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एसएचओ सस्पेंड, चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर, डीएसपी से मांगा स्पष्टीकरण

Thu, 16 Jun 2016 12:37 AM IST
jind
jind Updated Thu, 16 Jun 2016 12:37 AM IST
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पुलिस की कार्यप्रणाली को पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मुहिम को तेज करते हुए आईजी ओपी सिंह ने बुधवार को एक थाना प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया और एक चौकी इंचार्ज को पुलिस लाइन का रस्ता दिखाया। वही रेंज के एक डीएसपी से मुलजिम को बचाने की कोशिश करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। पिल्लूखेड़ा के थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं अर्बन इस्टेट चौकी इंचार्ज एएसआई पवन कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया।
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एसएचओ पर मंथली लेने का था आरोप
थाना प्रबंधक पिल्लूखेड़ा पर आरोप है कि वो शराब ठेकेदारों से मंथली लेता है और मुकदमों में पैसे लेकर मुलजिम छोड़ता है। शिकायत मिलने पर आरोप की खुफिया जांच कराई गई, जिसमें लगाए गए आरोप सत्य पाए गए। आईजी सिंह ने थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और एएसपी नरवाना को उसके खिलाफ नियमित विभागीय जांच के निर्देश दिए गए।
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चौकी इंचार्ज ने मारपीट मामले में नहीं की कार्रवाई
इसी क्रम में अर्बन इस्टेट चौकी इंचार्ज एएसआई पवन कुमार पर आरोप है कि उसने मारपीट के मामले में की गई शिकायत पर बार-बार कहने पर कोई कार्रवाई नहीं की और शिकायतकर्ता से अभद्रता से पेश आया। आईजी सिंह ने उसे तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया और एसपी को आदेश दिए कि वे इसकी तैनाती बिना पूर्वानुमति के पब्लिक डीलिंग की जगह न लगाएं। डीएसपी पर भी उनके  स्पष्टीकरण और शिकायत में लगाए गए आरोप सत्य पाए जाने के बाद सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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फरियादियों की बात ध्यान से सुनें : आईजी
 आईजी सिंह ने सभी थाना प्रभारियों एवं चौकी प्रभारियों को आदेश दे रखे हैं कि अपने क्षेत्र में प्रभावशाली ढंग से काम करके अपराध पर नियंत्रण रखें, दलालों से दूर रहें एवं मुंहजोरों पर लगाम कसें। थाना प्रभारियों को ये भी आदेश दे रखे हैं कि थाने में आने वाले फरियादियों की बात ध्यान से सुनें, अगर आपके पास उसकी समस्या का समाधान है तो समय सीमा में तुरंत उसका निदान करें। अगर आपसे संबंधित नहीं है तो संबंधित विभाग से बात कर समस्या के समाधान के लिए पैरवी करें। फरियादी को बार-बार चक्कर कटवाना और काम के प्रति ढुलमुल रवैया भ्रष्टाचार की जड़ है, जो किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा।
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