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घरों में आइसोलेट मरीजों को दवाई उपलब्ध करवाने के लिए अस्पताल में अलग से बनाया काउंटर
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घरों में आइसोलेट कोरोना संक्रमितों के लिए अब उनके परिजनों को नागरिक अस्पताल में दवाई लेने के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने नई बिल्डिंग की तरफ जाने वाले मुख्य गेट के सामने ही कमरा नंबर 124 खोल दिया है, जिसमें कोरोना संक्रमितों के लिए दवाई की किट दी जाएगी। इससे कोरोना संक्रमितों के परिजनों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। वह अस्पताल के अंदर प्रवेश किए बिना ही बाहर से ही दवाई लेकर घर चले जाएंगे।
इससे पहले नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर में कोरोना संक्रमितों के परिजन दवाई लेने के लिए चक्कर काटते थे। कई बार उनको पता भी नहीं होता था कि दवाई कहां से मिलेगी। कुछ लोगों की अस्पताल प्रशासन के पास बार-बार शिकायतें आ रही थीं कि उन्हें दवाई नहीं मिल रही और उनको इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कुछ लोगों को समय पर भी दवाई नहीं मिल रही थी। वैसे तो स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव के घर जाकर दवाई देकर आते हैं। लेकिन कई बार परिजन खुद भी दवाई लेने अस्पताल में आ जाते हैं। उन्हें यह भी पता नहीं होता कि दवाई कहां से मिलनी है। अब अस्पताल प्रशासन से कोरोना पॉजिटिव लोगों को जल्द दवाई मिल सके और उनके परिजनों को भटकना न पड़े, इसके लिए अस्पताल के मुख्य गेट के सामने ही कमरा नंबर 124 स्थापित कर दिया है। इसमें कोरोना संक्रमितों के परिजन सीधे आकर अपने मरीज का नाम बताकर दवाई ले सकते हैं। इस कमरे को अस्पताल प्रशासन ने 24 घंटे खुला रखने का निर्णय लिया है, ताकि यदि किसी को रात को भी पता चले कि वह पॉजिटिव है तो रात को ही उसके परिजन दवाई लेकर जा सकते हैं।
पीपी सेंटर में दवाई लेने के लिए कोरोना पॉजिटिव के परिजन आते थे। यहां पर वैक्सीन लगाने का कार्य भी किया जाता है। इस कारण यहां पर काफी भीड़ भी रहती थी। इसके अलावा कोरोना संक्रमितों के परिजनों को भटकना नहीं पड़े, इसके लिए कमरा नंबर 124 बनाया गया है ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हो। इसमें 24 घंटे कर्मचारी बैठेंगे और दवाई देंगे।
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डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।
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इससे पहले नागरिक अस्पताल के पीपी सेंटर में कोरोना संक्रमितों के परिजन दवाई लेने के लिए चक्कर काटते थे। कई बार उनको पता भी नहीं होता था कि दवाई कहां से मिलेगी। कुछ लोगों की अस्पताल प्रशासन के पास बार-बार शिकायतें आ रही थीं कि उन्हें दवाई नहीं मिल रही और उनको इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कुछ लोगों को समय पर भी दवाई नहीं मिल रही थी। वैसे तो स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव के घर जाकर दवाई देकर आते हैं। लेकिन कई बार परिजन खुद भी दवाई लेने अस्पताल में आ जाते हैं। उन्हें यह भी पता नहीं होता कि दवाई कहां से मिलनी है। अब अस्पताल प्रशासन से कोरोना पॉजिटिव लोगों को जल्द दवाई मिल सके और उनके परिजनों को भटकना न पड़े, इसके लिए अस्पताल के मुख्य गेट के सामने ही कमरा नंबर 124 स्थापित कर दिया है। इसमें कोरोना संक्रमितों के परिजन सीधे आकर अपने मरीज का नाम बताकर दवाई ले सकते हैं। इस कमरे को अस्पताल प्रशासन ने 24 घंटे खुला रखने का निर्णय लिया है, ताकि यदि किसी को रात को भी पता चले कि वह पॉजिटिव है तो रात को ही उसके परिजन दवाई लेकर जा सकते हैं।
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पीपी सेंटर में दवाई लेने के लिए कोरोना पॉजिटिव के परिजन आते थे। यहां पर वैक्सीन लगाने का कार्य भी किया जाता है। इस कारण यहां पर काफी भीड़ भी रहती थी। इसके अलावा कोरोना संक्रमितों के परिजनों को भटकना नहीं पड़े, इसके लिए कमरा नंबर 124 बनाया गया है ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हो। इसमें 24 घंटे कर्मचारी बैठेंगे और दवाई देंगे।
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डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।