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दो दिन चक्का जाम करेंगे रोडवेज कर्मचारी
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जींद। रोडवेज कर्मचारियों के सभी संगठनों की संयुक्त बैठक बुधवार को रोडवेज मंदिर प्रांगण में हुई। इसमें 28-29 मार्च को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई गई। कर्मचारियों ने दो दिन बसों का चक्का जाम करने का एलान किया है।
सर्व कर्मचारी संघ से जिला प्रधान सतीश कुमार व रिटायर्ड संघ से आजाद पांचाल, इंटक के राज्य उप महासचिव संदीप रंगा ने बताया कि सरकार द्वारा आए दिन विभागों का निजीकरण करने के नए-नए तरीके निकाले जा रहे हैं। कुछ पूंजीपतियों के साथ मिलकर विभाग का निजीकरण करने पर तुली हुई है। रोडवेज में चाहे ए, बी, सी कैटेगरी के तहत परमिट देने की बात हो या स्टेज कैरिज स्कीम 2016 की बात हो। इस सरकार में हर वर्ग दुखी है, चाहे वह कर्मचारी वर्ग हो, व्यापारी वर्ग हो, छोटा दुकानदार, किसान हो या फिर मजदूर। सरकार कुछ पूंजीपतियों की गुलाम बनकर रह गई है। रंगा ने बताया कि जब रोडवेज विभाग बना था उस समय 4000 हजार बसें थीं। इस समय बसों की संख्या बढ़ने की बजाय घटकर 2800 रह गई हैं। इनमें से भी 2200 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं। उन्होंने मांग की कि पड़ोसी राज्य की तर्ज पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए, सरकार ने जो कौशल निगम बनाया है, उसको भंग करके विभाग में जो खाली पद हैं, उन पर पक्की भर्ती की जाए। बैठक में हड़ताल में बढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया।
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सर्व कर्मचारी संघ से जिला प्रधान सतीश कुमार व रिटायर्ड संघ से आजाद पांचाल, इंटक के राज्य उप महासचिव संदीप रंगा ने बताया कि सरकार द्वारा आए दिन विभागों का निजीकरण करने के नए-नए तरीके निकाले जा रहे हैं। कुछ पूंजीपतियों के साथ मिलकर विभाग का निजीकरण करने पर तुली हुई है। रोडवेज में चाहे ए, बी, सी कैटेगरी के तहत परमिट देने की बात हो या स्टेज कैरिज स्कीम 2016 की बात हो। इस सरकार में हर वर्ग दुखी है, चाहे वह कर्मचारी वर्ग हो, व्यापारी वर्ग हो, छोटा दुकानदार, किसान हो या फिर मजदूर। सरकार कुछ पूंजीपतियों की गुलाम बनकर रह गई है। रंगा ने बताया कि जब रोडवेज विभाग बना था उस समय 4000 हजार बसें थीं। इस समय बसों की संख्या बढ़ने की बजाय घटकर 2800 रह गई हैं। इनमें से भी 2200 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं। उन्होंने मांग की कि पड़ोसी राज्य की तर्ज पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, पुरानी पेंशन नीति बहाल की जाए, सरकार ने जो कौशल निगम बनाया है, उसको भंग करके विभाग में जो खाली पद हैं, उन पर पक्की भर्ती की जाए। बैठक में हड़ताल में बढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया।
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