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साइट ने किया परेशान, किसानों को दो बजे तक नहीं मिले गेट पास

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2020 12:45 AM IST
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मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर खड़े गेट पास नहीं कटने से परेशान किसान ।
मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर खड़े गेट पास नहीं कटने से परेशान किसान । - फोटो : Jind

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शहर की अनाज मंडी में बाजरा बेचने के लिए आने वाले किसानों को पहले दिन से ही परेशानी झेलनी पड़ रही है। मंडी में प्रवेश करने से पहले किसान को गेट पास लेना होता है। साइट नहीं चलने के कारण दोपहर दो बजे तक किसानोें को गेट पास नहीं मिल पाया। जब मिला तो किसानों को रजिस्टर्ड करवाए बाजरे के अनुसार बेचने की मात्रा नहीं मिली। किसानोें को बाजरा बेचने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी ।
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एक अक्तूबर से खरीदे जाने वाले बाजरे को लेकर किसानों के पास दो दिन पहले ही संदेश गए थे। पहले दिन बाजरा बेचने के लिए 45 किसानों के गेट पास काटे गए थे, मगर हैफेड द्वारा 18 किसानों का ही बाजरा खरीदा गया। कुछ किसानों के बाजरे में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण उन्हें सुखाने के लिए कहा गया। कुछ ने हैफेड का इंतजार कर परेशान हुए तो निजी दुकानों पर 1400 से 1500 रुपये क्विंटल में बेचकर चले गए।

पहले दिन आने वाले किसानों को जहां गेट पास को लेकर दिक्कत हुई, वहीं जितने एकड़ बाजरे का पंजीकरण करवाया उसके अनुसार साइट पर पंजीकरण नहीं मिलने से उनको दिक्कत हुई।
12 एकड़ बाजरे का पंजीकरण, 15 क्विंटल बेचने का गेट पास मिला
जाजवान निवासी किसान कृष्ण सिंह ने बताया कि मैंने 12 एकड़ बाजरे का पंजीकरण करवाया था, पर मुझे 15 क्विंटल ही बाजरा बेचने का पास मिला है। मेरे पास 80 क्विंटल बाजरा और है। अब मैं उसे बेचने के लिए किसके पास जाऊं। 15 क्विंटल बाजरा बेचने के लिए मुझे दो हजार रुपये ट्रैक्टर का किराया भी देना पड़ा है। इस बाजरे में भी नमी बताकर मंडी में फैला दिया है। पता नहीं कब कोई इसे खरीदेगा भी या नहीं।
चार एकड़ में की बिजाई, गेट पास मिला 13 क्विंटल का
बरसोला निवासी सत्यवान सिंह ने कहा कि मैंने चार एकड़ में बाजरे की खेती की है। मैंने पूरे बाजरे का पंजीकरण करवाया था, मगर यहां पर 13 क्विंटल बाजरा ही बेचने के लिए मुझे गेट पास मिला है। इसके अलावा बाकी के बचे बाजरे को मैं कहां लेकर जाऊंगा। इससे साफ है कि सरकार किसानों के बाजरे को सस्ते में आढ़तियों के पास लुटवाना चाहती है।
सुबह दस बजे आया, डेढ़ बजे तक नहीं मिला गेट पास
बुआना निवासी चांद सिंह ने कहा कि मैं ढाई एकड़ के बाजरे को मंडी में बेचने के लिए सुबह दस बजे आ गया था। मंडी में आने के बाद मुझे पांच घंटे तक गेट पास के लिए इंतजार करना पड़ा है। इस दौरान न तो कोई आढ़ती अपनी फड़ पर बाजरे को उतारने दिया और न हैफेड ने। गेट पास उसके लिए सबसे बड़ी परेशानी है।
बिजाई की दो एकड़, गेट पास मिला साढ़े चार क्विंटल का
हरदीप सिंह ने कहा कि मैंने दो एकड़ में बाजरे की बिजाई की है। मोबाइल पर आए संदेश मिला तो वह बाजरा लेकर मंडी में आ गया। यहां आकर पता चला कि केवल साढ़े चार क्विंटल ही बाजरा बेच सकता हूं, जबकि उसके ढाई एकड़ में 20 क्विंटल से ज्यादा बाजरा पैदा हुआ है। अब बाकी बाजरे को बेचने के लिए मैं किसके पास जाऊं यह समझ में नहीं आ रहा है।
किसान बाजरे को सुखाकर लाएं : डीएम
किसान बाजरे और धान को सुखाकर ही मंडी में लाएं। मंडी में आने के बाद बाजरे में नमी की मात्रा की जांच की जाती है। जिस किसान के बाजरे में 12 प्रतिशत तक नमी होगी उसका खरीद लिया जाएगा। अगर उससे ज्यादा है तो उसे सुखाकर ही खरीदा जाएगा। पहले दिन 18 किसानों का 315 क्विंटल बाजरा खरीदा गया है।
कृष्ण श्योराण, डीएम, हैफेड।
फोटो कैप्शन

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