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Jind News: अनफिट मिलीं स्कूल बसें, 15 के चालान कर नौ जब्त
Sat, 13 Apr 2024 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 13 Apr 2024 12:43 AM IST
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12जेएनडी27-जीडी गोयंका स्कूल की बस की फिटनेस चैक करती टीम। संवाद
जींद। महेंद्रगढ़ के कनीना में हुए बस हादसे के बाद जिला प्रशासन ने निजी स्कूल की बसों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार को आरटीए, रोडवेज और यातायात पुलिस की संयुक्त टीमों ने नरवाना तथा जींद के निजी स्कूलों में जाकर बसों का फिटनेस जांचा। जांच के दौरान कई बसों में खामियां पाई गईं। कमी मिलने पर 15 बसों के चालान कर नौ को जब्त कर लिया गया। निजी बसों के खिलाफ जांच अभियान लगातार एक सप्ताह तक चलेगा।
वहीं शिक्षामंत्री सीमा त्रिखा और अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जिले के शिक्षा अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक कर सख्त हिदायत दी। 15 अप्रैल को शिक्षा विभाग एक टोल फ्री नंबर भी जारी करेगा, जिस पर चालक या स्कूल से संबंधित शिकायत दर्ज करवाई जा सकेगी।
शुक्रवार को प्रशासन की टीम मोटर व्हीकल अधिकारी संजीव कौशिक के नेतृत्व में जीडी गोयंका स्कूल पहुंची। इस स्कूल की बसों की फिटनेस को लेकर विभाग के पास शिकायत भी आई हुई थी। इन बसों की जांच की तो फिटनेस अधूरी मिली। बसों में बच्चों को भी आवश्यकता से अधिक भरा गया था। स्कूल की चार बसें बहुत कंडम हालत में थीं, जिनको बच्चों को लाने और छोड़ने में इस्तेमाल किया जा रहा था। इन बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं थे। वहीं कुछ बसों में स्पीड गवर्नर, जीपीएस व कैमरे जैसी सुविधा नहीं थी। इसके बाद विभाग की टीम ने नरवाना और उचाना में भी जांच अभियान चलाया।
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संकुल स्तरीय कमेटी गठन के निर्देश दिए
शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में शिक्षा मंत्री ने संकुल स्तरीय कमेटी गठन को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में बच्चों को लाने तथा छोड़ने वाले वाहनों का भौतिक सत्यापन करने के लिए कमेटी का संकुल स्तर पर गठन किया जाए। इसमें संकुल के प्रधानाचार्य, गांव का मुखिया, एसएमसी प्रधान और अभिभावक को शामिल किया जाए। इसके लिए एक फार्मेट दिया जाएगा, जो विद्यालय के प्रत्येक वाहन का भरा जाएगा। यह कार्य 15 अप्रैल तक पूरा करके भिजवाना होगा।
निजी स्कूल प्रमुखों को एक सप्ताह में देना होगा सर्टिफिकेट
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निजी स्कूलों के प्रमुखों को निर्देश देते हुए कहा है कि उनको अपने स्कूल की बसों और चालकों को लेकर एक सप्ताह के अंदर फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा। सर्टिफिकेट में यह बताना होगा कि उनके स्कूल में सभी वाहनों की फिटनेस सही है और उनके सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत कागजात पूरे हैं या नहीं। उसमें यह भी दर्शाना होगा कि चालक, अध्यापक या कोई कर्मचारी स्कूल समय में नशा करता है या नहीं। बच्चों की सेफ्टी से कोई समझौता नहीं है। इसके बाद 15 अप्रैल को सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की पीटीएम होगी, जिसमें सुरक्षित वाहन पॉलिसी के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस दौरान एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। इसमें अभिभावक बस चालक या अन्य किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज करवा सकता है।
सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश
एडीसी डॉ. हरीश वशिष्ठ ने सचिव आरटीआई और जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी को सख्त आदेश दिए कि जिले में सभी निजी और सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए। यदि स्कूलों में किसी भी प्रकार की कमी पाई जाती है तो तुरंत प्रभाव से कार्रवाई अमल में लाई जाए। जिले के सभी स्कूलों में सुरक्षित वाहन पॉलिसी के नियमों का पालन किया जाए। उन्होंने सचिव आरटीए को निर्देश दिए कि जिले के जितने भी स्कूलों में बसें चलाई जा रही हैं, उनकी फिटनेस रिपोर्ट ली जाए। यदि बसों की फिटनेस नहीं पाई जाती है तो तुरंत प्रभाव से उन बसों को जब्त किया जाए। बसों में स्पीड गवर्नर, जीपीएस व कैमरा जैसी सुविधाएं इत्यादि नियमों का पालन होना चाहिए। उन्होंने जिले के सभी माता-पिता को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों का दाखिला स्कूल में करवाने से पहले उस स्कूल की बस सेवा, स्कूल बिल्डिंग इत्यादि की जांच कर लें। यदि बच्चों की सुरक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय नंबर 7015529327 पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।
शुक्रवार को जिले के निजी स्कूलों की बसों की फिटनेस जांची गई। नौ बसों को जब्त करने के साथ 15 का चालान किया गया है। निजी बसों के खिलाफ जांच अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। -संजीव कौशिक, सहायक मोटर व्हीकल अधिकारी, जींद।
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वहीं शिक्षामंत्री सीमा त्रिखा और अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जिले के शिक्षा अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक कर सख्त हिदायत दी। 15 अप्रैल को शिक्षा विभाग एक टोल फ्री नंबर भी जारी करेगा, जिस पर चालक या स्कूल से संबंधित शिकायत दर्ज करवाई जा सकेगी।
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शुक्रवार को प्रशासन की टीम मोटर व्हीकल अधिकारी संजीव कौशिक के नेतृत्व में जीडी गोयंका स्कूल पहुंची। इस स्कूल की बसों की फिटनेस को लेकर विभाग के पास शिकायत भी आई हुई थी। इन बसों की जांच की तो फिटनेस अधूरी मिली। बसों में बच्चों को भी आवश्यकता से अधिक भरा गया था। स्कूल की चार बसें बहुत कंडम हालत में थीं, जिनको बच्चों को लाने और छोड़ने में इस्तेमाल किया जा रहा था। इन बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट भी नहीं थे। वहीं कुछ बसों में स्पीड गवर्नर, जीपीएस व कैमरे जैसी सुविधा नहीं थी। इसके बाद विभाग की टीम ने नरवाना और उचाना में भी जांच अभियान चलाया।
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संकुल स्तरीय कमेटी गठन के निर्देश दिए
शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में शिक्षा मंत्री ने संकुल स्तरीय कमेटी गठन को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में बच्चों को लाने तथा छोड़ने वाले वाहनों का भौतिक सत्यापन करने के लिए कमेटी का संकुल स्तर पर गठन किया जाए। इसमें संकुल के प्रधानाचार्य, गांव का मुखिया, एसएमसी प्रधान और अभिभावक को शामिल किया जाए। इसके लिए एक फार्मेट दिया जाएगा, जो विद्यालय के प्रत्येक वाहन का भरा जाएगा। यह कार्य 15 अप्रैल तक पूरा करके भिजवाना होगा।
निजी स्कूल प्रमुखों को एक सप्ताह में देना होगा सर्टिफिकेट
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निजी स्कूलों के प्रमुखों को निर्देश देते हुए कहा है कि उनको अपने स्कूल की बसों और चालकों को लेकर एक सप्ताह के अंदर फिटनेस सर्टिफिकेट देना होगा। सर्टिफिकेट में यह बताना होगा कि उनके स्कूल में सभी वाहनों की फिटनेस सही है और उनके सुरक्षित वाहन पॉलिसी के तहत कागजात पूरे हैं या नहीं। उसमें यह भी दर्शाना होगा कि चालक, अध्यापक या कोई कर्मचारी स्कूल समय में नशा करता है या नहीं। बच्चों की सेफ्टी से कोई समझौता नहीं है। इसके बाद 15 अप्रैल को सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की पीटीएम होगी, जिसमें सुरक्षित वाहन पॉलिसी के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस दौरान एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। इसमें अभिभावक बस चालक या अन्य किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज करवा सकता है।
सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश
एडीसी डॉ. हरीश वशिष्ठ ने सचिव आरटीआई और जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी को सख्त आदेश दिए कि जिले में सभी निजी और सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया जाए। यदि स्कूलों में किसी भी प्रकार की कमी पाई जाती है तो तुरंत प्रभाव से कार्रवाई अमल में लाई जाए। जिले के सभी स्कूलों में सुरक्षित वाहन पॉलिसी के नियमों का पालन किया जाए। उन्होंने सचिव आरटीए को निर्देश दिए कि जिले के जितने भी स्कूलों में बसें चलाई जा रही हैं, उनकी फिटनेस रिपोर्ट ली जाए। यदि बसों की फिटनेस नहीं पाई जाती है तो तुरंत प्रभाव से उन बसों को जब्त किया जाए। बसों में स्पीड गवर्नर, जीपीएस व कैमरा जैसी सुविधाएं इत्यादि नियमों का पालन होना चाहिए। उन्होंने जिले के सभी माता-पिता को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों का दाखिला स्कूल में करवाने से पहले उस स्कूल की बस सेवा, स्कूल बिल्डिंग इत्यादि की जांच कर लें। यदि बच्चों की सुरक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय नंबर 7015529327 पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।
शुक्रवार को जिले के निजी स्कूलों की बसों की फिटनेस जांची गई। नौ बसों को जब्त करने के साथ 15 का चालान किया गया है। निजी बसों के खिलाफ जांच अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। -संजीव कौशिक, सहायक मोटर व्हीकल अधिकारी, जींद।

12जेएनडी27-जीडी गोयंका स्कूल की बस की फिटनेस चैक करती टीम। संवाद

12जेएनडी27-जीडी गोयंका स्कूल की बस की फिटनेस चैक करती टीम। संवाद

12जेएनडी27-जीडी गोयंका स्कूल की बस की फिटनेस चैक करती टीम। संवाद

12जेएनडी27-जीडी गोयंका स्कूल की बस की फिटनेस चैक करती टीम। संवाद

12जेएनडी27-जीडी गोयंका स्कूल की बस की फिटनेस चैक करती टीम। संवाद