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जींद सिविल अस्पताल में सुरक्षा के उपकरण पड़े हैं बेकार, मरीजों की सुरक्षा राम भरोसे
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नागरिक अस्पताल में स्थित फायर सेफ्टी टैंक का फोटो, जिसमें अब तक पानी नहीं डाला गया।
- फोटो : Jind
नागरिक अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा राम भरोसे है। नई बिल्डिंग को आधुनिक तरीके से बनाया गया है, लेकिन इसमें लगाए गए सुरक्षा के उपकरण धूल फांक रहे हैं। डेमो के बाद उपकरणों को बंद कर दिया गया है। विधायक के दौरे के बाद भी नागरिक अस्पताल प्रशासन की नींद नहीं खुल रही है। सेफ्टी टैंक में पानी भरने का काम कागजी कार्रवाई में उलझा हुआ है। ऐेसे में मरीजों की जान जोखिम में है।
नागरिक अस्पताल में नई बिल्डिंग में प्रत्येक ब्लॉक में फायर सेफ्टी उपकरण लगाए गए हैं। धूम्रपान करने वालों को भी यहां पर अलर्ट करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह उपकरण खिलौना साबित हो रहे हैं। दो महीने पहले विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने नागरिक अस्पताल की सुविधाओं का जायजा लिया था तो उनको फायर सेफ्टी टैंक में पानी नहीं मिला था। इसको लेकर उन्होनें पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के ओदश दिए थे। आदेश के दो महीने बाद भी नागरिक अस्पताल के फायर सेफ्टी टैंक में पानी नहीं डाला गया। ऐसे में नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग के पीछे नया बना फायर सेफ्टी टैंक भी सफेद हाथी साबित हो रहा है। नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में अढ़ाई साल पहले ओपीडी व इनडोर चिकित्सा शुरू की गई थी। बिल्डिंग का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा करवाया गया था। बिल्डिंग में आग लगने की सूरत में सुरक्षा के लिहाज से फायर सेफ्टी टैंक का निर्माण करवाया गया था। फायर सेफ्टी टैंक का निर्माण जरूर करवाया गया, लेकिन अब तक उसमें पानी की एक बूंद तक नहीं डाली गई। इसमें हौज पंप भी नहीं लगे हैं। वहीं फायर सेफ्टी टैंक का कोई स्थायी ढक्कन भी नहीं है। ऐसे में मरीजों की रक्षा राम भरोसे ही है।
धूल फांक रहे उपकरण
नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में फायर सेफ्टी उपकरण जरूर लगे हैं, लेकिन कई जगह तो उनके पॉलीथिन तक नहीं उतरे हैं। एकाध जगह पर विभाग द्वारा डेमो के बाद उनको जस का तस छोड़ दिया है। वहीं धूम्रपान करने पर बजने वाला अलार्म भी खराब पड़ा है। शुरूआत में यह अलार्म एक या दो बार बजा है। वहीं दो साल से यह अलार्म काम नहीं कर रहा। इस प्रकार बिना रख-रखाव के यह उपकरण धूल फांक रहे हैं।
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विधायक के आदेशों के बाद भी जागे अधिकारी
फायर सेफ्टी टैंक के मामले में विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा भी कर्मचारियों को टैंक चालू करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक टैंक में पानी नहीं डाला गया। ऐसे में अधिकारियों के आदेश केवल कोरा कागज ही साबित हो रहे हैं। सभी अधिकारी केवल खानापूर्ति करने में लगे हुए हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अधिकारी विधायक के दौरे के बाद भी नींद से नहीं जाग रहे हैं।
लिखा जाएगा पत्र
विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने दो महीने पहले यहां दौरा किया था। फायर सेफ्टी टैंक में पानी नहीं था तो विधायक ने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही बुलाकर टैंक में पानी डालने के आदेश दिए थे। टैंक में 80 हजार लीटर पानी आएगा। उनको कहा गया था कि आप अस्पताल में लगे सबमर्सिबल से पानी भर दो और बिजली का बिल पे कर देना, लेकिन अभी तक पीडब्ल्यूडी से कोई पानी भरने नहीं आया है।
-डॉ. गोपाल गोयल, कार्यकारी पीएमओ
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नागरिक अस्पताल में नई बिल्डिंग में प्रत्येक ब्लॉक में फायर सेफ्टी उपकरण लगाए गए हैं। धूम्रपान करने वालों को भी यहां पर अलर्ट करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह उपकरण खिलौना साबित हो रहे हैं। दो महीने पहले विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने नागरिक अस्पताल की सुविधाओं का जायजा लिया था तो उनको फायर सेफ्टी टैंक में पानी नहीं मिला था। इसको लेकर उन्होनें पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के ओदश दिए थे। आदेश के दो महीने बाद भी नागरिक अस्पताल के फायर सेफ्टी टैंक में पानी नहीं डाला गया। ऐसे में नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग के पीछे नया बना फायर सेफ्टी टैंक भी सफेद हाथी साबित हो रहा है। नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में अढ़ाई साल पहले ओपीडी व इनडोर चिकित्सा शुरू की गई थी। बिल्डिंग का निर्माण पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा करवाया गया था। बिल्डिंग में आग लगने की सूरत में सुरक्षा के लिहाज से फायर सेफ्टी टैंक का निर्माण करवाया गया था। फायर सेफ्टी टैंक का निर्माण जरूर करवाया गया, लेकिन अब तक उसमें पानी की एक बूंद तक नहीं डाली गई। इसमें हौज पंप भी नहीं लगे हैं। वहीं फायर सेफ्टी टैंक का कोई स्थायी ढक्कन भी नहीं है। ऐसे में मरीजों की रक्षा राम भरोसे ही है।
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धूल फांक रहे उपकरण
नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में फायर सेफ्टी उपकरण जरूर लगे हैं, लेकिन कई जगह तो उनके पॉलीथिन तक नहीं उतरे हैं। एकाध जगह पर विभाग द्वारा डेमो के बाद उनको जस का तस छोड़ दिया है। वहीं धूम्रपान करने पर बजने वाला अलार्म भी खराब पड़ा है। शुरूआत में यह अलार्म एक या दो बार बजा है। वहीं दो साल से यह अलार्म काम नहीं कर रहा। इस प्रकार बिना रख-रखाव के यह उपकरण धूल फांक रहे हैं।
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विधायक के आदेशों के बाद भी जागे अधिकारी
फायर सेफ्टी टैंक के मामले में विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा भी कर्मचारियों को टैंक चालू करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक टैंक में पानी नहीं डाला गया। ऐसे में अधिकारियों के आदेश केवल कोरा कागज ही साबित हो रहे हैं। सभी अधिकारी केवल खानापूर्ति करने में लगे हुए हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अधिकारी विधायक के दौरे के बाद भी नींद से नहीं जाग रहे हैं।
लिखा जाएगा पत्र
विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने दो महीने पहले यहां दौरा किया था। फायर सेफ्टी टैंक में पानी नहीं था तो विधायक ने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही बुलाकर टैंक में पानी डालने के आदेश दिए थे। टैंक में 80 हजार लीटर पानी आएगा। उनको कहा गया था कि आप अस्पताल में लगे सबमर्सिबल से पानी भर दो और बिजली का बिल पे कर देना, लेकिन अभी तक पीडब्ल्यूडी से कोई पानी भरने नहीं आया है।
-डॉ. गोपाल गोयल, कार्यकारी पीएमओ