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Jind News: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 18वें दिन भी जारी, शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर
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23 सफीदों 2 नहर की पटरी पर एक जगह लगा कूड़े के ढेर। संवाद
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सफीदों। हरियाणा राज्य नगर पालिका इकाई संघ के आह्वान पर नगर पालिका सफाई कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को 18वें दिन भी जारी रही। सफाई कर्मचारियों ने रविवार को नगरपालिका कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
सफाई कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कचरा जमा होने से बदबू फैलने के साथ ही मच्छर-मक्खियों के पनपने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। हड़ताल की अध्यक्षता कर रहे इकाई प्रधान सूरजभान बिड़लान ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।
लंबे समय से कर्मचारी अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, एक्सग्रेसिया नीति को पूर्ण रूप से लागू करने और ठेकेदारी प्रथा बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर संदीप गहलोत, कशमीरा, दीपक कांगड़ा, सुमित तुषामड़ सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
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109 कर्मचारी हड़ताल पर, रोजाना निकलता है करीब 20 टन कचरा
नगरपालिका कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में करीब 360 टन कूड़ा जमा हो चुका है। नगरपालिका ने शहर की सफाई व्यवस्था के लिए ठेकेदार को जिम्मेदारी दे रखी है। ठेकेदार के 78 कर्मचारी डोर-टू-डोर कचरा उठाने के साथ दिन-रात सफाई करते हैं। इसके अलावा नगरपालिका के 19 नियमित और 12 पालिका बेस कर्मचारी हैं। इस तरह कुल 109 कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था संभालते थे लेकिन सभी कर्मचारी 18 दिनों से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक न सफाई की जाएगी और न ही कचरे का उठान किया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कचरा जमा होने से बदबू फैलने के साथ ही मच्छर-मक्खियों के पनपने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। हड़ताल की अध्यक्षता कर रहे इकाई प्रधान सूरजभान बिड़लान ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।
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लंबे समय से कर्मचारी अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, एक्सग्रेसिया नीति को पूर्ण रूप से लागू करने और ठेकेदारी प्रथा बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर संदीप गहलोत, कशमीरा, दीपक कांगड़ा, सुमित तुषामड़ सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
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109 कर्मचारी हड़ताल पर, रोजाना निकलता है करीब 20 टन कचरा
नगरपालिका कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में करीब 360 टन कूड़ा जमा हो चुका है। नगरपालिका ने शहर की सफाई व्यवस्था के लिए ठेकेदार को जिम्मेदारी दे रखी है। ठेकेदार के 78 कर्मचारी डोर-टू-डोर कचरा उठाने के साथ दिन-रात सफाई करते हैं। इसके अलावा नगरपालिका के 19 नियमित और 12 पालिका बेस कर्मचारी हैं। इस तरह कुल 109 कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था संभालते थे लेकिन सभी कर्मचारी 18 दिनों से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक न सफाई की जाएगी और न ही कचरे का उठान किया जाएगा।