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गोपियों संग श्रीकृष्ण की महारास का महोत्सव है शरद पूर्णिमा : आचार्य

Tue, 07 Oct 2025 11:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Tue, 07 Oct 2025 11:31 PM IST
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Sharad Purnima is the festival of Lord Krishna's Maharas with the Gopis: Acharya
07जेएनडी29-माता वैष्णवी धाम में शरद पू​र्णिमा पर पूजा-अर्चना करते हुए श्रद्धालु। स्रोत पुजारी - फोटो : credit
जींद। शरद पूर्णिमा की पावन रात्रि में गोपियों ने प्रेम योग के बल पर श्रीकृष्ण के संग नृत्य कर उनको सहज ही में हासिल कर लिया था। श्रीकृष्ण के संग नृत्य ही तो महामुक्ति है। गोपियों संग श्रीकृष्ण की महारास का महोत्सव है शरद पूर्णिमा। यह उद्गार आचार्य पवन शर्मा ने शरद पूर्णिमा पर मंगलवार को और कार्तिक महोत्सव के शुभारंभ पर माता वैष्णवी धाम में आयोजित सत्संग में प्रवचन में व्यक्त किए।
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आचार्य ने कहा कि श्रीकृष्ण जगत की आत्मा है, वह राधा है-आत्माकारवृति और गोपियां हैं-आत्माभिमुख वृतियां। इन सभी का रमण ही महारास है। यह महारास शरद पूर्णिमा की रात्रि को घटित हुआ था। इसलिए इसे रास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
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गोपियां भगवान तो नहीं थी लेकिन वे भगवान से भिन्न भी नहीं थी जो प्रभु सारे जगत को नचाते हैं वही शरद पूर्णिमा की रात गोपियों के मध्य उनके प्रेम पाश में बंधे नृत्य करते हैं। भगवान शिवर भी गोपी का रूप धारण करके इस अद्वितीय महा रासलीला का दर्शन करने पहुंचे थे।
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इसलिए तो भगवान शिवर का एकनाम गोपीश्वर महादेव भी है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण को पूर्ण काम कहा गया है अर्थात् उनके मन में कभी कोई कामना आती ही नहीं और उनका पावन सान्निध्य प्राप्त कर गोपियां भी निष्काम बन गई थी।
शरद पूर्णिमा की पावन रात्रि में चंद्रदेव ने अपनी शीतल रश्मियों से प्रकृति को आच्छादित कर पृथ्वी पर अमृतवर्षा की थी। इसी कारण वैष्णवजन इस रात्रि को खीर का प्रसाद बनाकर खुले आकाश के नीचे झीने कपड़े से ढक कर रख देते हैं, जिससे चंद्रमा की शीतल किरणों के प्रभाव से यह खीर औषधीय गुणों से युक्त होकर अमृत तुल्य बन जाती है।

आचार्य ने कहा कि परमात्मा श्रीकृष्ण की महारास में सम्मिलित होना है तो हमें भी गोपियों की भांति अपने अहंभाव का परित्याग कर परमतत्व से जुड़ना होगा। सत्संग में श्रद्धालुओं द्वारा श्री राधा-कृष्ण की आरती उतारी गई व शरद पूर्णिमा के चंद्रमा की किरणों से सिंचित खीर के प्रसाद का वितरण किया गया। संवाद
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