फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   rajypal speach,jind

भारत का विश्व बनाने के लिए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ देने होंगे संस्कार : राज्यपाल

Sun, 27 Nov 2016 11:54 PM IST
jind
jind Updated Sun, 27 Nov 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
rajypal speach,jind
नए शैक्षणिक ब्लॉक की आधार शिला का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल व अन्य। - फोटो : bureau
 हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि विश्व में भारत का डंका बजाना है तो न केवल बच्चों की शिक्षा की तरफ ध्यान देना होगा बल्कि उन्हें संस्कारित भी करना होगा। 1966 में बने हरियाणा प्रदेश में मात्र 25 प्रतिशत ही शिक्षित लोग थे। 50 साल के बाद हरियाणा ने शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है, परिणाम स्वरूप आज प्रदेश 84 प्रतिशत शिक्षित है। खास बात यह है कि इस प्रदेश की 66 प्रतिशत महिलाएं भी शिक्षित हैं, जो प्रदेश की आधी आबादी है। राज्यपाल रविवार को कस्बे के कलीराम डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित सिल्वर जुबली कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल प्राचार्या रश्मि विद्यार्थी ने की। इस दौरान राज्यपाल ने स्कूल में नए शैक्षणिक ब्लॉक की आधारशिला भी रखी। इस मौके पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी पेश कीं। कार्यक्रम में स्कूल प्रशासन ने स्कूल न्यूज लेटर का प्रकाशन भी किया। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी परिवार और देश को आगे बढ़ाने में बच्चों की अहम भूमिका होती है। परिवार में शिक्षा व संस्कारों का समावेश होगा तो परिवार पूरे समाज में अपनी अलग प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकता है, उसी प्रकार से देश को भी विश्व भर में अलग से सम्मान मिलता है। सरकार ने प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए करीब 43 यूनिवर्सिटी स्थापित की हैं। राज्यपाल ने कहा कि पैसा हाथ का मैल के बराबर होता है। इसके पीछे मानव को कभी नहीं पड़ना चाहिए। अगर किसी चीज के पीछे पड़ना ही है तो अपने बच्चों को संस्कारित करने के पीछे पड़ें। यही सबसे बड़ा धन होता है। देश का भविष्य बच्चों के साथ जुड़ा हुआ है, इसलिए भारत के भविष्य को स्वर्णिम बनाना है तो बच्चों को हर हाल में उच्च गुणवत्ता परक शिक्षा दिलवाना तथा संस्कारित करना होगा। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद ने देश को अंध विश्वास और मक्कड़ जाल से लोगों को बाहर निकालने के लिए 1885 में लाहौर में डीएवी संस्था की नींव रखी थी। देश के बंटवारे के बाद यह कमेटी दिल्ली में विस्थापित हो गई थी। उन्होंने कहा कि डीएवी संस्थानों के कार्य का इसी बात से पता चलता है कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने अपने 72 सरकारी स्कूलों को डीएवी संस्था की देखरेख में दे दिया है।
विज्ञापन

  राज्यपाल ने महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती व देश के अन्य महान संतों ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए देश के लोगों को शिक्षित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों को अपनी संस्कृति से जुड़ कर वैदिक शिक्षा की ओर अग्रसर होना चाहिए, ताकि बच्चें में संस्कारों के साथ-साथ आत्मिक ज्ञान भी हो सके। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं के लिए जमीन दान में देने वाले महान पुरुषों में सेठ कलीराम भी एक थे, जिन्होंने सफीदों के डीएवी पब्लिक स्कूल के लिए दो एकड़ जमीन दान कर इस विद्यालय की स्थापना करवाई। आज देश की 9 हजार डीएवी शिक्षण संस्थाओं में 20 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें 6 हजार अध्यापक विद्या का दान दे रहे हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यालय की मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। विद्यालय की प्राचार्या रश्मि ने स्कूल की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों बारे विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक जसबीर देशवाल, स्कूल चेयरमैन रविंद्र कुमार, महेश चोपड़ा, डीसी विनय सिंह, एसएसपी शशांक आनंद, डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा, एडवोकेट बृजेश अग्रवाल, बीइओ डॉ. नरेश वर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन


पंचायत भी बनी पढ़ी-लिखी : राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि प्रदेश आज देश का पहला राज्य बन गया है, जहां पंचायतें भी पढ़ी-लिखी बनी हैं। इससे पहले राजस्थान ने ये प्रयास किया था, लेकिन वहां की सरकार इसे करने में विफल रह गई थी। उन्होंने कहा कि भले ही इसका विरोध हुआ हो, लेकिन आज सभी इसको महसूस कर आनंदित हो रहे हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed