चों को पढ़ाना भी मुश्किल हो गया है। लड़कियां भी महफूज नहीं है। इस मामले में पुलिस का रवैया पूरी तरह से बेपरवाह है।
इस मामले में चौकी इंचार्ज पवन कुमार ने बताया कि जब वे आरोपी को पकड़ कर ले जा रहे थे उसी दौरान उनका कालेज में पैर फिसल गया था, जिस कारण आरोपी हाथ छुड़ाकर भाग गया। जब तक कालेज प्रशासन द्वारा भी उन्हें कोई लिखित में शिकायत नहीं दी गई थी।