{"_id":"6a358de47ab00d2dd8066844","slug":"road-first-or-pipeline-councillor-opposes-46-lakh-tender-jind-news-c-199-1-jnd1005-155378-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: पहले सड़क या पाइपलाइन? पार्षद ने 46 लाख के टेंडर का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: पहले सड़क या पाइपलाइन? पार्षद ने 46 लाख के टेंडर का किया विरोध
विज्ञापन
फोटो 9 नरवाना। सवाल उठाते हुए पार्षद आशुतोष शर्मा। स्रोत पार्षद।
नरवाना। नगर परिषद की ओर से प्रेम कबाड़ी वाली गली की सड़क के निर्माण के लिए करीब 46 लाख रुपये का टेंडर जारी किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है।
वार्ड नंबर-3 के पार्षद आशुतोष शर्मा ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यदि पहले सड़क बनाई गई तो बाद में स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन बिछाने के लिए उसे दोबारा तोड़ना पड़ेगा, जिससे जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये की बर्बादी होगी।
पार्षद आशुतोष शर्मा ने बताया कि शहर में लंबे समय से गड्ढों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और कच्ची गलियों के निर्माण जैसे कई जरूरी कार्य लंबित पड़े हैं। इसके बावजूद नगर परिषद ने प्रेम कबाड़ी वाली गली की सड़क के निर्माण के लिए नया टेंडर जारी कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण जरूरी है लेकिन उससे पहले जनस्वास्थ्य विभाग की प्रस्तावित स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन का कार्य पूरा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग करीब छह करोड़ रुपये की लागत से स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन बिछाने का टेंडर पहले ही आवंटित कर चुका है और इसका ब्लू प्रिंट भी नगर परिषद को उपलब्ध कराया जा चुका है। ऐसे में सड़क निर्माण के बाद पाइपलाइन डालने के लिए उसे फिर से तोड़ना पड़ेगा।
विज्ञापन
पार्षद ने आरोप लगाया कि इसी सड़क के एक हिस्से का निर्माण तीन माह पहले लगभग 49 लाख रुपये की लागत से कराया गया था जिसे भी पाइपलाइन कार्य के दौरान उखाड़ना पड़ेगा।
उनका कहना है कि उस समय भी उन्होंने और अन्य पार्षद प्रदीप मोर और विपुल नैन ने अधिकारियों को पहले पाइपलाइन और बाद में सड़क निर्माण कराने का सुझाव दिया था लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि एक ओर नगर परिषद बजट की कमी का हवाला देती है, वहीं दूसरी ओर योजनाओं में समन्वय की कमी के कारण जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी हो रही है। उन्होंने मांग की कि फिलहाल इस राशि का उपयोग शहर में लंबित मूलभूत मरम्मत और अन्य आवश्यक विकास कार्यों पर किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी।
विज्ञापन
वार्ड नंबर-3 के पार्षद आशुतोष शर्मा ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यदि पहले सड़क बनाई गई तो बाद में स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन बिछाने के लिए उसे दोबारा तोड़ना पड़ेगा, जिससे जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये की बर्बादी होगी।
पार्षद आशुतोष शर्मा ने बताया कि शहर में लंबे समय से गड्ढों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और कच्ची गलियों के निर्माण जैसे कई जरूरी कार्य लंबित पड़े हैं। इसके बावजूद नगर परिषद ने प्रेम कबाड़ी वाली गली की सड़क के निर्माण के लिए नया टेंडर जारी कर दिया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण जरूरी है लेकिन उससे पहले जनस्वास्थ्य विभाग की प्रस्तावित स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन का कार्य पूरा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग करीब छह करोड़ रुपये की लागत से स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन बिछाने का टेंडर पहले ही आवंटित कर चुका है और इसका ब्लू प्रिंट भी नगर परिषद को उपलब्ध कराया जा चुका है। ऐसे में सड़क निर्माण के बाद पाइपलाइन डालने के लिए उसे फिर से तोड़ना पड़ेगा।
विज्ञापन
पार्षद ने आरोप लगाया कि इसी सड़क के एक हिस्से का निर्माण तीन माह पहले लगभग 49 लाख रुपये की लागत से कराया गया था जिसे भी पाइपलाइन कार्य के दौरान उखाड़ना पड़ेगा।
उनका कहना है कि उस समय भी उन्होंने और अन्य पार्षद प्रदीप मोर और विपुल नैन ने अधिकारियों को पहले पाइपलाइन और बाद में सड़क निर्माण कराने का सुझाव दिया था लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि एक ओर नगर परिषद बजट की कमी का हवाला देती है, वहीं दूसरी ओर योजनाओं में समन्वय की कमी के कारण जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी हो रही है। उन्होंने मांग की कि फिलहाल इस राशि का उपयोग शहर में लंबित मूलभूत मरम्मत और अन्य आवश्यक विकास कार्यों पर किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी।