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रोडवेज डिपो को दो माह बाद भी नहीं मिली ई-टिकटिंग मशीनें
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जींद। रोडवेज डिपो को दो माह बाद भी ई-टिकटिंग मशीनें नहीं मिली है। परिवहन विभाग ने दूसरे चरण में जींद डिपो को मशीनें मुहैया करवाने का दावा किया था।
डिपो को दूसरे चरण में ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध होनी थी, लेकिन जींद को अब तक ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। इससे पहले प्रथम चरण में दो-तीन महीने पहले कई डिपो में मशीनें भेज दी थी। जींद डिपो में 160 से अधिक रोडवेज बस हैं, जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस शामिल हैं। इन बसों पर लगभग 300 चालक व परिचालक कार्यरत हैं। रोडवेज बसों में अक्सर खुले रुपये नहीं होने से यात्री और परिचालकों की कहासुनी सामने आती है, इससे भी निजात मिलेगी। इसके अलावा डिपो में टिकटों की छपाई पर होने वाले लाखों रुपये के खर्च की बचत होगी। रोडवेज को मिलने वाली ई-टिकटिंग मशीनों में डेबिट कार्ड का भी प्रयोग किया जा सकेगा। मशीन के जरिए टिकट की रकम डिपो के खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। ई-टिकटिंग मशीनों से निकले ई-टिकट पर यात्री के बस में चढने और उतरने की जानकारी अंकित होगी। ई-टिकट कटवाने का समय और तिथि भी लिखी होगी, जिसकी जानकारी चेकिंग स्टाफ को मिल सकेगी। टिकटों की बिक्री में हेराफेरी भी नहीं हो सकेगी। विभाग की ओर से मुख्य बस डिपो में ई-टिकट सेवा शुरू करने की बात की गई थी, लेकिन अब तक ई-टिकट के लिए डिपो को शामिल नहीं किया गया है।
ई टिकटिंग मशीन के लिए जींद डिपो को दूसरे चरण में शामिल किया गया था। पहले चरण में प्रदेश के छह डिपो शामिल हुए थे। जिन डिपो में शुरुआती दौर में ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध करवाई गई थी, वहां भी मशीनें ज्यादा कारगर साबित नहीं हो रही हैं।
-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
जींद डिपो को ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। जैसे ही मुख्यालय से ई टिकटिंग मशीन आएंगी तो कर्मचारियों को उपलब्ध करवा दी जाएंगी। यह कार्य मुख्यालय स्तर का है।
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-अशोक कौशिक, रोडवेज जीएम जींद डिपो।
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डिपो को दूसरे चरण में ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध होनी थी, लेकिन जींद को अब तक ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। इससे पहले प्रथम चरण में दो-तीन महीने पहले कई डिपो में मशीनें भेज दी थी। जींद डिपो में 160 से अधिक रोडवेज बस हैं, जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस शामिल हैं। इन बसों पर लगभग 300 चालक व परिचालक कार्यरत हैं। रोडवेज बसों में अक्सर खुले रुपये नहीं होने से यात्री और परिचालकों की कहासुनी सामने आती है, इससे भी निजात मिलेगी। इसके अलावा डिपो में टिकटों की छपाई पर होने वाले लाखों रुपये के खर्च की बचत होगी। रोडवेज को मिलने वाली ई-टिकटिंग मशीनों में डेबिट कार्ड का भी प्रयोग किया जा सकेगा। मशीन के जरिए टिकट की रकम डिपो के खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। ई-टिकटिंग मशीनों से निकले ई-टिकट पर यात्री के बस में चढने और उतरने की जानकारी अंकित होगी। ई-टिकट कटवाने का समय और तिथि भी लिखी होगी, जिसकी जानकारी चेकिंग स्टाफ को मिल सकेगी। टिकटों की बिक्री में हेराफेरी भी नहीं हो सकेगी। विभाग की ओर से मुख्य बस डिपो में ई-टिकट सेवा शुरू करने की बात की गई थी, लेकिन अब तक ई-टिकट के लिए डिपो को शामिल नहीं किया गया है।
ई टिकटिंग मशीन के लिए जींद डिपो को दूसरे चरण में शामिल किया गया था। पहले चरण में प्रदेश के छह डिपो शामिल हुए थे। जिन डिपो में शुरुआती दौर में ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध करवाई गई थी, वहां भी मशीनें ज्यादा कारगर साबित नहीं हो रही हैं।
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-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
जींद डिपो को ई टिकटिंग मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। जैसे ही मुख्यालय से ई टिकटिंग मशीन आएंगी तो कर्मचारियों को उपलब्ध करवा दी जाएंगी। यह कार्य मुख्यालय स्तर का है।
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-अशोक कौशिक, रोडवेज जीएम जींद डिपो।