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Jind News: गोली मारकर हत्या करने की कोशिश करने के छह आरोपी बरी
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जींद। एडिशनल सेशन जज की अदालत ने गोली मारकर हत्या करने की कोशिश करने के छह आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। पुलिस मामले में गोली का खोल भी बरामद नहीं कर पाई थी। वहीं शिकायतकर्ता ने भी घटना के सात-आठ घंटे बाद थाने में शिकायत दी थी।
जींद शहर की शीलतपुरी कॉलोनी निवासी मनोज कुमार ने पुलिस एफआईआर में बताया था कि वे दनौदा खुर्द के शराब ठेका में हिस्सेदार हैं। 29 अगस्त 2017 को वह बोलेरो गाड़ी में दनौदा खुर्द से ठेके पर जा रहे थे। जब वह बीच रास्ते पहुंचे तो सामने एक स्विफ्ट कार खड़ी थी।
कार में से कलौदा कलां निवासी सुशील उर्फ शीलू काणा और एक अन्य युवक मौजूद था जिनके हाथ में पिस्तौल थी। उन्होंने जान से मारने की नियत से उन पर दो फायर किए। इस दौरान उन्होंने जगबीर के मकान में घुसकर अपनी जान बचाई। गोलियों की आवाज सुनकर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई और आरोपी कार लेकर मौके से भाग गए।
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सदर थाना नरवाना पुलिस ने मामले में सुशील उर्फ शीलू को नामजद कर अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं को तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोहनगढ़ छापड़ा निवासी दीपक, उचाना मंडी की राजेंद्र कॉलोनी निवासी सलीम, कलौदा कलां निवासी सुशील उर्फ शीलू, असंध निवासी नीरज, बीबीपुर निवासी राजेश उर्फ राजा और अलेवा निवासी रणदीप को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अदालत में सबूत पेश किए।
जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता ने सुशील उर्फ शीलू के साथ कोई पुराना हिसाब चुकाने के लिए एफआईआर दर्ज करवाई थी। सुशील उर्फ शीलू उनके ठेके पर करिंदे के तौर पर काम करता था।
पुलिस मामले में केवल एक ही खोल बरामद कर पाई थी जबकि शिकायतकर्ता ने दो गोली चलने के आरोप लगाए थे। अदालत में आरोपियों के खिलाफ पुलिस ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई और अदालत आरोरियों को बरी कर दिया।
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जींद शहर की शीलतपुरी कॉलोनी निवासी मनोज कुमार ने पुलिस एफआईआर में बताया था कि वे दनौदा खुर्द के शराब ठेका में हिस्सेदार हैं। 29 अगस्त 2017 को वह बोलेरो गाड़ी में दनौदा खुर्द से ठेके पर जा रहे थे। जब वह बीच रास्ते पहुंचे तो सामने एक स्विफ्ट कार खड़ी थी।
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कार में से कलौदा कलां निवासी सुशील उर्फ शीलू काणा और एक अन्य युवक मौजूद था जिनके हाथ में पिस्तौल थी। उन्होंने जान से मारने की नियत से उन पर दो फायर किए। इस दौरान उन्होंने जगबीर के मकान में घुसकर अपनी जान बचाई। गोलियों की आवाज सुनकर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई और आरोपी कार लेकर मौके से भाग गए।
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सदर थाना नरवाना पुलिस ने मामले में सुशील उर्फ शीलू को नामजद कर अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं को तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोहनगढ़ छापड़ा निवासी दीपक, उचाना मंडी की राजेंद्र कॉलोनी निवासी सलीम, कलौदा कलां निवासी सुशील उर्फ शीलू, असंध निवासी नीरज, बीबीपुर निवासी राजेश उर्फ राजा और अलेवा निवासी रणदीप को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अदालत में सबूत पेश किए।
जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता ने सुशील उर्फ शीलू के साथ कोई पुराना हिसाब चुकाने के लिए एफआईआर दर्ज करवाई थी। सुशील उर्फ शीलू उनके ठेके पर करिंदे के तौर पर काम करता था।
पुलिस मामले में केवल एक ही खोल बरामद कर पाई थी जबकि शिकायतकर्ता ने दो गोली चलने के आरोप लगाए थे। अदालत में आरोपियों के खिलाफ पुलिस ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई और अदालत आरोरियों को बरी कर दिया।