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Jind News: कोथली की खरीदारी तेज, घेवर की दुकानों पर उमड़ी भीड़
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जुलाना। सावन माह शुरू होते ही जुलाना कस्बे का बाजार त्योहारों की रौनक से गुलजार हो उठा है। खासकर केसर, दूध और मावा से बने घेवर की मिठास ग्राहकों को खूब लुभा रही है। बाजार में कोथली से जुड़ी हर तरह की सामग्री उपलब्ध है और महिलाएं और परिवार बेटियों व बहनों के लिए कोथली का सामान खरीदने में जुटे हैं।
बाजार में कोथली के लिए रंग-बिरंगी टोकरियां, सजावटी थाल, राखियां, मिठाइयां, सूखे मेवे, शृंगार का सामान, कपड़े, चुनरी, चूड़ियां, पूजा सामग्री और विभिन्न प्रकार के उपहार आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। दुकानदार ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग बजट में तैयार कोथली पैकेट और गिफ्ट सेट भी उपलब्ध करा रहे हैं।
महिलाओं में पारंपरिक तरीके से कोथली को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। खरीदारी करने आई पूनम, सुनीता, अन्नू और रामरति ने बताया कि सावन में बेटियों और बहनों को कोथली भेजने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस अवसर पर वस्त्र, मिठाई, फल और अन्य उपहार भेजकर परिवार उनकी सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता है। इसी परंपरा को निभाने के लिए इन दिनों बाजारों में अच्छी-खासी चहल-पहल बनी हुई है।
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दुकानदार पवन, संदीप और ईश्वर ने बताया कि कुछ दिनों से ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सावन में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। व्यापारियों ने दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया है और ग्राहकों के लिए विभिन्न प्रकार के ऑफर भी रखे हैं।
मिठाइयों की दुकानों पर भी इस बार घेवर की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। केसर, दूध और मावा से बने घेवर ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि कोथली के साथ घेवर की मांग हर साल बढ़ती है और इस बार भी अच्छी बिक्री की उम्मीद है। बाजार की बढ़ी रौनक से व्यापारियों में उत्साह है और वे इस सीजन में बेहतर कारोबार की आस लगाए हुए हैं।
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बाजार में कोथली के लिए रंग-बिरंगी टोकरियां, सजावटी थाल, राखियां, मिठाइयां, सूखे मेवे, शृंगार का सामान, कपड़े, चुनरी, चूड़ियां, पूजा सामग्री और विभिन्न प्रकार के उपहार आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। दुकानदार ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग बजट में तैयार कोथली पैकेट और गिफ्ट सेट भी उपलब्ध करा रहे हैं।
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महिलाओं में पारंपरिक तरीके से कोथली को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। खरीदारी करने आई पूनम, सुनीता, अन्नू और रामरति ने बताया कि सावन में बेटियों और बहनों को कोथली भेजने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस अवसर पर वस्त्र, मिठाई, फल और अन्य उपहार भेजकर परिवार उनकी सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करता है। इसी परंपरा को निभाने के लिए इन दिनों बाजारों में अच्छी-खासी चहल-पहल बनी हुई है।
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दुकानदार पवन, संदीप और ईश्वर ने बताया कि कुछ दिनों से ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सावन में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है। व्यापारियों ने दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया है और ग्राहकों के लिए विभिन्न प्रकार के ऑफर भी रखे हैं।
मिठाइयों की दुकानों पर भी इस बार घेवर की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। केसर, दूध और मावा से बने घेवर ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि कोथली के साथ घेवर की मांग हर साल बढ़ती है और इस बार भी अच्छी बिक्री की उम्मीद है। बाजार की बढ़ी रौनक से व्यापारियों में उत्साह है और वे इस सीजन में बेहतर कारोबार की आस लगाए हुए हैं।