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Jind News: जिला कारागार के तिनका रेडियो से शुरू हुआ राम का भजन, चार बंदियों की टीम सुना रही भजन
Mon, 22 Jan 2024 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Updated Mon, 22 Jan 2024 12:10 AM IST
सार
बंदी जयभगवान समेत चार अन्य बंदियों की टीम राम के भजन सुना रही है। ढोलक, हारमोनियम और मटका वाद्य पर साथी बंदियों ने साथ दिया।
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जेल रेडियो के माध्यम से राम के भजन गाते बंदी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले रामलला प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान को लेकर जींद भी राममय हो चुका है। इस राममय वातावरण से जिला कारागार भी अछूता नहीं रहा है। जिला जेल में बंदी जयभगवान ने तिनका-तिनका जेल रेडियो के माध्यम से 22 जनवरी को अयोध्या के राम मंदिर में होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए मनमोहक राम भजन गया है।
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गाने को तिनका जेल रेडियो के 81वें अंक के तौर पर विशेष तौर पर प्रसारित किया जा रहा है और इसे पूरी जेल में सुनाया भी जा रहा है ताकि सभी बंंदी प्रेरित हो सकें। आए अवध में राम शीर्षक से लिखे गए इस भजन को 32 साल के बंदी जयभगवान ने भजन गायकों की टीम के साथ गाया है।
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उसके साथ चार बंदी रामरूप (ढोलक वादक), शशि (हारमोनियम वादक), सुनील (मटका वादक) और गोविंद ( मटका वादक) ने वाद्यों पर साथ दिया। गाने को रिलीज करने के अवसर पर उप अधीक्षक बीरेंद्र सिंह, उप अधीक्षक संदीप दांगी, उप सहायक अधीक्षक रमेश कुमार व अन्य जेल स्टाफ मौजूद रहा।
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जयभगवान को मिल चुका है तिनका-तिनका इंडिया अवाॅर्ड
बंदी जयभगवान को 2023 में ही जेल रेडियो के माध्यम से गायन के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए राष्ट्रीय तिनका-तिनका इंडिया अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया था। इससे पहले भी यू-ट्यूब के तिनका-तिनका जेल रेडियो पर जयभगवान की प्रतिभा को सुनाया जा चुका है।
संस्थापक वर्तिका नंदा ने इसे राष्ट्रीयता से जोड़ा
रेडियो संस्थापक डाॅ. वर्तिका नंदा का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद जयभगवान ने इस खूबसूरत भजन को गया है। जब बाहर की दुनिया प्राण प्रतिष्ठा को आजादी के साथ मना रही है। जेल का बंदी जेल रेडियो के माध्यम से अपनी खुशी का इजहार कर रहा है। यह सौभाग्य है कि ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर जेल रेडियो ने बंदियों के भक्तिभाव को प्रस्तुत करने में एक बड़ी भूमिका अदा की है।
जेल रेडियो सकारात्मक बदलाव ला रहा
जिला कारागार अधीक्षक संजीव बुधवार ने बताया कि जेल रेडियो के माध्यम से बंदी अपने जीवन पर या किसी अच्छे कार्य के बारे में अपने विचार साझा और अपनी छिपी हुई प्रतिभा को उजागर कर सकते हैं। जेल रेडियो के संचालन का मुख्य कारण बंदियों के भीतर सकारात्मक बदलाव लाना है।
2021 में हुई थी जेल रेडियो की शुरुआत
तिनक-तिनका फाउंडेशन की संस्थापक डाॅ. वर्तिका नंदा ने 2021 में हरियाणा की जेलों में जेल रेडियो की शुरुआत की थी। जिन जेलों में रेडियो सुचारु रूप से चल रहा है, उनमें से एक जींद जेल का रेडियो भी है।