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Jind News: दर्जी पिता के साथ रोज 4 घंटे सिलाई कर बुने सपने...कर दिया नीट पास

Wed, 18 Jun 2025 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 18 Jun 2025 12:03 AM IST
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She weaved dreams by sewing for 4 hours every day with her tailor father...and passed NEET
17जेएनडी12: नीट की परीक्षा पास करने के बाद दुकान पर सिलाई करता हुआ आर्यन। संवाद - फोटो : credit
सुशील टूर्ण
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जींद। नीट की परीक्षा में शहर की न्यू कृष्णा काॅलोनी निवासी आर्यन ने 2000वीं रैंक प्राप्त कर डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया है। आर्यन के पिता सुधीर हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी में दर्जी का काम करते हैं। उनके साथ ही दुकान पर आर्यन भी पिछले चार साल से सिलाई का काम देख रहे हैं।
आर्यन के घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते उन्होंने कोरोना काल में स्कूलों की छुट्टी होने पर अपने पिता के काम में हाथ बंटवाना शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने सिलाई का काम सीख लिया।
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पिता की छोटी सी दुकान में उन्होंने कोरोना के दौरान लगभग एक वर्ष से ज्यादा समय तक निरंतर काम किया। उस समय वह आठवीं कक्षा में था। इसके बाद स्कूल में जाने लगा तो स्कूल से छुट्टी के बाद दुकान पर आकर रात को नौ बजे तक सिलाई करता था।
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10वीं कक्षा में उन्होंने ईफा अकादमी में दाखिला लिया और अपने पिता की आर्थिक कमजोरी को दूर करने के लिए डाॅक्टर बनने का सपना संजोया। हालांकि, अकादमी की फीस व घर की परेशानियों को लेकर कई बार उनका मन पढ़ाई से पीछे भी हटा।
उनके मन में था कि उनके पास दूसरे बच्चाें की तरह पढ़ाई करने का समय नहीं है, लेकिन अकादमी संचालिका नेहा ने उनके जज्बे को पहचानकर समझाया कि अच्छा डाॅक्टर बनने के लिए चार घंटे की नींद ही काफी है। इसके बाद उन्होंने इसी पैटर्न पर पढ़ाई, सिलाई और नींद पूरी करने के काम में बांट लिया।
सुबह पांच से आठ बजे तक आर्यन ने पढ़ाई की। नौ से तीन बजे तक अकादमी में गया और फिर दो घंटे अकादमी में बैठकर ही पढ़ाई की। शाम को पांच से रात नौ बजे तक पिता के साथ दुकान में सिलाई करवाने में सहयोग किया। फिर रात को खाना खाने के बाद 10 बजे से एक बजे तक पढ़ाई करता था।
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सपना था बेटा सिलाई से दूर रहे
आर्यन के पिता सुधीर ने बताया उनको अपने बेटे पर गर्व है कि उन्होंने इस परीक्षा को पास किया। उनका सपना था कि बेटा सिलाई के काम से दूर रहे, लेकिन घर की मजबूरियां और खर्च निकालने के लिए बेटा उनके लिए बड़ा सहारा बना। कई बार रात को सात से आठ घंटे भी सिलाई करवाया था तो छुट्टी के दिन सुबह से रात तक उनके पास ही काम करता रहता था।

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नीट पास करने के बाद भी सिलाई कर रहा आर्यन
नीट की परीक्षा पास करने के बाद भी आर्यन दुकान पर ही सिलाई कर रहा है। दुकान पर तीन दिन से बधाई देने वाले आ रहे हैं। आर्यन को सिलाई के काम से अब भी फुर्सत नहीं लग रही।
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