{"_id":"6a0f4b75b8167e2c1907599e","slug":"rural-sanitation-workers-take-out-funeral-procession-for-bjp-government-jind-news-c-199-1-sroh1009-153804-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने निकाली भाजपा सरकार की शवयात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने निकाली भाजपा सरकार की शवयात्रा
विज्ञापन
21जेएनडी18: गोहाना रोड पर सरकार की शव यात्रा निकालते हुए ग्रामीण सफाई कर्मचारी। स्रोत : सफाई कर
जींद। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने वीरवार को अपनी मांगों को लेकर शहर में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नेहरू पार्क से लघु सचिवालय तक भाजपा सरकार की शवयात्रा निकाली और सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने धरना देकर अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान गुलाब बिरौली और संजय अठवाल ने की, जबकि संचालन संजय बुआना ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का करो, एक्सग्रेसिया नीति लागू करो और घोषित वेतन लागू करो के नारे लगाए।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले 19 वर्षों से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। न तो उन्हें स्थाई कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है और न ही सरकार की ओर से घोषित पूरा वेतन मिल रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से घोषित 26 हजार और 27 हजार रुपये मासिक वेतन अब तक लागू नहीं किया गया।
विज्ञापन
सीटू जिला उपाध्यक्ष कॉमरेड कपूर सिंह और यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह ने कहा कि मार्च 2024 के बजट सत्र में 1000 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी भर्ती करने की घोषणा की गई थी लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 9800 पदों पर भर्ती होनी थी, जो अब तक लंबित है। यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 और 25 मई को नरवाना में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के कार्यालय पर महापड़ाव डाला जाएगा। धरने को रिटायर्ड कर्मचारी संघ, किसान सभा और जन संघर्ष मंच के नेताओं ने भी समर्थन दिया।
कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने की उठाई मांग
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सभी कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने, हाईकोर्ट के आदेश लागू करने, 400 की आबादी पर स्थाई भर्ती करने और घोषित वेतन तुरंत देने की मांग उठाई। इसके अलावा वर्दी व औजार भत्ते में बढ़ोतरी, एक्सग्रेसिया नीति लागू करने, मृतक कर्मचारी के आश्रित को नौकरी देने और ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी गई।
विज्ञापन
धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान गुलाब बिरौली और संजय अठवाल ने की, जबकि संचालन संजय बुआना ने किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का करो, एक्सग्रेसिया नीति लागू करो और घोषित वेतन लागू करो के नारे लगाए।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले 19 वर्षों से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। न तो उन्हें स्थाई कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है और न ही सरकार की ओर से घोषित पूरा वेतन मिल रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से घोषित 26 हजार और 27 हजार रुपये मासिक वेतन अब तक लागू नहीं किया गया।
विज्ञापन
सीटू जिला उपाध्यक्ष कॉमरेड कपूर सिंह और यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह ने कहा कि मार्च 2024 के बजट सत्र में 1000 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी भर्ती करने की घोषणा की गई थी लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 9800 पदों पर भर्ती होनी थी, जो अब तक लंबित है। यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 24 और 25 मई को नरवाना में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के कार्यालय पर महापड़ाव डाला जाएगा। धरने को रिटायर्ड कर्मचारी संघ, किसान सभा और जन संघर्ष मंच के नेताओं ने भी समर्थन दिया।
कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने की उठाई मांग
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने सभी कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने, हाईकोर्ट के आदेश लागू करने, 400 की आबादी पर स्थाई भर्ती करने और घोषित वेतन तुरंत देने की मांग उठाई। इसके अलावा वर्दी व औजार भत्ते में बढ़ोतरी, एक्सग्रेसिया नीति लागू करने, मृतक कर्मचारी के आश्रित को नौकरी देने और ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी गई।