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सील हुए अस्पताल से प्रतिबंधित और गर्भपात की दवाइयां बरामद
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अस्पताल में जांच करते स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : Jind
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दुराचार पीड़ित किशोरी का अवैध तरीके से गर्भपात करने वाले गोहाना रोड स्थित अनमोल जीवन अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को तीसरी बार छापेमारी की। इस दौरान अस्पताल संचालक नरेश भारद्वाज के परिजनों की मौजूदगी में अस्पताल से अवैध दवा व अन्य सामान को कब्जे में ले लिया।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रभु दयाल के नेतृत्व में ड्रग इंस्पेक्टर मनदीप मान के साथ अनमोल जीवन अस्पताल पहुंची। एक सप्ताह पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे सील कर दिया था। सोमवार को नरेश भारद्वाज के पिता राधेश्याम व भाई की मौजूदगी में टीम ने सील तोड़ने के बाद तमाम समान को कब्जे में ले लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों के अलावा गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों का जखीरा मिला है। अस्पताल में काफी प्रतिबंधित दवाइयां भी मिली हैं। इसके अलावा गर्भपात में इस्तेमाल हुए इंजेक्शन भी बरामद किए गए। गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को अस्पताल में दुराचार पीड़ित नाबालिग का गर्भपात करवाया गया था।
फर्जी डिग्री से बना डॉक्टर
डॉ. प्रभु दयाल के अनुसार आरोपी नरेश भारद्वाज ने पंजाब के मोहाली जिले में स्थित एक संस्थान से बीएमएस की डिग्री ली हुई है। यह डिग्री फर्जी है। डॉ. प्रभु दयाल के अनुसार जिस संस्थान की डिग्री मिली है, उसका संचालक भी पहले ही जेल में है।
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ये मिलीं दवाइयां
डॉ. प्रभु दयाल के अनुसार अस्पताल में 200 प्रतिबंधित कैप्सूल, 50 गोलियां व चार इंजेक्शन मिले हैं। इसके अलावा 20 तरह की प्रतिबंधित दवाएं मिली हैं। इनमें इंजेक्शन, मेडिकल प्रैक्टिस में इस्तेमाल होने वाला सामान व 100 गर्भ जांच किट बरामद की गई। अस्पताल से 12 प्रतिबंधित इंजेक्शन मिले हैं, जिनका इस्तेमाल गर्भपात में ही किया जाता है। वहीं एक एमटीपी किट, दो अन्य प्रतिबंधित इंजेक्शन मिले हैं। इसका प्रयोग मरीज को बेसुध करने के लिए किया जाता है। फिनारगन का एक इंजेक्शन टूटा हुआ भी मिला है।
सोमवार को ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में अस्पताल से सामान कब्जे में लिया गया है। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस पर पुलिस में एफआईआर करवाई जाएगी।
डॉ. प्रभु दयाल, डिप्टी सिविल सर्जन।
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सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. प्रभु दयाल के नेतृत्व में ड्रग इंस्पेक्टर मनदीप मान के साथ अनमोल जीवन अस्पताल पहुंची। एक सप्ताह पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसे सील कर दिया था। सोमवार को नरेश भारद्वाज के पिता राधेश्याम व भाई की मौजूदगी में टीम ने सील तोड़ने के बाद तमाम समान को कब्जे में ले लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों के अलावा गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों का जखीरा मिला है। अस्पताल में काफी प्रतिबंधित दवाइयां भी मिली हैं। इसके अलावा गर्भपात में इस्तेमाल हुए इंजेक्शन भी बरामद किए गए। गौरतलब है कि 21 अक्टूबर को अस्पताल में दुराचार पीड़ित नाबालिग का गर्भपात करवाया गया था।
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फर्जी डिग्री से बना डॉक्टर
डॉ. प्रभु दयाल के अनुसार आरोपी नरेश भारद्वाज ने पंजाब के मोहाली जिले में स्थित एक संस्थान से बीएमएस की डिग्री ली हुई है। यह डिग्री फर्जी है। डॉ. प्रभु दयाल के अनुसार जिस संस्थान की डिग्री मिली है, उसका संचालक भी पहले ही जेल में है।
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ये मिलीं दवाइयां
डॉ. प्रभु दयाल के अनुसार अस्पताल में 200 प्रतिबंधित कैप्सूल, 50 गोलियां व चार इंजेक्शन मिले हैं। इसके अलावा 20 तरह की प्रतिबंधित दवाएं मिली हैं। इनमें इंजेक्शन, मेडिकल प्रैक्टिस में इस्तेमाल होने वाला सामान व 100 गर्भ जांच किट बरामद की गई। अस्पताल से 12 प्रतिबंधित इंजेक्शन मिले हैं, जिनका इस्तेमाल गर्भपात में ही किया जाता है। वहीं एक एमटीपी किट, दो अन्य प्रतिबंधित इंजेक्शन मिले हैं। इसका प्रयोग मरीज को बेसुध करने के लिए किया जाता है। फिनारगन का एक इंजेक्शन टूटा हुआ भी मिला है।
सोमवार को ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में अस्पताल से सामान कब्जे में लिया गया है। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस पर पुलिस में एफआईआर करवाई जाएगी।
डॉ. प्रभु दयाल, डिप्टी सिविल सर्जन।