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रोडवेज डिपो होगा हाईटेक, ई-टिकटिंग मशीन से टिकट काटेंगे परिचालक
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रोडवेज बस में पंच से टिकट काटते हुए परिचालक। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। रोडवेज डिपो भी जल्द ही हाईटेक होने जा रहा है। रोडवेज कंडक्टर अब ई-टिकटिंग मशीनों से टिकट काटते नजर आएंगे। अगले माह डिपो में ई-टिकटिंग मशीनें आएंगी। यह मशीनें पहले ट्रायल के तौर पर मंगवाई गई हैं। डिपो के कंडक्टर जब ई-टिकटिंग मशीन का प्रयोग करने बारे जानकारी हासिल कर लेंगे। उसके बाद डिपो में कंडक्टरों अनुसार ई-टिकटिंग मशीनें मुख्यालय से मंगवा ली जाएंगी। सफर के दौरान यात्रियों की खुले पैसे को लेकर आने वाली परेशानी अब दूर हो जाएगी, क्योंकि यात्री ई-टिकटिंग मशीन से डेबिट कार्ड और ई-वॉलेट से भी अपनी टिकट का भुगतान कर सकेगा। फिर खुले पैसे या नगदी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। वहीं कंडक्टरों को जहां पंच से टिकट काटने से छुटकारा मिलेगा वहीं बस में सफर करने वाले यात्रियों को भी इसका फायदा पहुंचेगा।
रोडवेज मुख्यालय बसों में यात्रा के समय यात्रियों और कंडक्टरों की सुविधा को लेकर टिकटों को लेकर ई-टिकटिंग सेवा शुरू करने जा रहा है। इससे जहां परिचालक का समय बचेगा, वहीं यात्रियों को सफर के दौरान राशि रखने की नौबत नहीं आएगी। रोडवेज बसों में अब नए तरीके से टिकट बनाई जाएंगी। इसके लिए परिचालकों को जल्द ही ईटीएम यानि इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन दी जाएगी, जिसमें से उसी दिन का टिकट निकलेगा और परिचालकों के साथ-साथ यात्रियों की भी समस्या दूर हो जाएगी। इस नई मशीन से खुले पैसों की चिक-चिक तो दूर होगी ही साथ ही फ्रॉड से भी बचा जा सकेगा।
एटीएम और ई-वॉलेट से कर सकेंगे यात्री भुगतान
ई-टिकटिंग मशीन सुविधा शुरू होने से रोडवेज के साथ यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। यात्री टिकट का भुगतान कैश के साथ-साथ एटीएम या ई-वॉलेट के जरिए भी कर सकेंगे। बस स्टैंड पर टिकट बुक करवाने वाली लंबी-लंबी लाइनों से भी छुटकारा मिल सकेगा। इससे कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों का समय भी बचेगा। फिलहाल रोडवेज बसों में परिचालकों के बैग में प्रिंट किए टिकट होते हैं, जिन पर उसी दिन की तारीख के पंच लगे हुए होते हैं। ऐसे में यात्रियों के पास भी अलग-अलग तारीख के अलग-अलग टिकट हो जाते हैं और एक भी टिकट खो जाए तो मुश्किल आ जाती है, लेकिन अब यात्रियों को इस समस्या से छुटकारा मिलने वाला है।
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मशीन बताएगी पास असली है या नकली
कुछ लोग रोडवेज बसों में सफर करते समय फर्जी पास, फर्जी टिकट बुक या अन्य कई प्रकार से फ्रॉड करते हैं। इससे रोडवेज को हजारों-लाखों रुपए का चूना लगाया जाता है। ई-टिकटिंग मशीन ऐसे फर्जी तरीके से बसों में सफर करने वाले यात्रियों को ढूंढ निकालेगी। ई-टिकटिंग मशीन को टच करते ही पास का तुरंत पता चल जाएगा कि पास असली है या नकली, क्योंकि पास होल्डरों का डाटा भी मशीन में फीड होगा।
रोडवेज डिपो में ट्रायल के तौर पर अगले माह मुख्यालय की तरफ से कुछ ई-टिकटिंग मशीनें आ जाएंगी। कंडक्टरों को ई-टिकटिंग मशीन का प्रयोग और उसके बारे में जानकारी दी जाएगी। हालांकि इससे पहले परिचालकों को ई-टिकटिंग मशीनों के बारे में ट्रेनिंग दी गई थी। जैसे ही ई-टिकटिंग मशीन के बारे में परिचालकों को पूरी जानकारी मिल जाएगी। उसके बाद मुख्यालय से आवश्यकता अनुसार मशीनें मंगवा ली जाएंगी।
अशोक कुमार, जीएम, रोडवेज डिपो, जींद।
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रोडवेज मुख्यालय बसों में यात्रा के समय यात्रियों और कंडक्टरों की सुविधा को लेकर टिकटों को लेकर ई-टिकटिंग सेवा शुरू करने जा रहा है। इससे जहां परिचालक का समय बचेगा, वहीं यात्रियों को सफर के दौरान राशि रखने की नौबत नहीं आएगी। रोडवेज बसों में अब नए तरीके से टिकट बनाई जाएंगी। इसके लिए परिचालकों को जल्द ही ईटीएम यानि इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन दी जाएगी, जिसमें से उसी दिन का टिकट निकलेगा और परिचालकों के साथ-साथ यात्रियों की भी समस्या दूर हो जाएगी। इस नई मशीन से खुले पैसों की चिक-चिक तो दूर होगी ही साथ ही फ्रॉड से भी बचा जा सकेगा।
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एटीएम और ई-वॉलेट से कर सकेंगे यात्री भुगतान
ई-टिकटिंग मशीन सुविधा शुरू होने से रोडवेज के साथ यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। यात्री टिकट का भुगतान कैश के साथ-साथ एटीएम या ई-वॉलेट के जरिए भी कर सकेंगे। बस स्टैंड पर टिकट बुक करवाने वाली लंबी-लंबी लाइनों से भी छुटकारा मिल सकेगा। इससे कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों का समय भी बचेगा। फिलहाल रोडवेज बसों में परिचालकों के बैग में प्रिंट किए टिकट होते हैं, जिन पर उसी दिन की तारीख के पंच लगे हुए होते हैं। ऐसे में यात्रियों के पास भी अलग-अलग तारीख के अलग-अलग टिकट हो जाते हैं और एक भी टिकट खो जाए तो मुश्किल आ जाती है, लेकिन अब यात्रियों को इस समस्या से छुटकारा मिलने वाला है।
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मशीन बताएगी पास असली है या नकली
कुछ लोग रोडवेज बसों में सफर करते समय फर्जी पास, फर्जी टिकट बुक या अन्य कई प्रकार से फ्रॉड करते हैं। इससे रोडवेज को हजारों-लाखों रुपए का चूना लगाया जाता है। ई-टिकटिंग मशीन ऐसे फर्जी तरीके से बसों में सफर करने वाले यात्रियों को ढूंढ निकालेगी। ई-टिकटिंग मशीन को टच करते ही पास का तुरंत पता चल जाएगा कि पास असली है या नकली, क्योंकि पास होल्डरों का डाटा भी मशीन में फीड होगा।
रोडवेज डिपो में ट्रायल के तौर पर अगले माह मुख्यालय की तरफ से कुछ ई-टिकटिंग मशीनें आ जाएंगी। कंडक्टरों को ई-टिकटिंग मशीन का प्रयोग और उसके बारे में जानकारी दी जाएगी। हालांकि इससे पहले परिचालकों को ई-टिकटिंग मशीनों के बारे में ट्रेनिंग दी गई थी। जैसे ही ई-टिकटिंग मशीन के बारे में परिचालकों को पूरी जानकारी मिल जाएगी। उसके बाद मुख्यालय से आवश्यकता अनुसार मशीनें मंगवा ली जाएंगी।
अशोक कुमार, जीएम, रोडवेज डिपो, जींद।