फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   Scheduled Caste people, who went to the President to seek justice, accused the police of stopping them on the way

राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाने गए अनुसूचित जाति के लोगों ने पुलिस पर लगाए रास्ते में रोकने का आरोप

Thu, 18 Nov 2021 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:06 AM IST
विज्ञापन
Scheduled Caste people, who went to the President to seek justice, accused the police of stopping them on the way
राष्ट्रपति से मिलने गए गांव छात्तर, खापड़ व खरकगादिया गांव के अनुसूचित जाति के लोगों ने पुलिस पर उन्हें रास्ते में रोकने का आरोप लगाया है। दिनेश खापड़ के नेतृत्व में अनुसूचित जाति के लोग राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने भिवानी जिले के सुई गांव में जा रहे थे। दिनेश खापड़ ने कहा कि इस दौरान सीआईए ने गांव बास के पास पुलिस नाके पर दिनेश खापड़ और उसके पांच अन्य साथियों को हिरासत में ले लिया और फिर बास थाने में आधे घंटे तक बिठाए रखा।
विज्ञापन

खापड़ ने कहा कि वहां पर एक गाड़ी में भिवानी पुलिस पहुंची जिसमें ड्राइवर समेत 11 पुलिसकर्मी थे। इसमें चार कमांडो भी थे। पुलिसकर्मियों ने अनुसूचित जाति के लोगों को उस गाड़ी में बैठाया और भिवानी की तरफ लेकर चल दिए। उसके बाद गाड़ी को कई घंटों तक अलग-अलग जगह पर घुमाते रहे। उन्होंने कहा कि यह सब सरकार के इशारे पर किया गया है ताकि वह राष्ट्रपति से मिलकर प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगों के साथ हो रहे अत्याचार के बारे में उन्हें अवगत नहीं करा सकें।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि गांव सूई से हमें सूचना मिली थी कि जिस किसी को भी राष्ट्रपति से मिलना है, उनको कोरोना टेस्ट करवाना पड़ेगा। इसलिए 16 नवंबर को ही उन्होंने कोरोना टेस्ट करवा लिया था जिसकी रिपोर्ट भी उनके पास ही थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पुलिस ने उन्हें राष्ट्रपति से मिलने से रोका है इससे साफ पता चलता है कि प्रदेश में अनुसूचित जाति के लोगों को न्याय मिलना मुश्किल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि गांव खरकगादिया में एक पीड़ित परिवार ने अत्याचार करने वाले आरोपियों के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज करवा रखें हैं। मुकदमे दर्ज हुए कई महीने बीत चुके हैं लेकिन जींद पुलिस ने अभी तक दो मुकदमों में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है। इसी तरह गांव खापड़ व छात्तर में सामाजिक बहिष्कार करने वाले सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमे तो दर्ज हो चुके हैं लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसलिए राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाने गांव सुई में जा रहे थे। लेकिन उन्हें रास्ते ही गिरफ्तार कर लिया गया। खापड़ ने कहा कि उसके साथ सुशील, नरेश, अक्षय व सतीश को गिरफ्तार कर लगभग छह घंटे तक हिरासत में रखा है जो सरासर गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed