{"_id":"69937c4e96ff5f14ba00b84a","slug":"scheduled-caste-people-will-protest-against-the-chief-minister-on-18th-jind-news-c-199-1-sroh1006-148638-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: 18 को मुख्यमंत्री का विरोध करेंगे अनुसूचित वर्ग के लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: 18 को मुख्यमंत्री का विरोध करेंगे अनुसूचित वर्ग के लोग
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। छात्तर गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के लोग 18 फरवरी को उचाना की अनाज मंडी में होने वाली रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी का विरोध करेंगे। उनके मोहल्ले में पांच साल से पेयजल, बिजली मुहैया नहीं हो पाई है। इसको लेकर अनुसूचित जाति के लोगों ने विरोध करने का फैसला लिया है।
अनिल, सुमित, जिमी, सुनील, अमित, गुरमीत, सोनिया, नीता का कहना है कि साल 2021 में उनका गांव के ही सामान्य वर्ग के लोगों के साथ झगड़ा हो गया था। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली थी।
आरोप लगाया कि इस मामले के बाद उनका गांव से बहिष्कार कर दिया गया था। अब वह आरोपी लोग उनसे झगड़े के मामले में समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। उनके मना करने पर उनके मोहल्ले में न तो बिजली ट्रांसफार्मर रखने दिया जा रहा है और न ही पेयजल मुहैया हो रहा है। उनके मोहल्ले में आठ-दस दिनों में सप्लाई आती है। पानी खत्म होने पर उन्हें खेतों से लाना पड़ता है।
विज्ञापन
उन्हें बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल भेजने में भी डर लगा रहता है। नवंबर 2025 में एसडीएम दलजीत सिंह के नेतृत्व में बिजली निगम के अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे थे। उन्होंने जैसे ही ट्रांसफार्मर रखने की प्रक्रिया शुरू की तो वहां गांव के ही कुछ लोग आ गए थे जिन्होंने वहां ट्रांसफार्मर रखने पर एतराज जताया।
उनका कहना था कि यहां पर ट्रांसफार्मर नहीं लगने दिया जाएगा। अनुसूचित जाति के लोगों का आरोप था कि गांव के कुछ दबंग लोगों के कारण उनको बिजली मुहैया नहीं हो पा रही है क्योंकि वहां से लाइन आती है।
विज्ञापन
जींद। छात्तर गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के लोग 18 फरवरी को उचाना की अनाज मंडी में होने वाली रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी का विरोध करेंगे। उनके मोहल्ले में पांच साल से पेयजल, बिजली मुहैया नहीं हो पाई है। इसको लेकर अनुसूचित जाति के लोगों ने विरोध करने का फैसला लिया है।
अनिल, सुमित, जिमी, सुनील, अमित, गुरमीत, सोनिया, नीता का कहना है कि साल 2021 में उनका गांव के ही सामान्य वर्ग के लोगों के साथ झगड़ा हो गया था। इसके बाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली थी।
विज्ञापन
आरोप लगाया कि इस मामले के बाद उनका गांव से बहिष्कार कर दिया गया था। अब वह आरोपी लोग उनसे झगड़े के मामले में समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। उनके मना करने पर उनके मोहल्ले में न तो बिजली ट्रांसफार्मर रखने दिया जा रहा है और न ही पेयजल मुहैया हो रहा है। उनके मोहल्ले में आठ-दस दिनों में सप्लाई आती है। पानी खत्म होने पर उन्हें खेतों से लाना पड़ता है।
विज्ञापन
उन्हें बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कूल भेजने में भी डर लगा रहता है। नवंबर 2025 में एसडीएम दलजीत सिंह के नेतृत्व में बिजली निगम के अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे थे। उन्होंने जैसे ही ट्रांसफार्मर रखने की प्रक्रिया शुरू की तो वहां गांव के ही कुछ लोग आ गए थे जिन्होंने वहां ट्रांसफार्मर रखने पर एतराज जताया।
उनका कहना था कि यहां पर ट्रांसफार्मर नहीं लगने दिया जाएगा। अनुसूचित जाति के लोगों का आरोप था कि गांव के कुछ दबंग लोगों के कारण उनको बिजली मुहैया नहीं हो पा रही है क्योंकि वहां से लाइन आती है।