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बेटियां ईश्वर का सबसे सुंदर उपहार, इनके साथ न करें दुर्व्यवहार : कविता रानी
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फोटो 28जेएनडी06-ईंटल कलां में महिलाओं को बेटियां बचाने और पढ़ाने की शपथ दिलाते हुए कविता रानी।
जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के अंतर्गत गांव ईंटल कलां में स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता बैठक आयोजित की गई। इसमें ग्रामीणों को लिंगानुपात में सुधार, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों को शिक्षित करने के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों की भी विस्तार से जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य कर्मी कविता रानी और पवन कुमार ने कहा कि बेटियां ईश्वर का सबसे सुंदर उपहार हैं। उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव या दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए। कन्या भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है। गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग जांच करना या करवाना कानूनन अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा को बढ़ावा देना, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना और लिंगानुपात में संतुलन कायम करना है। बेटियों को उच्च शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि वे अपने जीवन में आगे बढ़कर प्रतिष्ठित मुकाम हासिल कर सकें। इस दौरान मीना, राधा, मीना रानी भी मौजूद रहीं। संवाद
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स्वास्थ्य कर्मी कविता रानी और पवन कुमार ने कहा कि बेटियां ईश्वर का सबसे सुंदर उपहार हैं। उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव या दुर्व्यवहार नहीं करना चाहिए। कन्या भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है। गर्भधारण पूर्व लिंग चयन और प्रसव पूर्व लिंग जांच करना या करवाना कानूनन अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
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उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा को बढ़ावा देना, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना और लिंगानुपात में संतुलन कायम करना है। बेटियों को उच्च शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि वे अपने जीवन में आगे बढ़कर प्रतिष्ठित मुकाम हासिल कर सकें। इस दौरान मीना, राधा, मीना रानी भी मौजूद रहीं। संवाद
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